Thursday, October 01, 2020 07:50 AM

सहज समाधि ध्यान

श्रीश्री रवि शंकर

सहज समाधि वह सरल प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से हम आसानी से ध्यान कर सकते हैं। ध्यान करने से सक्रिय मन शांत होता है और स्वयं में स्थिरता आती है। जब मन स्थिर होता है, तब सभी तनाव छूट जाते हैं, जिससे हम स्वस्थ और केंद्रित महसूस करते हैं…

हम सभी ने अपने जीवन में ध्यान की अवस्था को महसूस किया है। जिन क्षणों में हम बेहद खुश हुए हैं या फिर जिन क्षणों में हम किसी काम में तल्लीनता से डूबे हुए हैं, ऐसे क्षणों में हमारा मन हल्का और आरामदेह प्रतीत होता है। हालांकि हम सबने ऐसे क्षणों को अनुभव किया है, लेकिन हम उन्हें अपनी मर्जी से दोबारा अनुभव नहीं कर पाते हैं। सहज समाधि कार्यक्रम आपको यही करना सिखाता है।

यह ध्यान करने की एक अनूठी प्रक्रिया है, जिसके अभ्यास से आप तुरंत ही तनाव और परेशानियों से ऊपर उठकर, मन में असीम शांति अनुभव करते हैं और शरीर में स्फूर्ति आती है। ‘सहज’ एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ है ‘प्राकृतिक’ या जो बिना किसी प्रयास के किया जाए। समाधि एक गहरी, आनंदमयी और ध्यानस्थ अवस्था है। अतः सहज समाधि वह सरल प्रक्रिया है जिसके माध्यम से हम आसानी से ध्यान कर सकते हैं। ध्यान करने से सक्रिय मन शांत होता है और स्वयं में स्थिरता आती है। जब मन स्थिर होता है, तब सभी तनाव छूट जाते हैं, जिससे हम स्वस्थ और केंद्रित महसूस करते हैं।

सहज समाधि ध्यान कैसे करते हैं

यह मंत्र ध्यान है, जिसमें कार्यक्रम प्रतिभागियों को एक सरल ध्वनि/मंत्र सिखाया जाता है, जिसका मन में स्मरण करने पर मन स्थिर होने लगता है और भीतर जाने लगता है। जब मन और तंत्रिका तंत्र गहरे विश्राम में स्थिर होते हैं, तब हमारे मन और हमारे मानसिक विकास के मार्ग के अवरोध स्वतः खुलने लगते हैं।

सहज समाधि ध्यान के लाभ

जब एक नदी शांत होती है, तब उसमें प्रतिबिंब अधिक साफ दिखाई देता है। उसी प्रकार जब मन शांत होता है, तभी हम अधिक स्पष्टता से अपनी बात को व्यक्त कर पाते हैं। तब किसी भी बात को देखने, समझने और व्यक्त करने की कला निखरती है। फलस्वरूप हम अपने जीवन में अधिक स्पष्टता से संवाद कर पाते हैं। मंत्र का उच्चारण मन को स्थिर करता है और जब मन स्थिर होता है ये स्वयं को तनावों से दूर कर वर्तमान क्षण में स्थित कर देता है।

हम सिर्फ  वर्तमान क्षण में सच्ची प्रसन्नता पा सकते हैं। जिन क्षणों में हम बीते हुए कल की किसी गलती के लिए शर्मिंदा नहीं हैं और न ही आने वाले कल की कोई चिंता होती है। सहज का अर्थ नैसर्गिक और समाधि का अर्थ आत्मज्ञान हमारा सच्चा स्वभाव इस मंत्र ध्यान से सहज ही सुलभ है। समाधि जो ध्यान की गहरी अवस्था है, उससे आपको ऊर्जा और दीर्घ काल तक रहने वाला आनंद प्राप्त होता है। यह आपको इतनी ऊंचाइयों में ले जाता है कि आपकी उपस्थिति मात्र ही प्रेम फैलाने लगती है।

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