Saturday, November 27, 2021 10:56 PM

अब जाम से राहत... विधानसभा से सीधा बस स्टैंड

स्मार्ट सिटी के तहत शहर में बनेंगे फ्लाईओवर; लोगों को विधानसभा-विक्ट्री टनल मार्ग पर लग रहे जाम से मिलेगी निजात, आसान होगा सफर

बृजेश चौहान-शिमला राजधानी शिमला को स्मार्ट सिटी बनाने के प्रोजेक्ट के तहत सर्कुलर रोड को चौड़ा करने के साथ-साथ अब इस पर फ्लाईओवर भी बनाए जांएगे। शहर के सबसे व्यस्तम मार्ग विधानसभा विक्ट्री टनल मार्ग पर अब लोगों को जाम में फंसने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा। लोगों की सुविधा और जाम के निजात दिलाने के लिए विधानसभा से ओल्ड बस स्टैंड तक एक फ्लाईओवर बनाया जाएगा, जिससे लोग आसानी ने शहर में दाखिल हो सकेंगे। इस मार्ग पर आए दिन जाम के चलते लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ती है। बाहरी राज्यों से आ रहे पर्यटक भी इसी मार्ग से शिमला आते है, जबकि दूसरे जिलों से शिमला पहुंच रहे लोगों को भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ता है। वहीं न्यू बस स्टैंड को भी ज्यादतर आवाजाही यहीं से होती है, जिसके चलते एमएलए क्रॉसिंग से लेकर विधानसभा और विधानसभा से लेकर विक्ट्री टनल तक कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है और मात्र 4 किलोमीटर के सफर में लोगों को घटों बीते जाते है।

ऐसे में लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए विधानसभा से लेकर ओल्ड बस स्टैंड तक एक फ्लाईओवर का निमार्ण किया जाएगा। हालांकि जहां यह फ्लाईओवर बनना है, वहां पर अभी रेलवे के साथ जमीन विवाद चल रहा है। ऐसे में अभी तक रेलवे की ओर से निमार्ण की अनुमति नहीं मिल पाई है। प्रदेश सरकार को पहले रेलवे को 3 से 4 करोड़ के करीब बाकाया पैसा देना है, जिसके बाद ही इस पर आगे कार्रवाई की जाएगी। इस फ्लाईओवर के बनने से जहां एक ओर लोगों को जाम से काफी राहत मिलेगी, तो दूसरी ओर फ्लाईओवर के जरिए लोग सीधा शहर में दाखिल हो सकेंगे। वहीं स्मार्ट सिटी के अधिकारियों की माने तो अभी आचार संहिता के चलते इस प्रोजेक्ट का काम रूका हुआ है, चुनावों के बाद ही इस पर आगे काम शुरू किया जाएगा। (एचडीएम)

इसलिए अहम है यह मार्ग

टुटू, बालूगंज, समरहिल, न्यू बस स्टैंड, शोघी, चक्कर समेत कई ग्रामीण क्षेत्रों और बाहरी राज्यों से लेकर बाहरी जिलों की बसें तथा गाडिय़ां यहीं से होकर शिमला पहुंचती हैं। क्योंकि सरकार के कई मुख्य दफ्तर माल रोड़, छोटा शिमला और कसुंप्टी में है। इसलिए टुटू, बालूगंज, समरहिल, न्यू बस स्टैंड, शोघी समेत इस ओर पडऩे वाले ग्रामीण क्षेत्रों से शिमला पहुंच रहे लोग इसी मार्ग से आते है। यहां से रोजाना हजारों गाडिय़ां गुजरती हैं। जबकि पुलिस को हर वक्त यहां दो से तीन जवान तैनात करने पड़ते हैं, ताकि वाहनों की आवाजाही पर कोई असर न पड़े।