Sunday, March 07, 2021 04:58 PM

मशालें जलाकर मनाया सदियाला

 कार्यालय संवाददाता  — कुल्लू

जिला कुल्लू के नग्गर विकास खंड में नारी शक्ति पुरुष मतदाताओं से मतदान करने में कई गुणा आगे आई है, जहां नग्गर ब्लॉक आठ महिलाएं प्रधान की कुर्सी पर आसीम हुई हैं। वहीं, प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों को मतदान करने में महिला मतदाताओं ने पुरुषों से ज्यादा भागीदारी दूसरे चरण के पंचायती राज चुनाव में सुनिश्चत कर डाली  है। यही नहीं, नग्गर विकास खंड में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से ज्यादा है। वहीं, दूसरे चरण के चुनाव में महिलाओं ने नग्गर ब्लॉक में सबसे ज्यादा वोट डाले। यहां पर पुरुष मतदाताओं की तुलना में 233 महिलाएं मतदान करने में आगे रही हैं।  कड़ाके की ठंड के बीच महिलाओं ने नग्गर विकास खंड  के विभिन्न पोलिंग बूथों में भारी संख्या में पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। नग्गर ब्लॉक की बात करें तो यहां पर कुल मतदाता 24115 मतदाता हैं। इनमें 11757 पुरुष और 12361 महिला मतदाता हैं।

यहां पर दूसरे चरण के चुनाव में कुल 19945 मतदाताओं ने इस बार मतदान किया। इनमें 9856 पुरुष और 10089 महिला मतदाताओं ने मतबूत लोकतंत्र बनाने के लिए अपना मतदान किया, यानी यहां पर पुरुषों से ज्यादा 233 महिलाओं ने अपने मतदान किया। पूरे नग्गर ब्लॉक की बात करें तो यहां पर 82.71 पतिशत मतदान हुआ है।

जिला कुल्लू के अन्य विकास खंडों की बात करें तो उनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या ज्यादा रही है। पांच विकास खंडों में से मात्र नग्गर विकास खंड में ज्यादा संख्या में महिला मतदाताओं ने अपना मतदान कर दिया है। आनी की बात करें तो यहां पर 5959 पुरुष और 5934 महिला मतदाताओं ने मतदान किया। यहां पर 86.49 प्रतिशत मतदान रहा है, जबकि बंजार विकास खंड की बात करें तो यहां पर 6508 पुरुष मतदाता और 6386 महिला मतदाताओं ने मतदान किया है। इसके अलावा कुल्लू विकास खंड में 14356 पुरुष मतदाता और 13970 महिला मतदाताओं ने वोट डाले। निरमंड विकास खंड में 5153 पुरुष और 4797 महिला मतदाताओं ने मतदान किया। जिला कुल्लू में पंचायती राज चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 83.13 प्रतिशत रहा। सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान हुआ। कुल्लू जिला के आनी, निरमंड, बंजार, नग्गर और कुल्लू विकास खंड की 78 पंचायतों में दूसरे चरण का चुनाव हुआ। दूसरे चरण के चुनाव में कुल 99858 में से 83008 मतदाताओं ने अपने मतदाधिकार का प्रयोग किया। जिला कुल्लू में 41832 पुरुष मतदाताओं ने मतदान किया, जबकि 41176 महिला मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

स्टेट सेंटर ऑन क्लाइमेट चेंज की रिपोर्ट में खुलासा, खरीफ फसलों पर कम जलवायु परिवर्तन का असर

स्टाफ रिपोर्टर —  भुंतर

जलवायु परिवर्तन का भूत कुल्लू जिला की गेहूं और जौ की पारंपरिक फसलों को निगल गया है। सर्दियों में मौसम के साल-दर-साल बदलते मिजाज की भेंट यहां की खेतीबाड़ी भी चढ़ गई है। इसका खुलासा राज्य के मौसम वैज्ञानिकों की टीम द्वारा किए गए सर्वेक्षण में भी हुआ है। इनके अनुसार रबी फसल के दौरान मौसम बदलावों का असर सबसे ज्यादा फसलों के उत्पादन और क्षेत्र पर पड़ा है। स्टेट सेंटर ऑन क्लाइमेट चेंज द्वारा हाल ही में जारी एक रिपोर्ट की मानें तो फसलों चक्र में लगातार हो रहे बदलाव और नकदी फसलों के प्रति किसानों के रुझान का एक बड़ा कारण जलवायु परिवर्तन के प्रभाव भी है। इस रिपोर्ट के अनुसार रबी फसल के दौरान जिला के औसत न्यूनतम तापमान में 0.02 फीसदी का इजाफा दर्ज हुआ है। वर्ष 1971 से 2016 की अवधि में रबी फसलों के दौरान वर्षा दिनों की संख्या में भी कमी पाई गई है और इस दौरान का औसत अधिकतम तापमान बढ़ा है।

तापमान में बढ़ोतरी के चलते बारिश और बर्फबारी पर पड़े प्रभावों ने किसानों की फसलों को भी चपेट में लिया है। बता दें कि कुल्लू में लगतार गेहूं, जौ, धान, मक्की सहित अन्य पारंपरिक फसलों का क्षेत्र सिमटता जा रहा है और किसान नकदी फसलों की ओर बढ़ रहे हैं। इस बदलाव से हालांकि एक ओर किसान अपनी जेबें तो भर रहे हैं, लेकिन साथ ही किसानों को खाद्य फसलों के न उगने की चिंता भी सता रही है। कुल्लू में सेब, अनार और अन्य फलदार पौधों के क्षेत्र में इजाफा साल दर साल हो रहा है तो लहसुन, मटर सहित अन्य सब्जियां भी किसान लगा रहे हैं। वैज्ञानिकों की मानें तो रबी की फसलों में बदलाव का कारण मौसमी बदलाव है, लेकिन खरीफ की फसलों पर जलवायु परिवर्तन का असर न के बराबर ही दिखा है। इस दौरान होने वाली फसलों को सेब, अनार और फलदार किस्मों की बढ़ती मांग ने खत्म किया है। कृषि विभाग के इस बार भी गेहूं और जौ की फसल की कम बिजाई हुई है। बजौरा में स्थित जिला कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डा. केसी शर्मा कहते हैं कि अक्तूबर से मार्च तक के मौसम में पिछले दशक के दौरान अहम बदलाव देखने को मिले और इन बदलावों ने किसानों को बड़े स्तर पर नई फसलों को लगाने के लिए प्रेरित किया। उनके अनुसार इन्ही बदलावों ने गेहूं और जौ का क्षेत्र कम कर दिया है और उत्पादन भी घट गया है। बहरहाल, जलवायु परिवर्तन के कारण कुल्लू जिला की गेहूं और जौ की फसलें उगनी कम हो रही हैं।

कुल्लू खंड की 24 पंचायतों में होगी वोटिंग, तैयारियां पूरीं

स्टाफ रिपोर्टर — भुंतर

पंचायती राज चुनावों के लिए जिला कुल्लू खंड की 24 पंचायतों में मतदान गुरुवार को होगा। चुनाव आयोग ने इसके लिए सभी तैयारियों को पूरा कर दिया है। चुनाव को करवाने के लिए पोलिंग टीमें अपने-अपने बूथों में पहुंच गई हैं तो साथ ही कोरोना संक्रमण के खतरे से बचने के लिए भी इंतजाम कर दिए गए हैं। लिहाजा, कड़ी सुरक्षा के बीच वोटर अपने मत का प्रयोग करेंगे। निर्वाचन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार तीसरे चरण में चरण कोठीसारी, बाशिंग, बस्तोरी, परगाणु, डुघीलग, भूमतीर, बल्ह, पीज, बल्ह-दो, बशौणा, कलैहली, बजौरा, नरैश, शाट, दनोगी, रोट, रतोचा, जरी, शुरढ़, भूइन, तलाड़ा, हुरला, मशगां, जां चुनाव होंग यहां सुबह आठ बजे मतदान की प्रक्त्रिया आरंभ होगी और देर रात तक परिणाम भी वार्ड पंच व प्रधान-उपप्रधान के घोषित कर दिए जाएंगे।

कोरोना संक्त्रमण के संकट के बीच आरंभ हो रहे चुनावों में वोटरों को मास्क लगाकर वोट डालने के लिए आना होगा। बिना मास्क के कोई भी वोटर वोट नहीं डाल पाएगा। और तो और मतदान कक्ष में जाने की अनुमति भी मतदाता को बिना मास्क के नहीं होगी। कोरोना संकट के बीच निर्वाचन विभाग ने कोविड-19 से बचने के लिए भी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके अलावा मतदान के दौरान सामाजिक दूरी नियमों की पूरी पालना करवाई जाएगी। इसके लिए गृह रक्षा विभाग के कर्मियों को विशेष जिम्मेवारी दी गई है। उपमंडल निर्वाचन अधिकारी डॉ अमित गुलेरिया के अनुसार सभी पोलिंग बूथों में टीमें पहुंच गई है और पूरी व्यवस्था कर दी गई है। बहरहाल, तीसरे चरण में गुरुवार को मतदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

दियार में उमड़े हारियान, सात दिवसीय कार्यक्रम का समापन

स्टाफ रिपोर्टर  —  भुंतर

देवभूमि कुल्लू को बूरी शक्तियों के चंगुल से आजाद करने के लिए देवताओं संग हारियानों द्वारा चलाया गया सात दिवसीय मिशन अंतिम चरण में पहुंच गया है। जिला की रूपी घाटी में पारंपरिक सदियाला कार्यक्त्रम आयोजन सोमवार को किया गया। जिला के दियार, हवाई, पीज, चौंग, धारा व अन्य स्थानों पर बुधवार सुबह हारियानों ने मशालें जलाकर इन शक्तिओं को भगाया तो न्यूल, खोखण व कुछ अन्य स्थानों के देवालयों में यह प्रक्त्रिया मंगलवार सुबह पूरी की जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार दियार में देवता त्रियुगी नारायण के दरबार में हारियानों ने मशालें बनाकर इस विधि को पूरा किया जिसमें सैंकड़ों हारियानों ने भग लिया।

देव समाज के कार कारिंदों से मिली जानकारी के अनुसार इस सदियाला कार्यक्त्रम के तहत विभिन्न देवालयों में हारियानों द्वारा मशालें जलाकर इन शक्तियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया तो इसके बाद देवालयों में विशाल जागरों के चारों ओर देवनृत्य भी किया गया। सबसे अंत में प्रक्त्रिया के सफलतापूर्वक आयोजन पर देव दरबार में जाकर इस मिशन में शामिल होने वाले हारियानों ने जूब भी अपने अपने अराध्य देवता को बांटी और आशिर्वाद लिया। मंदिर समिति के प्रधान राजन शर्मा ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी दैविक विधानों से कार्यक्त्रम की रस्मों को निभाया गया। उन्होने बताया कि देव दरबार में भारी संख्या में हारियान आशीष लेने पहुंचे।