पत्तों की फोटो बताएगी बीमारी, आईआईटी मंडी ने किसानों के लिए बनाई नई ऐप

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — मंडी

हिमाचल प्रदेश के कई जिलों के साथ ही देश भर में करोड़ों किसानों की आर्थिकी में अहम भूमिका रखने वाली नकदी फसल आलू के पत्तों की तस्वीर से फसल में रोग का अब पता लग सकेगा। आईआईटी मंडी के शोध के बाद अब स्मार्टफ ोन पर ही किसान आलू के पत्तों की फोटो लेने के बाद इसके रोग का पता लगा सकेंगे। रोगग्रस्त दिखते पत्तों की तस्वीर लेने पर स्मार्टफोन एप्लिकेशन रियल टाइम इसकी पुष्टि कर देगी कि पत्ता रोगग्रस्त है या नहीं। किसान को समय से पता चल जाएगा कि खेत में रोग की रोकथाम के लिए छिड़काव कब करना है, ताकि ऊपज खराब नहीं हो और फंगसनाशक की फिजूलखर्ची भी नहीं हो।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के वैज्ञानिकों ने आलू के पत्तों की तस्वीर से फसल में रोग का पता लगाने के लिए स्वचालित कम्प्युटेशनल मॉडल का विकास किया है। डा. श्रीकांत श्रीनिवासन एसोसिएट प्रोफेसर स्कूल ऑफ कम्प्युटिंग एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग आईआईटी मंडी के मार्गदशन में केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान शिमला के सहयोग से जारी शोध में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से पत्तों के रोगग्रस्त हिस्सों का पता लगाया जा सकेगा। शोध के सहभागीदारी डा. श्रीकांत श्रीनिवासन और डा. श्याम के. मसकपल्ली के साथ शोध विद्वान जो जॉनसन, गीतांजलि शर्मा और डा. विजय कुमार दुआ, डा. संजीव शर्मा और डा. जगदेव शर्मा शामिल रहे हैं।

98 प्रतिशत सटीक रिजल्ट

शोध के व्यावहारिक उपयोग पर प्रकाश डालते हुए आईआईटी मंडी के रिसर्च स्कॉलर जो जॉनसन ने कहा कि रोग पता लगाने की प्रक्रिया में विश्लेषण से खेत के परिवेश में पत्तों की तस्वीरों से कुल मिला कर 98 प्रतिशत सटीक परिणाम सामने आए।

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