Monday, October 26, 2020 03:01 PM

प्रोमोशन को तरसे जेई

चपीएसई आईटीआई डिप्लोमा व नॉन डिप्लोमा एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष  इंजीनियर तुलसी कालिया व महासचिव प्रदीप चौधरी ने कहां की प्रबंधक वर्ग ने जो हाल ही में निर्णय लिया है, उसका हार्दिक स्वागत करता है और कई वर्षों से दूसरी प्रोमोशन की राह देख रहे जेई वर्ग को बिजली बोर्ड प्रबंधन वर्ग ने राहत पहुंचाने की कोशिश की है। हम विरोध करने वाले यूनियन के लोगों से पूछना चाहते हैं कि जो लोग आईटीआई इलेक्ट्रिकल होने के बावजूद फोरमैन की ऑप्शन दी तथा टेक्निकल लोगों के हकों पर डाका मारा और टीमेट से पदोन्नत होकर बड़ी मुश्किल से लाइनमैन बने उसके बाद फोरमैन बने उनका हक था, लेकिन उन पदों पर कब्जा कर जेई बनने की जिम्मेदारी से बचकर बिना जिम्मेदारी पद पर बैठ गए। उसके बाद दूसरी प्रोमोशन स्पेशल फोरमैन की ली।

इसमें स्केल भी बढ़ता है उसका फायदा उठाया और अब शॉर्टकट रास्ता अपनाकर एसडीओ बनने की चाहत मन में लेकर एसडीओ बन रहे हैं। इसमें केवल मात्र 55 पोस्ट मैं से 30 पोस्टों पर फोरमैन एसडीओ बन कर बैठ गए हैं। दूसरा जो लोग अपने आपको जेई बनने के लायक न समझ कर फोरमैन बने अब इतना कार्यकाल बिना कागज व पेन के काम करते हुए बिना पब्लिक डीलिंग करते हुए कैसे एसडीओ का पद संभाल कर इस पोस्ट का कार्य सुचारु रूप से करने में सक्षम समझ रहे हैं और प्रबंधक वर्ग इनको स्पेशल फोरमैन के बाद एसडीओ बनाने की बात तो कर ही रहा है।

जो भी फोरमैन से एसडीओ बने हैं उनकी हालत बड़ी दयनीय है बहुत सारे सेवानिवृत्ति लेने की सोच रहे हैं और कुछ अपना मानसिक संतुलन बिगाड बैठे हैं। प्रबंधक वर्ग ने केवल मात्र उनका क्राइटेरिया एसडीओ बनने के लिए फोरमैन की बजाय स्पेशल फोरमैन रखा  है जो कि उचित है और जो भी तथाकथित सरकार विरोधी यूनियन प्रबंधक वर्ग के निर्णय को अनावश्यक दोषपूर्ण बता रही हैं।

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