Saturday, August 08, 2020 05:57 PM

रोहित के उजड़े खेतों में आई हरियाली

हमीरपुर – जमीन किसान की मां तुल्य होती है क्योंकि वहां से उगी फसल न केवल उसके परिवार को पालती है बल्कि उसे और ज्यादा मेहनत करने के लिए भी प्रेरित करती है, लेकिन यदि कड़ी मेहनत से फसलें उगाने के बाद कोई जंगली जानवर या अन्य पशु पल भर में इसे उजाड़ दे तो एक किसान पर क्या बीतेगी कुछ ऐसी ही कहानी है कांगू क्षेत्र के गांव बढ़ाना के किसान रोहित शर्मा की। सरकारी क्षेत्र में सेवारत और खेती में गहन रुचि रखने वाले रोहित शर्मा तथा उनके पिता रतन चंद शर्मा अपनी चार कनाल से अधिक जमीन पर पिछले कुछ वर्षों से अच्छी पैदावार नहीं ले पा रहे थे। क्योंकि जंगली जानवर अक्सर उनके हरे-भरे खेतों को पूरी तरह उजाड़ देते थे। इस समस्या से तंग होकर उन्होंने कई बार तो खेती छोड़ने का भी विचार किया, लेकिन, इस बीच उन्हें प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना का पता चला। कृषि विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन से उन्होंने मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के तहत अपनी चार कनाल जमीन पर साधारण जाली और सौर ऊर्जा से चालित करंटयुक्त बाड़ लगवाने के लिए आवेदन किया। इस योजना की सहायता से रोहित ने लगभग दो लाख 17 हजार रुपए की लागत से 165 मीटर बाड़ लगाई। इस पर उन्हें विभाग की ओर से 70 प्रतिशत यानि करीब एक लाख 52 हजार रुपए अनुदान मिला। उन्होंने अपनी जेब से केवल 65 हजार की धनराशि ही खर्च की। सरकारी अनुदान से बाड़ लगाने के बाद तो मानों रोहित के खेतों की तस्वीर ही बदल गई। कभी उजड़े-उजड़े से नजर आने वाले उनके खेतों में अब नकदी फसलें लहलहाने लगी हैं। वहीं, कृषि विभाग के उपनिदेशक जीत सिंह ठाकुर बताते हैं कि किसानों की जरूरतों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने इस योजना में चार विकल्प दिए हैं। सौर ऊर्जा से चलित करंटयुक्त बाड़ पर किसानों को 80 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। अगर किसान सामूहिक रूप से यह बाड़ लगाना चाहते हैं तो उनके समूह के लिए 85 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। छोटे-छोटे जंगली जानवरों को रोकने के लिए इस करंटयुक्त बाड़ के साथ साधारण तार की जाली भी लगाई जा सकती है।

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