Tuesday, December 07, 2021 05:57 AM

अनुसूचित जाति के परिवारों के पास न शौचालय न पानी

खनौली पंचायत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र सिंह डोगरा ने सुना दर्द, एक माह में परिवारों को सुविधाएं नहीं मिली, तो खुद अपने खर्च पर करवाएंगेे मुहैया

गौरव जैन- सुजानपुर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष व समाजसेवी रविंद्र सिंह डोगरा ने खनौली पंचायत की अनुसूचित जाति के परिजनों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। रविंद्र सिंह डोगरा ने पत्रकारों जानकारी देते हुए बताया कि खनौली पंचायत की कबीर पंथ बस्ती के अंत्योदय परिवार प्रवीन कुमार व उनकी पत्नी ने ग्राम पंचायत पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए उन्हें बताया कि विगत दो सालों से गरीब परिवार के पास शौचालय नहीं है। पंचायत को बताने के बावजूद भी उनकी कोई सुनवाई की। पीडि़त परिवार का कहना है कि बार-बार अपनी गुहार पंचायत के पास ले जाने पर उल्टा उन्हें धमकाया जाता है और चुप करवा दिया जाता है। पीडि़त दिहाड़ीदार प्रवीन कुमार जहां रहते हैं , वह उसके पिता का दिया हुआ पुश्तैनी मकान है। पिता का देहांत हो चुका है। ऐसे में पंचायत ने अजीब सा फरमान जारी कर दिया है कि प्रवीन कुमार पहले जमीन अपने नाम करवाए तब आगे कार्यवाही की जाएगी, जबकि सरकार का ऐसा कोई नियम नहीं है। डोगरा ने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत हर घर शौचालय का नियम है और लैंडलैस परिवारों को भूमि देने का भी सरकारी प्राविधान है, परंतु पंचायतों में राजनीती की वजह से आम जनता व जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली सुविधाएं नहीं मिल पाती।

बस्ती के अविनाश कुमार ने डोगरा को साक्ष्य देते हुए बताया कि उनके परिवारों के लिए सरकारी पानी की लाइन पारित हुई थी, जिसका प्रस्ताव भी पंचायत ने जारी किया था, परंतु पानी की लाइन दूसरे लोगों के घरों तक लाकर रोक दी गई । अनुसूचित जाति की बस्ती तक पानी की लाइन नहीं पहुंचाई गई, जबकि उक्त पानी की लाइन बस्ती के लिए सेंक्शन हुई थी। बस्ती के परिवारों के पास शौचालय नहीं और पानी नहीं और पंचायत सुनती नहीं। डोगरा ने इस मामले को उपायुक्त के पास भेज रहे हैं, ताकि आरोपियों पर कार्यवाही हो और पीडि़त परिवारों को न्याय मिल सके। गांव के प्रवीन कुमार, ऊषा देवी, अविनाश और अनिता देवी ने डोगरा को आपबीती बताई और मदद के लिए कहा। रविंद्र सिंह डोगरा ने प्रशासन व पंचायत को चेताया है कि यदि अनुसूचित जाति के परिवारों को पानी व शौचालय एक माह तक स्वीकृत कर बनाया नहीं गया, तो वह अपने खर्च पर प्रवीन कुमार को शौचालय बनवाकर देंगे तथा पानी की लाइन के लिए अलग से कार्यवाही करेंगे। (एचडीएम)