Tuesday, November 30, 2021 08:45 AM

रघुनाथ जी को 282 देवी-देवताओं की शक्तियां

मोहल्ला उत्सव में देवी-देवताओं से रघुनाथ ने लंका दहन के लिए अर्जित की शक्तियां, राज परिवार से भी हुआ मिलन हीरा लाल ठाकुर — कुल्लू अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा-2021 के अंतिम दिन होने वाले लंका दहन के लिए भगवान रघुनाथ जी और उनके मुख्य सेवक को ढालपुर में मौजूद 282 देवी-देवताओं ने दैवीय शक्तियां प्रदान कीं। गुरुवार को दशहरा उत्सव के तहत ऐतिहासिक लंका दहन होगा तो देवी-देवताओं का महासमागम भी। लिहाजा, एक दिन पहले बुधवार को 'मोहल्ला उत्सवÓ में भगवान रघुनाथ के अस्थायी शिविर में शक्तियां अर्जित करने के लिए देव दरबार सजा। इस अनूठे देव-दरबार में देवताओं का आपसी मिलन और मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह व राज परिवार से मिलन का नजारा अद्भुत और अलौकिक था। ढोल-नगाड़ों, करताल, शहनाई नरसिंगों, नपोत आदि वाद्य यंत्रों की धुन और देवलुओं के कंधों पर देव रथों से माहौल देवलोक जैसा लग रहा था। मोहल्ला कारज में शिरकत करने आए देवभूमि के सभी देवी-देवता शामिल हुए। इस दौरान मेला मैदान के बीच स्थित रघुनाथ जी अस्थायी दरबार व रघुनाथ के विशाल रथ की सभी देवताओं ने परिक्रमा की तो इसके बाद राजा के अस्थायी कैंप में पारंपरिक वेशभूषा में सजे राज परिवार से भी मिलाप किया। मोहल्ला उत्सव के दौरान देव शक्तियों को प्रदान करने का आगाज माता हिडिंबा द्वारा आरंभ की गई दैविक प्रक्रिया के साथ हुआ। (एचडीएम) राजा के अस्थायी शिविर में देवताओं की रौनक बुधवार को दिन भर ढालपुर में राजपरिवार के अस्थायी शिविर में देवी-देवताओं की रौनक लगी रही। इस दौरान देवताओं ने एक-दूसरे के साथ भी दैविक मिलन किया। यहां दिन भर हूजूम उमड़ा रहा। माता हिडिंबा ने किया सबसे पहले देव मिलन राज परिवार की दादी माता हिडिंबा रघुनाथ की ओर से छड़ी निमंत्रण मिलने के बाद सबसे पहले रघुनाथ दरबार में पहुंची और दैविक मिलन किया। इसके बाद राजा को शक्ति दी तो इसके बाद कुल देवी माता त्रिपुरा संदरी ने लंका विजय के लिए रघुनाथ और छड़ीबरदार महेश्वर सिंह को दैवीय ताकत दी। देव दरबार में इसके अलावा देवता बिजली महादेव, माता रूपासना, आदि ब्रह्मा, जमदग्नि ऋषि, त्रियुगी नारायण, लक्ष्मी नारायण, देवता घटोत्कच, देवता बुंगड़ू महादेव, शेषनाग, बड़ा छमाहुं समेत सभी देवी-देवता अपनी शक्ति प्रदान करने पहुंचे। उत्सव में बुधवार को छठे दिन मोहल्ला के मौके पर त्रिपुरा बाला सुंदरी ने भी अपनी भूमिका निभा राज परिवार को आशीर्वाद दिया। इस दौरान हजारों देवलुओं ने लालड़ी में भाग लेकर कुल्लवी नाटी पर भी जश्न मनाया। बहरहाल, ऐतिहासिक लंका दहन से पहले भगवान रघुनाथ को देवभूमि के 282 देवी-देवताओं ने देवशक्तियां प्रदान की हैं।