Tuesday, April 13, 2021 11:00 AM

बागबानी को एक हजार करोड़

टेकचंद वर्मा - शिमला

हिमाचल प्रदेश में विश्व बैंक पोषित बागबानी विकास परियोजना के तहत एक हजार करोड़ रुपए से बागबानी को निखारा जाएगा। इसमें पांच लाख पौधों का आयात किए जाएंगे। 200 जल उपभोक्ता संगठनों के माध्यम से 8000 हेक्टेयर पर कोमाड एरिया डिवेलपमेंट के लिए सिंचाई संबंधित कार्य किया जाएगा। जरोल-टिक्कर, रोहड़ू, ओडी, पतलीकूहल और टुटूपानी में सीए स्टोर और पैक हाउस का निर्माण पूरा किया जाएगा।

पराला, शिमला स्थित संयंत्र में एप्पल जूस उद्योग की स्थापना की जाएगी। सब-ट्रॉपिकल क्षेत्रों में बागबानी को बढ़ावा देने के लिए एडीबी की सहायता से करीब 10 मिलियन अमरीकी डॉलर की पायलट योजना के कार्यान्वयन को गति दी जाएगी। कृषि उत्पाद संरक्षण (एंटी हेलनेट) योजना’ के अंतर्गत 2021-22 में भी किसानों और बागबानों को हेलनेट के लिए उपदान दिया जाएगा। 2017-18 में एंटी हेलनेट पर उपदान के लिए मात्र 2.27 करोड़ का प्रावधान था। आगामी साल में इस पर 60  करोड़ व्यय किए जाएंगे, जो कि 2020-21 से 10 करोड़ अधिक हैं। बागबानी क्षेत्र के लिए 2021-22 में 543 करोड़ का प्रावधान किया गया है।