Tuesday, April 13, 2021 11:10 AM

पंचायत चौकीदारों-वाटर गार्ड्स की मौजां ही मौजां

विशेष संवाददाता - शिमला

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बजट में पंचायतीराज संस्थाओं में हुई जीत का जिक्र होने के साथ नई पंचायतों में पंचायत घरों के निर्माण का तोहफा दिया गया है। वहीं, सीएम ने पंचायत सिलाई अध्यापिकाओं और पंचायत चौकीदारों को दिए जा रहे मानदेय को 300 रुपए प्रतिमाह बढ़ाने की घोषणा की है। अब प्रदेश में ग्राम पंचायतों की संख्या 3,615 हो गई है। सीएम ने घोषणा की है कि सभी नवगठित पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से पंचायत घरों का निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा। पांचवें राज्य वित्तायोग की सिफारिशों के तहत 2021-22 में 248 करोड़ रुपए की अनुदान राशि विभिन्न पंचायती राज संस्थाओं को प्रदान की जाएगी।

इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार से प्राप्त 409 करोड़ रुपए इन संस्थाओं के माध्यम से ग्रामीण विकास पर खर्च किए जाएंगे। वर्तमान में स्वयं सहायता समूहों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत तीन लाख रुपए तक की राशि के ऋण पर एक निश्चित ब्याज उपदान दिया जाता है। सीएम ने प्रस्ताव किया है कि ऐसे स्वयं सहायता समूह, जो अपनी गतिविधियों तथा उद्यमिता को बढ़ाने के लिए पांच लाख रुपए तक का ऋण लेना चाहते हैं, उन्हें दो लाख रुपए के अतिरिक्त ऋण पर इसी दर पर राज्य सरकार द्वारा ब्याज उपदान प्रदान किया जाएगा। इस अनुदान पर 10 करोड़ रुपए वार्षिक व्यय होने का अनुमान है।

सर्वश्रेष्ठ 100 स्वयं सहायता समूहों को इस उद्देश्य के लिए, कार्य के आधार पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। स्वयं सहायता समूहों के आजीविका अवसरों में वृद्धि के लिये, पायलट आधार पर तकनीकी शिक्षण संस्थानों तथा सरकारी कार्यालयों में एक नई योजना हिम-ईरा रसोई, कैंटीन आरंभ की जाएगी। महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने के लिए, शी हॉट स्थापित किए जाएंगे।

एक हजार को नौकरी

धातु, पत्थर व लकड़ी की नक्काशी का प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना’ के अंतर्गत 2021-22 में 1000 उम्मीदवारों को प्रिशक्षण प्रदान करने एवं ‘दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना’ में 1,000 लाभार्थियों को जॉब देने की घोषणा की गई है।

रिवॉल्विंग फंड मिलेगा

जयराम ठाकुर ने कहा कि ‘राष्ट्रीय  ग्रामीण  आजीविका  मिशन’  के  अंतर्गत 5,500 स्वयं सहायता समूहों को 8.25 करोड़ रुपए का रिवॉल्विंग फंड तथा 1,500 स्वयं सहायता समूहों को 7.50 करोड़ रुपए सामुदायिक निवेश निधि प्रदान करने की जाएगी।

2982 सीएससी बनेंगे

पंचायतों में एक छत के नीचे सभी आईटी संबंधित सेवाएं प्रदान करने के लिए ‘कॉमन सर्विस सेंटर’ स्थापित किये जा रहे हैं। वर्तमान में 598 सेंटर निर्माणाधीन हैं। 2021-22 में 2,982 सेंटर बनाए जाएंगे, जिनके निर्माण पर 149 करोड़ रुपए की लागत आएगी।