Friday, September 24, 2021 05:19 AM

बारिश ने बहाए पीडब्ल्यूडी के 20 करोड़

हमीरपुर को बारिश से अब तक 33 करोड़ का नुकसान, जल शक्ति विभाग को साढ़े नौ करोड़ की चपत

स्टाफ रिपोर्टर—हमीरपुर बरसात के सीजन में अब तक सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग को पहुंचा है। नुकसान की कंपलाइल की गई रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। बरसात की बारिश पीडब्ल्यूडी के 20 करोड़ रुपए बहा ले गई। बरसात के कारण डैमेज हुए सड़क मार्गों के नुकसान का आलकन 20 करोड़ 47 लाख 21 हजार रुपए किया गया है। इसके साथ ही जल शक्ति विभाग को भी बरसात ने तगड़े जख्म दिए हैं। अब तक जल शक्ति विभाग को बारिश के कारण चढ़े नदी नालों के जलस्तर के कारण योजनाओं में आई सिल्ट से नौ करोड़ 78 लाख पांच हजार रुपत लग चुकी है। इसके साथ ही बिजली बोर्ड को भी बारिश से लाखों का नुकसान झेलना पड़ा है। बिजली बोर्ड को बारिश से अब तक 52 लाख 13 हजार 250 रुपए का नुकसान हो चुका है।

इसके साथ ही कई जगहों पर रिहायशी माकान गिरे हैं तो कई जगह ल्हासे गिरने से मकानों को खतरा बना हुआ है। ग्राम पंचायत पन्याली के तहत आने वाले कड़दोह गांव में भी हाल ही में एक परिवार की गोशाला क्षतिग्रस्त हुई है। नुकसान का आकलन 15 हजार रुपए किया गया है। कृषि व बागबानी को भी दो करोड़ रुपए की क्षति पहुंची है। कुल मिलाकर 13 जून से लेकर अब तक हमीरपुर जिला को 32 करोड़ 97 लाख 72 हजार 250 रुपए की क्षति पहुंची है। जाहिर है कि बरसात का मौसम अब चरम पर है। ऐसे में आए दिन जिला के क्षेत्रों में बारिश होने का क्रम जारी है। बरसात की भारी बारिश से विभिन्न विभागों को लगातार नुकसान हो रहा है। लोकनिर्माण विभाग व जल शक्ति विभाग को बारिश से ज्यादा क्षति पहुंच रही है। बारिश के कारण सड़क मार्गों के धंस जाने या फिर पहाड़ी से मार्ग पर मलबा गिर जाने से नुकसान लगातार हो रहा है। यही कारण है कि 13 जून से लेकर 23 जुलाई तक हमीरपुर जिला को 33 करोड़ के करीब नुकसान पहुंच चुका है। बारिश के कारण अब तक जिला में दर्जनों सड़क मार्ग प्रभावित हो चुके हैं। इसके साथ ही दर्जनों पेयजल योजनाएं भी क्षतिग्रस्त हुई है। कई योजनाएं तो अब तक सुचारू रूप से क्र्रियान्वित नहीं हो पाई हैं। वहीं प्रशासन से लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में नदी नालों के नजदीक न जाएं। बारिश के कारण कभी भी नदी नालों को जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में नदी-नालों से उचित दूरी बनाएं रखें।