Tuesday, June 15, 2021 12:57 PM

पुलिस अलर्ट, नियमों का पालन करें लोग

सुबह दस से लेकर एक बजे तक ही खुली रहेंगी जरूरी वस्तुओं की दुकानें

रमेश धामी— सैंज सैंज घाटी में कोरोना कफ्र्यू के तेवर सोमवार से कुछ कड़े हो जाएंगे। व्यापक जनहित में नई बंदिशों के लिए तैयार हो जाएं। संक्रमण की चेन तोडऩे के लिए सोमवार से जिला कुल्लू में सुबह दस से एक बजे तक केवल जरूरी वस्तुओं की दुकानें खुली रहेंगी। जीवन रक्षक दवाइयों की दुकानों पर यह समय सीमा लागू नहीं होगी। मेडिकल एमर्जेंसी अथवा जरूरी कार्य के लिए आप अपने निजी वाहनों का प्रयोग कर सकते हैं। प्राइवेट व्हीकल से इंट्रा डिस्ट्रिक्ट मोमेंट पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई गई है हालांकि यात्रा के लिए भी संबंधित दस्तावेज और उचित आधार होना चाहिए। बिना वजह घर से बाहर निकलने वालों पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है।

सैंज घाटी में कोरोना का एक भी नया मामला न होने से पुलिस व स्वास्थ्य विभाग पूर्ण रूप से सतर्क है और लोगों को समय-समय पर सतर्क कर रही है। सरकारी और निजी परिवहन सेवा को अनिश्चितकाल के लिए बंद रखने का फैसला जिला प्रशासन द्वारा लिया गया है। उधर, इस संबंध में सैंज तहसील के नायव तहसीलदार बालक राम शर्मा से बात करते हुए उन्होंने बताया है कि बढ़ते संक्रमण के चलते सरकार व उपायुक्त महोदय ने हमें दिशा-निर्देश जारी किए है और सभी लोगों से इन निर्देशों के पालन करने की अपील की है उन्होंने सभी लोगो से आग्रह किया है कि घर से वाहर अति आवश्यक कार्य हेतु ही निकले व मास्क व सोशल डिस्टेंस का पालन करे, ताकि कोरोना की इस चेन को तोड़ा जा सके । उन्होंने कहा है कि अभी तक सैंज घाटी में एक भी कोरोना का मरीज नहीं पाया गया है। इस लिए सभी लोग सरकार द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश का पालन करें।

हर साल इस समय पर्यटकों से गुलजार रहती थी मनु की नगरी, आज वीरान पड़े पर्यटक स्थल

गिरीश वर्मा — पतलीकूहल पिछले वर्ष से कोरोना संक्रमण के पूरे विश्व में फैलने से इस वर्ष भी समस्त पर्यटन स्थल पुन: विरान पड़ गए हैं। मनाली का सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल सोलंगनाला पिछले चार दिनों से पूरी तरह से सुनसान हो गया है। हालांकि अप्रैल के महीने में यहां खूब रौनक रही, मगर अब यह स्थल पर्यटकों के न आने से सूना हो गया है। कोरोना का संक्रमण जिस रफ्तार से फैल रहा है, उससे लोग अपने घरों के अंदर रहने को मजबूर हो गए हैं। गत वर्ष अक्तूबर में अटल टनल रोहतांग देश को लोकार्पण के बाद पर्यटकों की रिकार्ड आवाजाही दर्ज की गई, मगर पर्यटन सीजन के पीक महीनों में जिस तरह से पुन: पर्यटकों का आवागमन बंद हो गया है, उससे पर्यटन व्यवसाय से जुड़े सारे कारोबार चौपट हो गए हैं। पर्यटन सीजन के अप्रैल, मई व जून इन तीन महीनों में भारी संख्या में देश-विदेश से पर्यटकों का तांता मनु की नगरी में रहता रहा है, मगर गत वर्ष से जिस तरह से मनाली की रौनक को कोरोना संक्रमण का ग्रहण लगा है उससे होटल बंद हो गए हैं। मई के महीने में जहां पर्यटकों के वाहनों का जाम रहता था, वहीं पर आजकल मनाली की सड़कें सुनसान हो गई हैं। सड़कों व बाजारों में लोगों की आनाजाना एक दम बंद हैं।

कोरोना की दूसरी लहर जिस तरह से फैल रही है, उससे लोगों में दहशत का माहौल भी बढ़ रहा है, जिससे लोग बाजारों का रुख नहीं कर रहे हैं। प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों के चलते आज से जहां बसों व निजि वाहनों पर चलने की पाबंदी लगा दी है, उससे इस बढ़ते कोरोना संक्रमण की चेन को टूटने की उम्मीद है। मनाली जैसा विश्व पर्यटन स्थल हालांकि सर्द ऋतु में पर्यटकों की आवाजाही से चहकता रहा है, मगर मई महीने के आरंभ होने से जिस तरह से कोरोना संक्रमण कहर बरपाने लगा है, उससे पर्यटकों के पर्यटन स्थलों की बढ़ते कदम रुक गए हैं। अप्रैल, मई व जून इन तीन महीनों में अकसर पर्यटकों का सैलाब हर पर्यटन स्थल रहता रहा है, लेकिन गत वर्ष से इन्हीं महीनों में कोरोना के संक्रमण चरम पर रहा है, जिससे लोगों को अपने घर के अंदर व दो गज की सामाजिक दूरी के साथ मास्क लगाना जिंदगी की हिस्सा बन गया है। रविवार को जब सोलंगनाला में एक चाय की रेहड़ी चलाने वाली महिला से पूछा तो उसने बताया कि पिछले चार दिनों से यहां पर पर्यटकों का आना एकदम बंद हो गया है। मनाली से केलांग व लाहुल-स्पीति जाने वाले लोग व लेह जाने वाले वाहनों के चालक परिचालक ही अब चाय पीते हैं। सोलंगनाला की ढलान में जहां इन दिनों पर्यटक कम दूरी की पैराग्लाईडिंग का आंनद लेते थे अब वह ढलान व मैदांन एक सूना हो गया है। सोलंगनाला जहां हररोज हजारों की संख्या में सुबह से शाम तक पर्यटक ही पर्यटक नजर आते हैं वह स्थल आजकल एकदम सुनसान हो गया है। कोरोना के चलते सभी कारोबार पर ग्रहण लग गया है। जिससे पर्यटन व्यवसाय का कारोबार पूरी तरह से कोरोना के चलते चौपट हो गया है। (एचडीएम)

स्टाफ रिपोर्टर-आनी कुल्लू जिला के बाह्य सिराज क्षेत्र की शान समझे जाने बाला पारंपरिक चार दिवसीय जिला स्तरीय आनी मेला, इस वर्ष भी लगातार दूसरी बार कोरोना महामारी की भेंट चढ़ गया है। जिससे यहां की जनता अपने व्यापार व मनोरंजन को लेकर हताश हो गई है। आनी मेला प्रति वर्ष बैसाख की 25 प्रविष्ठे से 28 प्रविष्ठे तक मनाया जाता है, जिसमें यहां के प्रमुख आराध्य गढ़पति देवता शमशरी महादेव, देहुरी नाग, पनेबी नाग, कुलक्षेत्र महादेव और कुई कंडानाग शामिल होते हैं। यह मेला कब, क्यों और कैसे मनाया गया, इसके पीछे एक ऐतिहासिक पहलू है, जो यहां के बुुजुुर्गों से सुनने को मिलता है। बुजुर्ग बतातें हैं कि आनी मेले को मनाने के पीछे सांगरी रियासत के तत्कालीन राजा हीरा सिंह की सोच थी।

चूंकि आनी भी सांगरी रियासत का एक भाग था और ऐसे में राजा ने आनी क्षेत्र के लोग की समस्याओं को सुनने व उन्हें न्याय दिलाने के लिए आनी में भी एक महल का निर्माण किया। एक समय आनी क्षेत्र की जनता एक भयंकर बीमारी की चपेट में आ गई, जिससे लोगों में त्राहि-त्राहि मच गई। इस महामारी से बचाव के लिए लोग राजा के पास गए। राजा तब लोगों की रक्षा के लिए यहां के आराध्य देवता शमशरी महादेव की शरण में गए और उनसे महामारी को खत्म करने की फरियाद लगाई। देवता ने राजा की फरियाद सुनी और बीमारी का खात्मा हुआ। राजा ने तब इस खुशी को साझा करने के लिए ईष्ट देवता के सम्मान में मेला मनाने का निर्णय लिया, जिसके लिए बैसाख की 25 प्रविष्ठे का दिन निर्धारित हुआ और तब से लेकर आज तक यह मेला निरंतर मनाया जाता है।

सरकार की बंदिशों का पालन कर रही जनता, पुलिस रही मुस्तैद

नगर संवाददाता — सैंज हिमाचल प्रदेश में जहां दस दिन के कोरोना कफ्र्यू के चलते लगाई गई बंदिशों के दूसरे दिन भी शनिवार को जहां जरूरी सेवाओं के बीच अधिकतर बाजार बंद रहे। आवश्यक वस्तुओं की कई दुकानें ने खुली रहीं। इसके बावजूद लोग बाजारों में नहीं दिखे। मजदूर वर्ग जरूर काम पर गया क्योंकि अधिकांश निर्माण कार्य जारी रहे। वाहन भी कम संख्या में ही चले। एचआरटीसी की बसों में भी भीड़ कम ही रही क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने शहर की ओर रुख नहीं किया। हालांकि कुछ निजी बसें भी सड़क पर चलती नजर आईं। तीन मई से बेमियादी हड़ताल कर रहे निजी बस आपरेटरों के आपस में बंट जाने से कई रूटों पर निजी बसें चलती रहीं, जिससे लोगों को जरूरी आवागमन में कुछ राहत मिली।

सरकारी कार्यालयों में भी छुट्टी रहने के चलते कर्मचारियों ने घर से ही जरूरी काम काज निपटाए, जबकि बैंकों के खुले रहने से वहां ग्राहकों का आना-जाना लगा रहा। शाम छह बजे तक सब्जी, किराना आदि की दुकानें खुली रहीं। सीमेंट, सरिया, होटल, ढाबे, रेस्तरां व जलपान की दुकानें भी छह बजे तक खुली रहीं। पुलिस भी पूरी तरह से चाक चौबंद रही। बिना मास्क व बेवजह से घूम रहे लोगों को चेतावनी देती रही। हालांकि पुलिस कहीं पर भी ज्यादा सख्ती दिखाई नजर नहीं आई।

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — कुल्लू काजा उपमंडल में शनिवार को तीन नए कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए हैं जबकि पांच मरीज स्वस्थ हो गए हैं। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कुल 47 सैंपल लिए हैं। इनमें से 43 आरएटी और चार आरटीपीसीआर सैंपल है। इनमें में तीन सैंपल पॉजिटिव पाए गए। एक 20 वर्षीय युवक माने गांव का पॉजिटिव पाया गया, जो कि अपने दो दोस्तों के साथ सोलन से शुक्रवार को पहुंचा है। दोनों दोस्त नेगेटिव आए हैं। प्राइमरी कांटेक्ट को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आइसोलेट करवा दिया है। ताबो में दो मजदूर पॉजिटिव आए हंै। इनमें एक 25 वर्षीय युवक और 38 वर्षीय महिला शामिल है। इसके साथ ही संक्रमित मरीजों को इलाज भी शुरू कर दिया है।

स्पीति में अभी पॉजिटिव केस की संख्या 651 हो गई है, जबकि 602 मरीज की रिकवर हो चुके हंै। अभी एक्टिव केस 46 हैं। इसके साथ ही तीन की मृत्यु कोविड से हो चुकी है। काजा प्रशासन अब टेस्टिंग अधिक से अधिक बढ़ाने जा रहा है। इसी कड़ी में अब स्पीति आने पर हर व्यक्ति को टेस्ट करवाना अनिवार्य होगा। खंड चिकित्सा अधिकारी डा. तेंजिन नोरबू ने बताया कि शनिवार को तीन नए कोरोना पाजिटिव मरीज आए है, जबकि पांच मरीज रिकवर हो गए हैं।

स्टाफ रिपोर्टर — बंजार शनिवार को डीएसपी बंजार बिनी मिन्हास ने कहा कि सभी लोग कोरोना महामारी के चलते जो सरकार ने धारा 144 लगाई है उसका सही तरीके से पालन करें। यदि कोई व्यक्ति उसका पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान बंजार पुलिस के कर्मचारी एसएचओ बंजार नरेश कुमार की अध्यक्षता में पूरे बाजार तथा अन्य क्षेत्रों में गश्त कर रहे हैं और जो व्यक्ति कायदे कानूनों का उल्लंघन कर रहा है, उसके खिलाफ कार्रवाई भी कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने व्यापारियों तथा आम लोगों से कोरोना कफ्र्यू का पालन करने तथा बिना जरूरत व बिना मास्क के घर से बाहर न निकलने की अपील की। डीएसपी ने कहा कि आपातकालीन स्थिति मे लोग टोल फ्री नंबर-104 व हेल्पलाइन नंबर-1070 पर कोल करके मदद ले सकते हैं तथा जरूरत पडऩे पर पुलिस की भी मदद ले सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इस दौरान क्षेत्र के सभी लोगों को कोरोना महामारी के चलते जो धारा पूरे प्रदेश में 144 लगाई गई है और जिसके चलते पूरे प्रदेश में कोरोना कफ्र्यू लगवाया गया है, उसके प्रति समय-समय पर पुलिस जवान लोगों तथा क्षेत्रवासियों को जागरूक भी कर रहे हैं। लोगों से यह भी आग्रह किया गया कि वे जब भी आपातकाल परिस्थिति में घर से बाहर निकलें तो अपना पहचान पत्र हमेशा अपने साथ रखें। उन्होंने कहा कि दो दिन से धारा 144 सीआरपीसी लागू की गई है, जिसके तहत पांच से अधिक लोग ग्रुप में इक_े खड़े नहीं हो सकते ओर न ही इधर-उधर एक साथ घूम सकते हैं। दुकान पर सामान खरीदने वाले लोग ग्रुप में खड़े न हों। उन्होंने बताया कि गाडिय़ों में सीटिंग कैपेसिटी से 50 प्रतिशत के हिसाब से लोग यात्रा कर सकते हैं। डीएसपी ने लोगों से कोरोना कफ्र्यू को सफल बनाने मे सरकार तथा पुलिस का सहयोग करने की अपील की।

मनाली में युवा कांग्रेस ने बांटे मास्क पतलीकूहल । युवा कांग्रेस ने जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष रोहित महाजन की अगवाई में शनिवार को मनाली में लोगों को मास्क बांटे। इतना ही नहीं विश्वव्यापी महामारी करोना से बचने के लिए सोशल डिस्टेंस बनाए रखने के अलावा चिकित्सकों द्वारा बताई गई। लोगों से आग्रह किया किया कि अधिकतर समय घर में ही रहें। इस कार्य में मनाली युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष देशराज, मनाली पार्लियामेंट पूर्व महासचिव चिराग शर्मा, शिशु कुमार सवांगला और अरुण सहित कई लोग मौजूद ने भी ने भी सहयोग किया।