Tuesday, November 30, 2021 09:31 AM

अफसरों ने ध्वाल पुल का किया निरीक्षण

धीमे काम पर स्थानीय लोगों ने विभागीय अधिकारियों के समक्ष जताया रोष

स्टाफ रिपोर्टर-सुंदरनगर सतलुज नदी पर निर्माणाधीन ध्वाल पुल का लोक निर्माण विभाग के मंडी वृत्त के अधीक्षण अभियंता ई. केके कौशल, निरीक्षण किया और निर्माण कार्यों सहित ठेकेदार की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। इस दौरान ठेकेदार मौजूद नहीं रहा। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के मंडी वृत्त के अधीक्षण अभियंता ई. केके कौशल के साथ सुंदरनगर मंडल के अधिशासी अभियंता ई. देवी राम चौहान सहित डैहर के सहायक अभियंता ई. हितेश वर्मा मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर निर्माण कार्य की देरी को देख कर स्थानीय लोगों ने विरोध जताया है और मौके पर आए अधिकारियों से युवक मंडल के प्रधान व समाजसेवी देशराज ठाकुर के नेतृत्व में दिलाराम मस्तराम चंदेल हरि सिंह वर्मा, कृष्ण लाल, जगदीश, अरुण शर्मा सहित ग्रामीणों ने विभाग से निर्माण कार्य करने में असफल रहे ठेकेदार को हटाकर नए टेंडर करने के मांग की है। विभाग द्वारा सुंदरनगर के ध्वाल में सतलुज नदी पर 17.61 करोड की लागत के 156 मीटर लंबे पुल निर्माण कार्य में की जा रही देरी को लेकर यह कार्रवाई अमल में लाई है। ठेकेदार को बार बार बुलाने पर वह विभाग के समक्ष पेश नहीं हो रहा है। जिस पर विभाग हरकत में आया है। दस दिन पहले भी ठेकेदार ने विभाग को मेल भेज कर आने में आनाकानी की है। प्रस्तावित पुल के निर्माण का कार्य एक साल से पूरी तरह से बंद पड़ा है।

क्या है सतलुज नदी के पुल का मामला सतलुज नदी पर पुल का निर्माण जनहित में प्रदेश के उच्च न्यायालय के आदेश पर वर्ष 2017 को शुरू किया और इसे मार्च 2018 तक बनाने का समय दिया गया। बीबीएमबी को 17.61 करोड़ की राशि देने और पुल के निर्माण का काम लोक निर्माण विभाग को सौंपा है। आरोप है कि ठेकेदार और विभाग की अनदेखी के चलते कार्य भी नहीं किया है। जिसके परिणाम स्वरूप दर्जनों पंचायतों के ग्रामीण करीब 20 किलोमीटर दूरी अधिक तय करनी पड़ रही है।