Friday, September 24, 2021 05:32 AM

बरसात में दमा का खतरा

गर्मी की तपन के बाद मानसून लोगों के लिए राहत की बौछारें साथ लेकर आता है, लेकिन ये मौसम अस्थमा मरीजों के लिए दमे के अटैक का खतरा बढ़ा देता है। हालांकि वातावरण में मौजूद नमी और तापमान अस्थमा के मरीजों को कई प्रकार से प्रभावित करता है। इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतकर आप इस समस्या से बचाव कर सकते हैं। आइए जानें अस्थमा के रोगियों को इस मौसम में कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए।

अस्थमा अटैक से बचने के टिप्स

ज्यादा गर्म और ज्यादा नम वातावरण से बचें, क्योंकि ऐसे में मोल्ड स्पोर्स के फैलने की संभावना भी बढ़ जाती है। आंधी और तूफान के समय घर से बाहर न निकलें। अस्थमा को नियंत्रित रखें और अपनी दवाएं हमेशा साथ रखें। अगर आपका बच्चा अस्थमैटिक है, तो उसके दोस्तों व अध्यापक को बता दें कि अटैक की स्थिति में क्या करें। हो सके तो अपने पास स्कार्फ रखें, जिससे आप हवा के साथ आने वाले पॉलेन से बच सकें। घर के अंदर किसी प्रकार के धुएं से बचें और रात को खिड़कियां खोलकर सोने के बजाय एसी चला दें ।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान

कुछ महत्त्वपूर्ण बातों का ध्यान रखकर भी मानसून में अस्थमा के रोग  को नियंत्रण में रखा जा सकता है। दमा की दवा का नियमित सेवन करना चाहिए। अस्थमा से पीडि़त अधिकांश लोग दवाएं लेते हैं, क्योंकि यह सांस लेने की प्रक्रिया में प्रॉब्लम खड़ी करती है। स्टडीज से पता चला है कि नियमित रूप से दवाओं के सेवन से दमा का खतरा कम हो जाता है।

नमी का रखें ध्यान

नमी और उमस भरे क्षेत्र को नियमित रूप से सुखाएं। उमस खत्म करने वाले इक्यूपमेंट्स के प्रयोग से ह्यूमिटी को 25 प्रतिशत से 50 प्रतिशत के बीच रखें। यदि संभव हो तो एसी का उपयोग करें। हीटर्स और एयर कंडीशनर्स के फिल्टर्स को नियमित रूप से बदलें।

फंगल को साफ करें

मानसून के दौरान पौधों को बेडरूम से बाहर रखें। पेंटिंग करते समय पेंट में फंगल खत्म करने वाले केमिकल का उपयोग करें, जिससे फंगल को बढ़ने से रोका जा सकता है। दिखाई देने वाले फंगल को साफ  करें और ब्लीच तथा डिटर्जेंट जैसे पदार्थों से युक्त युक्त क्लीनिंग सोल्युशंस का उपयोग करें।

घर की साफ सफाई के दौरान रखें ध्यान

ह्यूमिड या तेज हवा वाले दिन अंदर रहें, क्योंकि इस दिन पॉलेन ग्रेन की मात्रा वातावरण में काफी हाई होती है। पॉलेन ग्रेन को रोकने के लिए खिड़कियों को बंद रखें। पिलो व बेड को पंखों से दूर रखें। कालीन का प्रयोग न करें, क्योंकि धूल और आंधी की वजह से इनमें धूल जम सकती है और कालीन की वैक्यूमिंग करते समय चेहरे पर मास्क लगाएं। घर में किसी को दमा की प्रॉब्लम है, तो उनकी मौजदूगी में वैक्यूम न करें। फर्श को साफ  करें और साथ ही लैंपशेड्स तथा विंडोंसिल्स की भी सफाई करें।