Sunday, March 07, 2021 05:47 PM

अस्पतालों में जल्द होंगे ऑपरेशन

भेडू महादेव, संधोल, बथेरी, उटप व गवेला पंचायतों में आज व 23 को वोटिंग

शकील कुरैशी — शिमला

राज्य चुनाव आयोग ने पंचायती राज संस्थाओं के हो रहे चुनाव में पांच जगहों पर री-पोलिंग करवाने का निर्णय लिया है। री-पोलिंग से जुड़े आदेश बुधवार को चुनाव आयोग ने कर दिए हैं। संबंधित जिलाधीशों को कहा गया है कि वे सही तरह से दोबारा यहां पर चुनाव करवाएंगे, जिसकी तारीख आयोग ने 21 व 23 जनवरी तय की है। इन पांच जगहा ेंपर पोलिंग में लगे अधिकारियों की गलती भारी पड़ी है, जिसके चलते यहां चुनाव दोबारा से करवाना होगा। ये मामले थुरल के भेडू महादेव ब्लॉक के वार्ड नंबर तीन में तथा ग्राम पंचायत संधोल में सामने आए हैं। इनमें अधिकारियों की गलती मानी गई है, जिसमें उन पर कार्रवाई भी की जा सकती है। कार्रवाई के बारे में जिलाधीशों से आयोग ने रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद एक्शन होगा। जो दिलचस्प मामले सामने आए हैं, उनमें  भेडू महादेव के वार्ड नंबर तीन में एआरओ सुषमा नाम में उलझ गया। ग्राम पंचायत थुरल के अधीन आने वाले इस वार्ड में दो महिला प्रत्याशी थीं, जिनका नाम सुषमा था और इसी नाम में एआरओ गलती कर बैठे, जिसके चलते वहां शिकायत हुई है और अब चुनाव आयोग ने वहां चुनाव दोबारा से करवाने को कहा है।

 इस पर आदेश जारी कर दिए गए हैं। पंचायत समिति का यह चुनाव 21 जनवरी को होगा। वहीं, ग्राम पंचायत संधोल के वार्ड नंबर 5 में बैलेट पेपर पर वोटर का ही नाम लिख दिया गया था। इतना ही नहीं, इसमें दिलचस्प पहलू है कि जिस पोलिंग ऑफिसर ने यह कारनामा किया, वह 17 जनवरी के चुनाव में भी ऐसा ही करके आया है, मगर वहां पर किसी ने भी इसकी शिकायत नहीं की। बैलेट पेपर पर प्रत्याशी का नाम होता है, लेकिन पोलिंग अफसर ने मतदाताओं के नाम अंकित कर दिए। यहां पर भी 21 को चुनाव होगा, वहीं संधोल से पूर्व वह गवेला पंचायत में भी यही कारनामा करके आया था, जिस पर उसने बाद में बताया। ऐसे में संधोल व गवेला में भी दोबारा से चुनाव करवाया जाएगा, जोकि 21 जनवरी को रखा गया है। मंडी की बथेरी पंचायत में  उपप्रधान का चुनाव 23 जनवरी को रखा गया है, वहीं नादौन की उटप पंचायत के वार्ड नंबर तीन में 21 जनवरी को दोबारा से पोलिंग होगी। राज्य चुनाव आयोग के निर्वाचन अधिकारी संजीव महाजन ने इसकी पुष्टि की है। (एचडीएम)

इंदौरा ब्लॉक की बसंतपुर पंचायत में हुए प्रकरण की रिपोर्ट तलब

हिमाचल के चुनाव आयेग ने इंदौरा ब्लॉक की बसंतपुर पंचायत में हुए मामले पर भी रिपोर्ट तलब की है। वहां पर एसडीएम तक को लोगों ने नतीजों वाली रात को बंधक बना लिया था। यहां प्रधान पद के लिए हुए चुनाव पर विवाद चल रहा है, जिस पर चुनाव आयोग ने रिपोर्ट तलब की है।

निजी संवाददाता—भोरंज

उपमंडल भोरंज में पंचायत चुनाव बड़े ही रोचक हो रहे हैं। कई जगह भाई-भाई में मुकाबला हो रहा है, तो कई जगह देवरानी व जेठानी में कड़े मुकाबले देखने को मिल रहे हैं। विकास खंड भोरंज में दूसरे चरण के चुनावों में ग्राम पंचायत करहा के वार्ड नंबर पांच में वार्ड सदस्य का बड़ा रोचक मुकाबला देखने को मिला। वार्ड पांच से देवरानी और जेठानी चुनावी मैदान में थीं। दोनों ही परिवार कुछ समय पहले एक साथ रहते थे, लेकिन पारिवारिक कारणों से दोनों अलग-अलग हो गए, जिससे परिवारिक लड़ाई ने दोनों परिवारों को चुनावी मैदान में पहुंचा दिया। जेठानी पुष्पा देवी और देवरानी कमलेश कुमारी में यह मुकाबला हुआ, जिसमें कड़ी टक्कर हुई। लोगों ने देवरानी के पक्ष में 60 वोट और जेठानी को 44 वोट डाले। इससे देवरानी को 16 वोट से हार का सामना करना पड़ा। ग्राम पंचायत करहा के सभी पांच वार्डों की निगाह चुझाणी वार्ड नंबर पांच पर टिकी हुई थीं। लोग भी इस वार्ड से वार्ड सदस्य के चुनाव को लेकर खासे उत्साहित थे।

दिव्य हिमाचल ब्यूरो—हमीरपुर

विकास खंड नादौन की उटप पंचायत के बाद अब विकास खंड भोरंज की ग्राम पंचायत पट्टा में भी बैलेट पेपर पर मतदाता का नाम अंकित होने का मामला सामने आया है। पंचायत से उपप्रधान पद के प्रत्याशी रहे मुकेश कुमार ने इसकी ऑनलाइन शिकायत करने की बात कही है। इस बारे में एसडीएम भोरंज और रिटर्निंग अधिकारी डा. राकेश शर्मा की मानें, तो जब भी ऐसे वोट कभी डाले जाते हैं, तो एक्ट में प्रावधान है कि काउंटिंग के समय उन्हें रिजेक्ट कर दिया जाता है।

उन्होंने बताया कि बैलेट पेपर पर स्टेंप के अलावा किसी भी तरह का निशान नहीं लगाया जा सकता। यदि ऐसा होता है, तो उस वोट को काउंट ही नहीं किया जाता। जानकारी के मुताबिक पट्टा पंचायत से उपप्रधान का चुनाव हारे मुकेश कुमार ने लिखित शिकायत में कहा है कि 17 जनवरी को उनकी पंचायत में मतदान हुआ था। काउंटिंग के समय पाया गया कि कुछ बैलेट पेपर पर मतदाताओं के नाम भी अंकित किए गए थे। मतदान एक गुप्त प्रक्रिया है। इस तरह नाम अंकित होने से, तो गुप्त मतदान का कोई औचित्य ही नहीं रह जाता, क्योंकि सबको पता लग जाता है कि किसने किसे वोट डाला है। उन्होंने अंदेशा जताया कि जब वहां ड्यूटी पर सरकारी मुलाजिम होते हैं, तो इस तरह के वाकया कैसे सामने आते हैं।

जिला में कई जगह मतगणना पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप

दिव्य हिमाचल ब्यूरो—ऊना

पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में मतगणना को लेकर कई स्थानों पर रोष के स्वर उठे हैं। कांग्रेस पार्टी ने सत्ताधारी दल भाजपा पर सत्ता के दबाव में मतगणना को प्रभावित करने के आरोप दागे हैं। पंचायती राज संस्थाओं के दूसरे चरण के चुनाव के तहत कुटलैहड़ विस क्षेत्र के तहत नारी पंचायत में पंचायत प्रधान पद की मतगणना में भाजपा समर्थित प्रधान को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को नारी गांव में प्रदर्शन किया, वहीं ऊना विस क्षेत्र के मजारा गांव में पंचायत प्रधान पद की मतगणना को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर सत्ता का दुरुपयोग करने व कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी को हराने का आरोप लगाते हुए उपायुक्त ऊना राघव शर्मा को ज्ञापन प्रेषित किया। कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा व कुटलैहड़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विवेक शर्मा ने पत्रकारों से कहा कि जयराम सरकार सत्ता का प्रभाव दिखाकर पंचायतों के चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि नारी गांव में कांग्रेस प्रत्याशी को पहले 10 मतों से हरा दिया गया, वहीं रि-काउंटिंग को अवैध मतों को भाजपा के पक्ष में गिनकर एक तरफा चुनाव नतीजा घोषित कर दिया गया।  पंचायत प्रधान का चुनाव लड़ रहे कुलदीप चंद व उनके महिलाओं सहित पारिवारिक सदस्यों पर पुलिस ने डंडे बरसाकर बर्बरता दिखाई। मतगणना में कथित धांधली के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने नारी गांव में धरना-प्रदर्शन भी किया। करीब चार घंटे तक बाबा डेरा-टक्का मार्ग को जाम कर दिया गया, जिसे बाद में एसडीएम ऊना डा. सुरेश जसवाल व तहसीलदार विजय राय ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाकर खुलवाया।

आखिरी चरण के लिए 1137 पंचायतों में सुबह आठ बजे से मतदान

विशेष संवाददाता—शिमला

राज्य में तीसरे व आखिरी चरण का मतदान करवाने का समय आ गया है। गुरुवार सुबह आठ बजे से मतदान का दौर शुरू हो जाएगा। आखिरी दौर में  प्रदेश की 1137 पंचायतों में चुनाव करवाया जाएगा, जिसके लिए बुधवार शाम सभी पोलिंग पार्टियां अपने-अपने पोलिंग बूथ तक पहुंच गईं। आखिरी चरण में पंचायती राज संस्थाओं के जिलावार आंकड़ों की बात करें, तो बिलासपुर में अब 56 पंचायतों में चुनाव होगा, वहीं चंबा में 83 पंचायतों में चुनाव करवाया जाएगा, जबकि हमीरपुर में 81 पंचायतें हैं। कांगड़ा में सबसे अधिक 264 पंचायतें आखिरी दौर के लिए रखी गई हैं। किन्नौर जिला की 24 पंचायतों में इस दिन चुनाव होगा, वहीं कुल्लू जिला की 76 पंचायतें, मंडी की 181, शिमला की 135, सिरमौर की 84, सोलन जिला की 76 तथा ऊना जिला की 77 पंचायतों में आखिरी चरण का मतदान करवाया जाएगा।

कुल 6457 पोलिंग पार्टियां इस चुनाव को करवाएंगी। इसके साथ राज्य में पंचायती राज संस्थाओं का चुनाव समाप्त हो जाएगा और 27 जनवरी को सभी पदाधिकारी शपथ ग्रहण करेंगे। चुनाव प्रक्रिया को पूरा करवाने के लिए जिला स्तर पर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शुक्रवार को पंचायत समिति व जिला परिषदों के चुनाव नतीजे भी सामने आ जाएंगे, जिसके बाद ग्रामीण संसद बैठ जाएगी।

शौर्य चक्र विजेता तीसरी बार उपप्रधान

गगरेट— सरहद पर दुश्मन के दांत खट्टे करने वाले शौर्य चक्र विजेता कै. सुशील कुमार अपनी ग्राम पंचायत नंगल जरियालां में लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। यही वजह है कि जनता ने कै. सुशील कुमार को लगातार तीसरी बार उपप्रधान की कुर्सी पर बिठाया है।

यहां चुनाव

बिलासपुर 56

चंबा       83

हमीरपुर   81

कांगड़ा    264

किन्नौर    24

कुल्लू      76

मंडी       181

शिमला    135

सिरमौर    84

सोलन     76

ऊना       77

मंडी के दो निकायों में बदले समीकरण, सांसद रामस्वरूप नहीं बचा सके लाज

अमन अग्निहोत्री—मंडी

नगर निकायों के चुनावों में हारी बाजी को भाजपा ने नगर निकायों की सरदारी की जंग में जीत लिया है। नगर निकाय चुनाव में पार्टी समर्थित प्रत्याशियों की जीत में पिछड़ने के बाद भी भाजपा ने नगर परिषद सरकाघाट और नगर परिषद नेरचौक में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के पद पर कब्जा जमा लिया है। एक तरफ जहां सरकाघाट के विधायक कर्नल इंद्र और बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी समेत अन्य नेताओं की रणनीति से इन दो निकायों में भाजपा के हाथ बाजी लगी है, वहीं जोगिंद्रनगर में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बन गए हैं। मंडी के सांसद रामस्वरूप शर्मा अपने ही घर में पार्टी की लाज नहीं बचा सके हैं। यही नहीं, विधायक प्रकाश राणा की भी सारी रणनीति को कांग्रेस ने यहां धूल चटा दी। जोगिंद्रनगर में भाजपा की आपसी फूट का नुकसान पार्टी को लगातार सहना पड़ रहा है। विस चुनावों में हार के बाद निकाय चुनाव में भी पार्टी की करारी हार हुई है।

 मंडी जिला में चार नगर परिषदों में से अब तीन में भाजपा के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बन गए हैं। सुंदरनगर नगर परिषद में पहले ही भाजपा के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पूर्ण बहुमत के साथ बन चुके हैं, वहीं अब बुधवार को हुए चुनाव में नगर परिषद नेरचौक में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के भाजपा और कांग्रेस में मुकाबला टाई होने के बाद भी ड्रा में दोनों पदों पर भाजपा को बाजी हाथ लगी है। सरकाघाट में भाजपा ने कांग्रेस से एक पार्षद छीन कर अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का ताज अपने सिर कर लिया है। यहां हालांकि पहले कांग्रेस भाजपा के एक पार्षद को अपने साथ लेकर अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनाने की तैयार कर चुकी थी, लेकिन भाजपा ने एक ही रात में कांग्रेस के मंसूबे पलट दिए। उधर, नगर पंचायत रिवालसर में अध्यक्ष पद जहां कांग्रेस के खाते में गया है, वहीं उपाध्यक्ष पर निर्दलीय को बाजी हाथ लगी है। नगर पंचायत करसोग में पहले ही कांग्रेस अपना अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बना चुकी है। (एचडीएम)

निजी संवाददाता - गलोड़

ग्राम पंचायत चंगर के तहत गलोट क्षेत्र के युवक की जहरीला पदार्थ निगलने से मौत हो गई। युवक को गंभीर हालत में हमीरपुर मेडिकल कालेज से टांडा मेडिकल कालेज रैफर किया गया था, जहां पर मंगलवार रात को ही युवक ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।  मामले में गहनता से जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार गलोट क्षेत्र के 22 वर्षीय युवक ने मंगलवार को किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। युवक बीएससी फाइनल वर्ष का छात्र बताया जा रहा है। जहर खाने के बाद जैसे ही उसकी तबीयत खराब होने लगी, परिजन इसे इलाज के लिए गलोड़ अस्पताल ले आए।

वहां से युवक को मेडिकल कालेज एवं अस्पताल हमीरपुर रैफर कर दिया गया। वहां पर युवक की तबीयत और बिगड़ने पर उसे टांडा मेडिकल कालेज रैफर किया गया, लेकिन मंगलवार रात को ही युवक की टांडा में मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि मृतक अपने माता पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। वहीं, पुलिस मामले की गहनता से जांच में जुट गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।

विभाग की तैयारी, कोरोना के चलते नहीं हो पा रहा था इलाज

स्टाफ रिपोर्टर - शिमला

राज्य के अस्पतालों में साधारण ऑपरेशन शुरू करने की तैयारियां हो चुकी हैं। मेडिकल कॉलेजों में रूटीन के मरीजों को ऑपरेशन करने की तारीखें दी जा रही हैं,  जबकि इससे पहले मरीजों को दवा देकर घर भेज दिया जाता था, लेकिन अब ऑपरेशन की तारीखें मिलने से यह साफ हो गया है कि राज्य में कोविड का प्रकोप कम हुआ है और अब जल्द ही सामान्य ओपीडी शुरू होने वाली है। कुछ अस्पतालों को सरकार ने कोविड अस्पताल से डी-नोटिफाई भी कर दिया है। ऐसे में यहां पर भी अब सामान्य ओपीडी समेत अन्य छोटे-बड़े ऑपरेशन शुरू किए जाने हैं। हिमाचल में कोरोना महामारी सामान्य होती जा रही है, जिससे सरकार अब राज्य के मेडिकल कालेजों में रूटीन के ऑपरेशन शुरू करने की योजना तैयार कर रही है। आईजीएमसी, टीएमसी, हमीरपुर मेडिकल कालेज समेत अन्य मेडिकल कालेजों में भी तरह के रूटीन के ऑपरेशन शुरू होने जा रहे हैं। आईजीएमसी में तो लोगों को तारीखें दी जा रही हैं, यहां पर पत्थरी, अल्सर समेत अन्य छोटी सर्जरियों के लिए मरीजों को तारीखें देना शुरू कर दिया गया है, जबकि डीडीयू अस्पताल में भी अस्पताल प्रबंधन ने अस्पताल को सुचारू रूप से चलाने के लिए जद्दोजहद शुरू कर दी है।

 जल्द ही इसे सेनेटाइज करवाया जाएगा। गौरतलब है कि मार्च, 2020 से राज्य के सभी मेडिकल कालेजों समेत जोनल अस्पतालों में रूटीन की ओपीडी समेत रूटीन ऑपरेशन भी बंद कर दिए गए थे। इससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अगर किसी को आपात जरूरत होती थी, तो ही उसका ऑपरेशन किया जा रहा था, लेकिन अब धीरे-धीरे राज्य में कोविड की स्थिति ठीक होती जा रही है, जिसको लेकर अब सरकार रूटीन की सर्जरी समेत अन्य ओपीडी शुरू करने का विचार कर रही है।

प्रदेश में इस महीने कोविड से 36 लोगों की गई जान

स्टाफ रिपोर्टर - शिमला

हिमाचल में इस माह अब तक कोरोना संक्रमण के 1747 मामले सामने आए हैं, वहीं 3807 कोरोना पॉजिटिव लोग ठीक होकर घर भी जा चुके हैं। इसके साथ ही इस माह अभी तक 36 कोरोना संक्रमितों की जान गई है। राज्य का रिकवरी रेट भी 97.38 फीसदी है, जबकि डेथ रेट अभी भी 1.67 फीसदी बना हुआ है। राज्य में अभी तक कोरोना संक्रमण से 955 लोगों की मौत हो चुकी है। बुधवार को हिमाचल में 27 नए संक्रमण के मामले सामने आए हैं। पांच शिमला से, कांगड़ा से पांच, सोलन-हमीरपुर से 4-4, लाहुल-स्पीति, मंडी से 3-3, कुल्लू में दो और चंबा में एक संक्रमित मरीज मिला है। इसके अलावा 72 मरीज इस वायरस से ठीक होकर घर भी गए हैं। इनमें सिरमौर में 22, शिमला में 14, सोलन में 11, हमीरपुर, कांगड़ा, बिलासपुर से 5-5, मंडी में चार, कुल्लू तीन, ऊना दो, चंबा एक, मरीज ठीक हुआ है।

राज्य में अभी तक कोरोना संक्रमण से 57 हजार 046 संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 55 हजार 536 ठीक होकर घर जा चुके हैं। शिमला में 10 हजार 303 संक्रमित हुए, जबकि यहां पर ठीक होने वाले मरीजों की आंकड़ा भी 10 हजार के पास है। ऐसे में सबसे ज्यादा बीमार भी यहीं हुए और ठीक भी यहीं पर हुए, जबकि मौतें भी शिमला में सबसे ज्यादा हुई है, यहां पर 262 ने दम तोड़ा है। राज्य में अभी तक आठ लाख 91 हजार 354 के सैंपल जांच को लिए जा चुके हैं। इनमें से आठ लाख 33 हजार 733 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। हालांकि अब हिमाचल में स्वास्थ्य विभाग ने कोविड के सैंपलों की रफ्तार धीमी हो गई है, जिससे कम ही मरीज सामने आ रहे हैं। अगर ज्यादा सैंपल लिए जाएंगे तो ज्यादा मरीज विभिन्न जिलों में मिल सकते हैं।