Tuesday, April 13, 2021 09:14 AM

विपक्ष के तीखे सवाल लेंगे सरकार का इम्तिहान: विधानसभा का बजट सत्र आज से

प्रतिमा चौहान — शिमला

हिमाचल प्रदेश की 13वीं विधानसभा का 11वां बजट सत्र शुक्रवार से शुरू होगा।  कोविड काल में होने वाले इस बजट सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में सख्ती होगी। मंत्रियों से लेकर विधायकों के साथ केवल एक  ही निजी सहायक आ पाएंगे। अहम यह है कि पिछले वर्ष कोविडकाल की वजह से 21 मार्च को बीच में ही सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा था। वहीं सात से 11 दिसंबर, 2020 तक प्रस्तावित विधानसभा के शीतकालीन सत्र को भी स्थगित करना पड़ा था। उसके बाद से अब शुक्रवार को कोविड के बीच सत्र की कार्यवाही चलेगी। कोविड की गाइडलाइन व सख्ती के बीच इस बार सदन में जनता से जुड़े मुद्दे गूंजेंगे। 20 मार्च तक चलने वाले सत्र में इस बार केवल 17 बैठकें ही आयोजित होंगी। इसके साथ ही छह मार्च को सीएम जयराम ठाकुर वर्ष 2021-2022 का बजट पेश करेंगे। शुक्रवार को 11 बजे राज्यपाल के अभिभाषण के साथ सत्र का आरंभ होगा।

 पांच मार्च व 19 मार्च के दो दिन गैर सरकारी सदस्य कार्य दिवस के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा 17 दिन तक चलने वाली विधानसभा सत्र की दो बैठकें शनिवार को भी होंगी, जिसमें एक बैठक 20 मार्च को होगी, वहीं दूसरे शनिवार को छह मार्च को जयराम ठाकुर बजट पेश करेंगे। कोरोना काल में हो रहे इस बजट सत्र में ज्यादा संख्या में प्रतिनिधिमंडल भी नहीं आ पाएंगे। अगर कोई प्रतिनिधिमंडल सीएम व मंत्रियों से मिलना चाहता है, तो उसमें एक व दो सदस्यों को ही परिसर में आने की अनुमति होगी। इस बार बजट सत्र मेंकुल 650 तांराकित प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई है, जिसमें 426 ऑनलाइन व 224 ऑफलाइन प्राप्त हुए हैं, जबकि 230 अतांराकित प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें 117 ऑनलाइन व 113 ऑफलाइन प्राप्त हुई है। अहम यह है कि इस बार विपक्ष की ओर से जो सवाल विधानसभा में लगाए गए है, उसमें ज्यादातर बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी, सड़कों की दयनीय स्थिति, स्वीकृत सड़कों की डीपीआरएस, प्रदेश में महाविद्यालयों, स्कूलों, स्वास्थ्य संस्थानों इत्यादि का उन्नयन एवं विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की पूर्ति, पर्यटन, उद्यान, पेयजल की आपूर्ति, युवाओं में बढ़ते नशे के प्रयोग की रोकथाम, बढ़ते अपराधिक मामलों व सौर ऊर्जा तथा परिवहन व्यवस्था से जुड़े हुए हैं। (एचडीएम)

650 तारांकित-230 अतारांकित प्रश्न

इस बार बजट सत्र मेंकुल 650 तारांकित प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई है, जिसमें 426 ऑनलाइन व 224 ऑफलाइन प्राप्त हुए हैं, जबकि 230 अतांराकित प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें 117 ऑनलाइन व 113 ऑफलाइन प्राप्त हुई है।

विपक्ष ने दिए हंगामेदार सत्र के संकेत

विधानसभा बजट सत्र शुरू होने के एक दिन पहले यानी गुरुवार को विपक्ष ने हंगामे के संकेत दिए। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने बढ़ती महंगाई पर कोई राहत जनता को नहीं दी है। इसके अलावा बेरोजगारों के लिए भी सरकार अभी तक कुछ नहीं कर पाई है।

दिव्य हिमाचल ब्यूरो—मंडी

पूर्व मंत्री एवं जिला कांग्र्रेस अध्यक्ष प्रकाश चौधरी ने कहा है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बल्ह के लोगों को उजाड़ने का हठ पाल बैठे हैं। कांग्रेस हवाई अड्डे के खिलाफ नहीं है। इसे सरकार बेशक जरूर बनाए, लेकिन बल्ह के गांवों को उजाड़ कर और सैकड़ों परिवारोें को विस्थापित कर ही हवाई अड्डा बनाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनता को बताएं कि हवाई अड्डे की वजह से जो गांव उजड़ जाएंगे और सैकड़ों परिवारों को विस्थापन का दंश झेलना पडे़गा, सरकार उन्हें कहां बसाएगी। क्या मुख्यमंत्री इन सब लोगों को सराज ले जाएंगे। मंडी में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि जिला में हवाई अड्डे के लिए और भी जगह पर्याप्त भूमि है, लेकिन मुख्यमंत्री बल्ह की उपजाऊ भूमि पर ही अड्डा बनाना चाहते हैं, जो कि लोगों की समझ से परे है। गोघड़धार, नेरढांगू के अलावा जाहू के पास भी हवाई अड्डा बनाया जा सकता है। जहां ज्यादातर सरकारी भूमि ही एयरपोर्ट की जद में आएगी।

कांग्रेस ने लिए आवेदन, भाजपा सर्वे को बनाएगी आधार

जयदीप रिहान—पालमपुर

नवगठित पालमपुर नगर निगम में चुनावी बिसात बिछ गई है। चुनाव पार्टी चिन्ह पर करवाए जाने की तैयारी है। ऐसे में दोनों प्रमुख दल कांग्रेस और भाजपा के लिए पहले चुनाव में बड़ी जीत निश्चित करना प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। पालमपुर नगर परिषद में ज्यादातर कांग्रेस का ही वर्चस्व रहा है और नगर निगम के चुनावों में भी कांग्रेस अपना यह रिकार्ड बरकरार रखना चाहेगी। भाजपा सरकार ने करीब दो दशकों से चली आ रही लोगों की नगर निगम की मांग पूरी की है, ऐसे में भाजपा इस मुद्दे को भुनाने की तैयारी में है। दोनों दलों ने उम्मीदवारों के चयन के लिए आला नेताओं की टीमें तैयार कर दी हैं और टिकट के आबंटन के लिए कांग्रेस और भाजपा अलग-अलग प्रक्रिया अपना रही है। कांग्रेस ने बाकायदा चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों ने आवेदन मांगे और करीब छह दर्जन दावेदार सामने आए हैं।

 इन सभी दावेदारों से कांग्रेस के आला नेताओं ने बात भी की है और जल्द ही पार्टी उम्मीदवारों के नाम सामने आने की संभावना है। भाजपा ने प्रत्याशियों के चयन के लिए सर्वे को आधार बनाया है। जीताऊ उम्मीदवार की तलाश में भाजपा अब तक दो सर्वे करवा चुकी है और तीसरे सर्वे के बाद नाम फाइनल किए जाने की उम्मीद है। ऐसे में अब दोनों दलों के दावेदारों की नजरें टिकट आबंटन को तैनात टीमों पर टिक गई हैं। यह देखना भी रोचक होगा कि पार्टी टिकट न मिलने पर अन्य दावेदार क्या रुख अपनाते हैं। दोनों दलों में करीब-करीब हर वार्ड में टिकट के चाहवानों की संख्या दो से अधिक है। आरक्षण के चलते कुछ लोग साथ लगते वार्डों से भी उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

अमन अग्निहोत्री—मंडी

नगर निगम मंडी के चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस मार्च के पहले या दूसरे हफ्ते में शक्ति प्रदर्शन करेगी। यही नहीं, कांग्रेस अपने उम्मीदवार तय करने से पहले वार्डबाइज पर्यवेक्षक भी भेजेगी। पर्यवेक्षक जनता की नब्ज टटोल कर संभावित जिताऊ प्रत्याशियों की रिपोर्ट तैयार करेंगे और उसके बाद कांग्रेस टिकट फाइनल करेगी। नगर निगम चुनावों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश पैदा करने और प्रदेश सरकार व भाजपा से टक्कर लेने के लिए कांग्रेस ने भी एक बड़ी बैठक व रैली करने का निर्णय लिया है। रैली में कांग्रेस टिकट के चाहवानों को भी अपना दमखम दिखाना होगा। रैली के बाद ही कांग्रेस अपने उम्मीदवारों की घोषणा करेगी। हालांकि इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि कांग्रेस अपने उम्मीदवारों की घोषणा भाजपा से पहले कर सकती है, लेकिन भाजपा व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा नगर निगम चुनाव को लेकर अपनाई गई रणनीति को देखते हुए कांग्रेस ने भी अब नीति बदल दी है।

मंडी नगर निगम के 15 वार्डों से कांग्रेस टिकट के लिए अब तक 50 से अधिक आवेदन आ चुके हैं। गुरुवार को नगर निगम मंडी के चुनावों के संबंध में एक बैठक का आयोजन चुनाव प्रभारी जीएस बाली की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में नगर निगम चुनावों को लेकर लंबी चर्चा की गई। बैठक में पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, विधायक सुंदर ठाकुर, विधायक विक्रमादित्य सिंह और विनोद सुलतानपुरी भी उपस्थित रहे। बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री जीएस बाली ने कहा कि कांग्रेस पूरी ताकत के साथ नगर निगम चुनाव लड़ने जा रही है। कांग्रेस जीतने वाले और पार्टी के प्रति वफादार प्रत्याशियों को ही चुनाव मैदान में उतारेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस निगम चुनावों के लिए अपना विजन डाक्यूमेंट भी जारी करेगी। इस अवसर पर कांग्रेस प्रदेश सचिव चेतराम, ओम प्रकाश ठाकुर, प्रदेश प्रवक्ता आकाश शर्मा, नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष पुष्पराम शर्मा, पूर्व जिप अध्यक्ष चंपा ठाकुर, संजीव गुलेरिया, कांग्रेस जिला प्रवक्ता योगेश सैणी और शहरी कांग्रेस अध्यक्ष अनिल सेन सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

छोटे से चुनाव में नहीं पडे़गी वीरभद्र की जरूरत

निगम चुनाव के प्रचार में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के भी उतरने को लेकर एक सवाल के जवाब में जीएस बाली ने कहा कि इस छोटे से चुनाव में कांग्रेस अपने इतने बडे़ नेता को नहीं उतारेगी। उनका आशीर्वाद वहीं से लिया जाएगा, लेकिन फिर भी अगर जरूरत पड़ी, तो वह कांग्रेस प्रत्याशियों की जीत के लिए आएंगे।

परियोजना के डिजाइन-प्लानिंग पर काम शुरू, सात जिलों में कवर होंगे 4200 हेक्टेयर

अश्वनी पंडित—बिलासपुर

एचपी शिवा (हिमाचल प्रदेश उपोषण बागबानी सिंचाई एवं मूल्य संवर्धन) परियोजना के तहत चिन्हित सात जिलों में 100 मिलियन डॉलर खर्च किए जाएंगे। एडीबी द्वारा वित्त पोषित परियोजना के तहत इस वित्त वर्ष में 4200 हेक्टेयर एरिया कवर कर प्लांटेशन करने का लक्ष्य तय किया गया है। प्रोजेक्ट की डिजाइनिंग और प्लानिंग का कार्य भी शुरू हो गया है। बागबानी व जलशक्ति विभागों की संयुक्त टीमों ने सात जिलों में 350 क्लस्टर चिन्हित किए हैं। एडीबी की ओर से डिजाइन व प्लानिंग की अप्रूवल के बाद अगली कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। बागबानी निदेशालय शिमला में कार्यरत परियोजना के डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर डा. देवेंद्र ठाकुर ने खबर की पुष्टि की है।

उन्होंने बताया कि पायलटबेस पर यह परियोजना सबसे पहले प्रदेश के चार जिलों बिलासपुर, मंडी, कांगड़ा व हमीरपुर के दस ब्लॉकों में शुरू की गई और इन चार जिलों में 17 क्लस्टर बनाए गए तथा 170 हेक्टेयर एरिया कवर करने का लक्ष्य तय किया गया, जिसके तहत अभी तक 110 हेक्टेयर एरिया कवर किया जा चुका है, जबकि शेष 60 हेक्टेयर एरिया को कवर करने के लिए अभी प्लांटेशन का कार्य चल रहा है। मार्च माह के अंत तक प्लांटेशन का यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब तीन जिले और इस परियोजना में शामिल किए गए हैं जिनमें ऊना, सिरमौर व सोलन शुमार हैं। इन तीन जिलों के पांच ब्लॉक कवर किए जाएंगे। इनमें ऊना का एक, जबकि सिरमौर व सोलन के दो-दो ब्लॉक कवर होंगे। परियोजना के तहत संतरा, लीची, मौसम्मी, अमरूद व अनार का रोपण किया जा रहा है। जहां फल उत्पादन कम होता है, ऐसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। इसके अतिरिक्त ऐसे स्थान भी चयनित किए गए हैं, जहां जंगली जानवरों के बढ़ते प्रभाव से किसान बागबानों ने खेतीबाड़ी व बागबानी से किनारा कर लिया है।

छह फुट ऊंची कटीली तार लगेगी

प्रोजेक्ट के तहत पशुओं से फसलों को बचाने के लिए धरातल से छह फुट ऊंची कंटीली तारें लगाने के साथ ही इनके ऊपर सोलर फैंसिंग की जाएगी। बागबानों को सिंचाई सुविधा के लिए चैकडैम इत्यादि तैयार करवाए जाएंगे। जहां-जहां जलशक्ति विभाग की स्कीमें हैं, उनका भी प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

टीम—शिमला, धर्मशाला

नगर निगम शिमला बाहरी राज्यों से राजधानी में प्रवेश करने वालों वाहनों पर ग्रीन फीस वसूल करेगा। इस व्यवस्था के शुरू होने के बाद अब वाहरी राज्यों से शिमला आने वाले सैलानियों को प्रवेश से पहले ग्रीन टैक्स चुकाना होगा। गुरुवार को नगर निगम शिमला और धर्मशाला का वार्षिक बजट  पेश किया गया। शहर की शराब दुकानों में बिकने वाली लिकर की बोतलों पर भी सेस बढ़ाकर पांच रुपए कर दिया है।

इसी तरह विद्युत सेस 10 पैसे प्रति यूनिट से बढ़ाकर 20 पैसे प्रति यूनिट कर दिया है। उधर, नगर निगम धर्मशाला का गुरुवार को पांचवा व अंतिम वार्षिक बजट 149.32 करोड़ रुपए प्रस्तुत किया गया। एमसी का अंतिम बजट चुनावी समर में ठंडक देने वाले पंखे की तरह रखा गया है, जिसमें न कोई टैक्स व सेस और न ही किसी भी प्रकार के शुल्क को बढ़ाया गया है। महापौर देवेंद्र जग्गी ने बजट प्रस्तुत किया। इस मौके पर उपमहापौर ओंकार नहेरिया, आयुक्त प्रदीप ठाकुर, एडिशनल आयुक्त डा. मधु चौधरी सहित सभी पार्षद विशेष रूप से मौजूद रहे।

सिटी रिपोर्टर—शिमला

कोरोना काल के बीच शुक्रवार से हिमाचल प्रदेश की तेरहवीं विधान सभा का ग्यारहवां बजट सत्र शुरू होने जा रहा है। कोविड की गाइडलाइन व सख्ती के बीच इस बार सदन में जनता से जुड़े मुद्दे गूंजेंगे।  बीस मार्च तक चलने वाले सत्र में इस बार केवल 17 बैठकें ही आयोजित होंगी। इसके साथ ही छह मार्च को सीएम जयराम ठाकुर वर्ष 2021 - 2022 का बजट पेश करेंगे। सत्र शुक्रवार सुबह 11 बजे राज्यपाल के अभिभाषण के साथ सत्र आरंभ होने जा रहा है। पांच व 19 मार्च के दो दिन गैर सरकारी सदस्य कार्य दिवस के लिए निर्धारित किए गए है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि  इस बार बजट सत्र में अभी तक कुल 650 तांराकित प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। इसके अतिरिक्त सदस्यों से नियम-101 के अंतर्गत चार सूचनाएं तथा नियम-130 के अंतर्गत दो सूचनाएं प्राप्त हुई है, जिन्हें सरकार को आगामी कार्रवाई के प्रेषित कर दिया गया है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस बार विधानसभा में प्रश्नों से सम्बन्धित जो सूचनाएं सदस्यों से प्राप्त हुई है, उसमें मुख्यतः बढ़ती मंहगाई व बेरोजगारी, सड़कों की दयनीय स्थिति, स्वीकृत सड़कों की  डीपीआरएस, प्रदेश में महाविद्यालयों, स्कूलों, स्वास्थ्य संस्थानों इत्यादि का उन्नयन एवं विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की पदपूर्ति, पर्यटन, उद्यान, पेयजल की आपूर्ति, युवाओं में बढ़ते नशे के  प्रयोग की रोकथाम, बढ़ते अपराधिक मामलों व सौर ऊर्जा तथा परिवहन व्यवस्था पर आधारित है। उन्होंने बताया कि सदस्यों ने प्रश्नों के माध्यम से अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों  से संबधित मुख्य मुद्दों को भी उजागर किया है। कोरोना महामारी जहां पूरे विश्व में विकराल रूप धारण किए हुई है, वहीं हमारा देश व प्रदेश भी इससे अछूता नहीं है। हालांकि ऐसी भयावह स्थिति में सत्र का आयोजन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन संवैधानिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए सत्र का आयोजन करना अनिवार्य है।

स्पीकर बोले, विपक्ष को विषय उठाने का पूरा अधिकार

विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने कहा कि विधानसभा में विपक्षी सदस्यों को हर तरह के विषय उठाने का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि सत्तापक्ष की उन विषयों का जवाब देने की जिम्मेदारी है। बजट सत्र में दोनों पक्षों से अपील की गई है कि सदन के संचालन में सहयोग करें। इसे लेकर बैठक में सभी नेताओं ने अपने विचार रखे और सुझाव दिए।

इस बार दर्शक दीर्घा में बैठने वालों को नहीं मिलेंगे पास

कोरोना महामारी के चलते इस बार दर्शक दीर्धा में बैठनें के लिए किसी भी आगंतुक को पास जारी नहीं किया जाएगा। हांलाकि जन प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री तथा मंत्री परिषद के सदस्यों से विधान सभा स्थित प्रतीक्षालय में समयनुसार मिल सकेंगे।

सर्वदलीय बैठक में सहमति, पर टकराव के आसार

विपक्ष के पास कई मुद्दे, मीटिंग में कई मामलों पर हुई गहमागहमी

विशेष संवाददाता—शिमला

शुक्रवार से शुरू होने वाले विधानसभा के बजट सत्र  से पहले सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने को लेकर सर्वदलीय बैठक में सहमति बनी है। सवाल यही है कि कई बड़े मुद्दों के बीच बिना टकराव के सदन चलेगा या नहीं। क्योंकि अभी भी विपक्ष के पास अहम मुद्दे हैं, जिन पर वह सरकार को घेर सकता है। ऐसे में नियमों के साथ सदन चले, इस पर बात बनी है। सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने अपने तेवर दिखाए और ऐसे मामलों को उठाया जिन पर पहले भी सहमति नहीं बन सकी थी। विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार की तरफ से कोशिशें की गई हैं, जिनका क्या नतीजा निकलेगा यह बजट सत्र में ही पता चलेगा।

 फिलहाल सर्वदलीय बैठक के बाद यह तय है कि विधानसभा का बजट सत्र हंगामेदार होगा। कारण यह है कि विपक्ष सरकार को हर मोर्चे पर विफल साबित करके जनता को सियासी दृष्टि से अपनी ओर मोड़ना चाहेगा। ऐसे में विपक्ष मुद्दों की पोटली में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई, कर्मचारियों की उपेक्षा, कानून व्यवस्था की लचरता के मुद्दे एक के बाद एक बाहर निकलेंगे। विपक्ष ने यह कहकर संकेत दे दिया है कि वॉकआउट के अतिरिक्त भी विरोध दर्ज करने के माध्यम मौजूद हैं। सत्तापक्ष कोरोना संकट के बावजूद राज्य में किए गए विकास कार्यों को सामने रखकर विपक्ष को निरूत्तर करने का प्रयास करेगा।

तीन घोषणाएं अभी तक लागू नहीं

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हम जनता की आवाज हैं। कर्ज 45 हजार करोड़ से 65 हजार करोड़ पहुंच गया है। कर्ज पर रोना रोने वाली सरकार ने तीन साल में बीस हजार करोड़ का कर्ज उठा लिया।  सरकार के तीन बजट में कोरी घोषणाएं हुई। जिनपर कोई कदम नहीं उठाया गया। बजट सत्र में कृषि बिल, कोरोना की आड़ में हुए भ्रष्टाचार, कर्ज के मामले में भाजपा की असलियत, महंगाई जैसे अनेक मुददों का भाजपा सरकार ने जबाव मांगा जाएगा।

सत्ता प्राप्त की, पर न्याय नहीं मिला

माकपा विधायक ने कहा कि याद करो, भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए वन रक्षक होशियार सिंह और जुब्बल कोटखाई में छात्रा की निर्मम हत्या के मामलों को समूचे प्रदेश में उठाया और सत्ता प्राप्त की। सत्ता प्राप्त करने के तीन साल गुजर गए हैं, मगर अभी तक इस मामले में न्याय नहीं मिला। अब केवल भाजपा नेता सत्ता का आनंद ले रहे हैं।

कोरोना ने बिगाड़ी अर्थव्यवस्था

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि कोरोना संकट ने हिमाचल की ही नहीं, बल्कि समूचे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। बावजूद इसके राज्य में विकास को बाधित नहीं होने दिया गया। सरकार ने संकट के दौर पर हर आदमी के साथ खड़ा होकर सहारा दिया है। सरकार विपक्ष के सहयोग से सदन में हर महत्त्वपूर्ण मुद़दों पर चर्चा करने को तैयार है।

पीटरहॉफ में सीएम की बजट पर मंत्रणा

अंतिम रूप को लेकर मुख्यमंत्री ने उच्च अधिकारियों से की चर्चा

विशेष संवाददाता—शिमला

वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए पेश होने वाले बजट पर मुख्यमंत्री ने उच्च अधिकारियों के साथ पीटरहाफ में मंत्रणा की है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीएम जयराम ठाकुर ने बजट में शामिल की जाने वाली नई योजनाओं के समावेश को लेकर विस्तृत चर्चा की है। इसी तरह सीमित वित्तीय संसाधनों के बीच विकास कार्य के लिए अधिक धनराशि को उपलब्ध करवाने के विकल्पों पर भी चर्चा हुई। विभिन्न विभागों की तरफ से बजट को लेकर मिली कार्य योजना का भी अध्ययन किया गया, ताकि उसके लिए बजट में धनराशि का प्रावधान किया जा सके। केंद्रीय योजनाओं और 15वें वित्तायोग के माध्यम से राज्य को मिलने वाले अनुदान को लेकर भी बैठक में चर्चा होने की सूचना है। सूत्रों से मिली जानकारी के तहत अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को आगामी वित्तीय वर्ष में केंद्र से मिलने वाले अनुदान, प्रदेश में विभिन्न माध्यमों से होने वाली आय और घाटे की खाई को पार करने के लिए ऋण लेने के विकल्पों के बारे में भी जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि मौजूदा समय में विकास कार्य पर 100 रुपए में से 41.22 रुपए, वेतन पर 26.66 रुपए, पेंशन पर 14.79 रुपए, ब्याज अदायगी पर 10.04 रुपए और ऋण अदायगी पर 7.29 रुपए खर्च हो रहे हैं।