Tuesday, June 15, 2021 12:08 PM

फार्मा कंपनियों पर नकेल कस रही पुलिस, चार महीने में 30 कंपनियों पर केस दर्ज

नकली दवाओं के उत्पादन पर कार्रवाई, चार महीने में30 कंपनियों पर केस दर्ज

विशेष संवाददाता – शिमला

सिरमौर जिला में दो फार्मा कंपनियों द्वारा  नकली दवाओं के उत्पादन का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने भी अपनी धरपकड़ तेज कर दी है। पुलिस ने जानकारी दी है कि यहां पर मौजूद कई फार्मा कंपनियां अपने लाइसेंस का दुरुपयोग कर रही हैं, जिनपर समय-समय पर कार्रवाई होती रही। हाल ही में जो दो मामले सामने आए हैं, उनमें पुलिस ने मामले दर्ज किए हैं, लेकिन इस साल जनवरी से अप्रैल तक पुलिस ने 30 मामले दर्ज किए हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई में 10185 गोलियां, 5824 कैप्सूल तथा 53 ऐसे सिरप पाए गए हैं, जो कि नकली थे। 39 लोगों को इन मामलों में गिरफ्तार भी किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक पिछले दो महीने में ऐसे नकली दवाइयां बनाने वालों पर  त्वरित कार्रवाई अमल में लाई गई है। एनडीपीएस एक्ट के तहत इनपर कार्रवाई चल रही है। आंकड़ों के अनुसार हिमाचल में पुलिस विभाग ने वर्ष 2018 में 98 मामले स्टॉकिस्ट, फार्मा कंपनियों व रिटेलर्ज पर दर्ज किए हैं। इनसे 55561 गोलियां, 88166 कैप्सूल व 1143 सिरप पकड़े गए हैं। ऐसे 125 लोगों को गिरप्तार भी किया गया है।

वर्ष 2019 में 72 कंपनियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं जिनके पास से पुलिस को 19724 गोलियां, 102956 कैप्सूल व 9848 नकली सिरप पकड़े गए थे। इन मामलों में 85 लोगों को हिरासत में लिया गया। वहीं, वर्ष 2020 में 105 मामले दर्ज  किए गए थे, जिनमें 118145 नकली दवाइयां, 46370 कैप्सूल व 940 सिरप पकड़े गए। इनमें 129 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2019 में पुलिस विभाग द्वारा पांवटा साहिब की एप्पल फील्ड फार्मा कंपनी को बंद भी करवाया गया, जिनके पास नारकोटिक्स को 47000 ट्रामाडोल टैबलेट व 10 हजार कोडीन आधारित सिरप मिले थे, जा ेकि अन अकाउंटेड थे। एक कंपनी  के तार अफ्रीका में जुड़े थे, जिस पर भी इंटरपोल की मदद से पुलिस ने कार्रवाई की है। बता दें कि पांवटा में मामले सामने आने के बाद जहां पुलिस पर प्रेशर है, वहीं स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से ड्रग कंट्रोलर पर भी खासा दवाब है। पांच अलग-अलग टीमें स्वास्थ्य विभाग ने बनाई हैं, जिसने अपनी छापामारी भी शुरू कर दी है। इसके नतीजे आने भी शुरू हो गए हैं। जल्दी ही बड़े पैमाने पर सभी स्थानों में ऐसी छापामारी नकली दवाओं के उत्पादन के खिलाफ यहां होगी।