Tuesday, June 15, 2021 01:13 PM

धारा-144 हटी, प्रदेश में एंट्री के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट का झंझट खत्म

 प्रदेश में तीन हजार से ज्यादा पद भरने को मंजूरी

 परिवहन क्षेत्र को 40 करोड़ रुपए की राहत

राज्य ब्यूरो प्रमुख — शिमला

हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने राज्य में कोरोना कर्फ्यू के लिए लागू की धारा-144 हटा दी है। इसके अलावा प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू की बंदिशें सुबह पांच से शाम पांच बजे तक जारी रखने का फैसला लिया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अहम फैसला लिया गया कि अब बाहरी राज्यों से हिमाचल आने के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट की जरूरत नहीं होगी। मंत्रिमंडल ने जल शक्ति विभाग में 2322 पदों समेत तीन हजार से ज्यादा पद भरने का निर्णय लिया है। वहीं, जयराम मंत्रिमंडल ने महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित परिवहन क्षेत्र को लगभग 40 करोड़ रुपए की राहत प्रदान की है, जिसके अंतर्गत स्टेज कैरिज ऑपरेटरों के लिए कार्यशील पूंजी पर ब्याज अनुदान योजना शामिल है। इसके तहत प्रति बस दो लाख रुपए की ऋण राशि और अधिकतम 20 लाख रुपए तक की ऋण राशि बस ऑपरेटरों को कार्यशील पूंजी के रूप में प्रदान की जाएगी। ऋण की अवधि पांच वर्ष के लिए होगी, जिसमें एक वर्ष अधिस्थगन अवधि का होगा। इसके अंतर्गत 75 प्रतिशत ब्याज अनुदान रहेगा, जिसका भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।

 दूसरे वर्ष में ब्याज पर 50 प्रतिशत का ब्याज अनुदान दिया जाएगा, जो राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इस योजना पर सरकार की ओर से करीब 11 करोड़ रुपए की राहत प्रदान की गई है। मंत्रिमंडल ने स्टेज कैरिज, टैक्सी, मैक्सी, ऑटोरिक्शा और इंस्टीच्यूशन बसों को भी आवश्यक राहत प्रदान प्रदान करते हुए पहली अगस्त, 2020 से 31 मार्च, 2021 तक विशेष रोड टैक्स और टोकन के भुगतान पर 50 प्रतिशत की राहत दी है। परिवहन क्षेत्र को इस निर्णय से लगभग 20 करोड़ रुपए की राहत मिलेगी। बैठक में पहली अप्रैल, 2021 से 30 जून, 2021 तक तीन महीने की अवधि के दौरान स्पैशल रोड टैक्स और टोकन टैक्स पर 50 प्रतिशत राहत प्रदान करने का भी निर्णय लिया। इस निर्णय से स्टेज कैरिज, टैक्सी, मैक्सी, ऑटोरिक्शा, कांट्रेक्ट कैरिज बसें और संस्थानों की बसों को आठ करोड़ रुपए की राहत मिलेगी। मंत्रिमंडल ने जल शक्ति विभाग को राज्य में 486 पेयजल एवं 31 सिंचाई योजनाओं के प्रभावी प्रबंधन के लिए विभागीय पैरा वर्कर्स नीति के तहत विभिन्न श्रेणियों के 2322 पदों को भरने का निर्देश दिया। बैठक में आईजीएमसी शिमला ट्रॉमा/टर्शरी केयर सेंटर व आईजीएमसी शिमला के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक चमियाना के सुचारू संचालन और प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए विभिन्न श्रेणियों के 401 पदों को सृजित कर भरने के अतिरिक्त विभिन्न श्रेणियों के 328 पद आउटसोर्स के आधार पर भरने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने एसएमसी के अंतर्गत नियुक्त सभी श्रेणियों के अध्यापकों के मानदेय में पहली अप्रैल, 2021 से 500 रुपए की वृद्धि करने का निर्णय लिया। बैठक में प्राथमिक शिक्षा विभाग में मिड-डे मील योजना के अंतर्गत कुक-कम-हैल्पर के मानदेय में पहली अप्रैल, 2021 से 300 रुपए की वृद्धि करने का निर्णय लिया गया। प्रदेश में कोरोना महामारी के दृष्टिगत मंत्रिमंडल ने यूजीसी द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्त्रियाओं के अनुसार स्नातक तथा शास्त्री के अंतिम वर्ष की परिक्षाएं जुलाई, 2021 में आयोजित करवाने का निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल ने अंतिम वर्ष की परिक्षाएं समाप्त होने पर स्नातक प्रथम और द्वितीय वर्ष की परिक्षाएं आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस वर्ष अगस्त माह के प्रथम सप्ताह से शैक्षणिक सत्र 2021-22 में स्नातक की कक्षाएं आरंभ करने का भी निर्णय लिया गया।

आतिथ्य उद्योग के लिए कार्यशील पूंजी ऋण पर ब्याज अनुदान के लिए योजना में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई, ताकि पर्यटन इकाई ऑपरेटरों को प्रचलित बाजार दरों से कम ब्याज दरों पर कार्यशील पूंजी प्राप्त हो सके। संशोधित योजना के तहत प्रथम वर्ष में 75 प्रतिशत ब्याज अनुदान तथा पांच वर्षों तक भुगतान अवधि बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। इस नवीन योजना में रोपवे और ट्रैवल एजेंट जैसी अन्य श्रेणियों को भी शामिल किया गया है। मंत्रिमंडल ने कोविड महामारी के कारण मृत्यु होने पर परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत शामिल करने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत प्रायोरिटी हाउसहोल्ड को चिन्हित करने के लिए पहली अगस्त, 2013 को जारी दिशा-निर्देशों में ऐसे परिवारों को तुरंत राहत प्रदान करने के लिए छूट दी जाएगी। कोरोना से मृत व्यक्तियों के मृत्यु प्रमाण पत्रों के आधार पर ऐसे परिवारों को ग्राम पंचायतों व शहरी स्थानीय निकायों द्वारा तुरंत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियमके तहत शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना 2019 में सेवा उद्यमों और संबंधित मालवाहक वाहनों को संयुक्त संबंधित गतिविधियों के रूप में जोड़ने के लिए आवश्यक सुधार किए जाने की स्वीकृति दी। योजना के तहत वर्तमान में संयंत्र तथा मशीनरी में 40 लाख रुपए की अधिकतम निवेश सीमा को बढ़ाकर 60 लाख रुपए तथा वर्तमान में 60 लाख रुपए की कुल परियोजना लागत को अधिकतम एक  करोड़ रुपए करने का प्रावधान किया गया। इसके अतिरिक्त, 40 लाख की ऋण राशि के बजाय अब 60 लाख की ऋण राशि पर पांच प्रतिशत ब्याज उपदान तीन वर्ष के लिए प्रदान किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने मंडी जिला के धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा खंड धर्मपुर-2 में क्षेत्र के बच्चों को सुविधा प्रदान करने के लिए ग्राम पंचायत सिद्धपुर के गांव खडून में प्राथमिक पाठशाला पुनः खोलने को स्वीकृति प्रदान की।

 उद्योग विभाग के जियोलोजिकल विंग में सीधी भर्ती के माध्यम से अनुबंध आधार पर माइनिंग गार्ड के चार पद भरने का भी निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग में अनुबंध आधार पर निरीक्षक ग्रेड-1 के तीन पद भरने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में मंडी जिले के बल्ह विधानसभा क्षेत्र की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मैरामसीत में छात्रों की सुविधा के लिए विभिन्न श्रेणियों के तीन पदों के सृजन के साथ विज्ञान की कक्षाएं शुरू करने का निर्णय लिया गया। डलहौजी विधानसभा क्षेत्र में छात्रों की सुविधा के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाग्गी और अथेड़ में विज्ञान की कक्षाएं आरंभ करने को मंजूरी प्रदान की। बैठक में जिला बिलासपुर की तहसील घुमारवीं में श्री सरस्वती संस्कृत महाविद्यालय  डंगार को सरकारी नियंत्रण में लेने का निर्णय लिया गया। प्रदेश निर्वाचन विभाग में सीधी भर्ती द्वारा अनुबंध आधार पर जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के सात पद भरने का निर्णय लिया। उपायुक्त कार्यालय चंबा में दैनिक वेतन भोगी आधार पर चालक के दो पद भरने का निर्णय लिया गया। राजस्व प्रशिक्षण संस्थान जोगिंद्रनगर में दैनिक वेतन भोगी आधार पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के दो पद भरने का निर्णय लिया। बैठक में जिला शिमला के सिलोन बाग में  विश्राम गृह के निर्माण का  निर्णय लिया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र थुनाग को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने के साथ इसे कार्यशील करने के लिए विभिन्न श्रेणियों के तीन पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया। बैठक में सिस्टर निवेदिता राजकीय नर्सिंग  महाविद्यालय शिमला में रीडर एवं एसोसिएट प्रोफेसर का एक पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया।