Friday, September 24, 2021 04:38 AM

अनुबंध पूरा कर चुके वरिष्ठ रेजिडेंट डाक्टर होंगे नियमित, क्लॉज 7.4 को मनमाना घोषित कर किया रद्द

हाई कोर्ट ने पॉलिसी के क्लॉज 7.4 को मनमाना घोषित कर किया रद्द

विधि संवाददाता — शिमला

हाई कोर्ट ने प्रदेश के चार मेडिकल कालेजों में तीन वर्षों का अनुबंध कार्यकाल पूरा करने वाले वरिष्ठ रेजिडेंट/ट्यूटर डाक्टरों को तुरंत नियमित करने के आदेश जारी किए हैं। न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर व न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने डाक्टर रेजिडेंट पॉलिसी के क्लॉज 7.4 को मनमाना और अन्यायपूर्ण भी घोषित कर रद्द कर दिया। इसके परिणामस्वरूप सरकार को निर्देश दिया कि वे याचिकाकर्ताओं को उन्हीं मेडिकल कालेजों में वरिष्ठ रेजिडेंट/ट्यूटर विशेषज्ञ के रूप में सेवा जारी रखने की अनुमति दें, जहां वे नियुक्त हुए थे।

 उल्लेखनीय है कि रेजिडेंट डॉक्टर पॉलिसी के क्लॉज 7.4 के अनुसार किसी विशेष सरकारी मेडिकल कालेज में सीनियर रेजिडेंट/ट्यूटर स्पेशलिस्ट के रूप में किसी भी उम्मीदवार के लिए दोबारा कार्यकाल नहीं होगा।  क्लॉज 7.4.2 में प्रावधान है कि एक सीनियर रेजिडेंट, जिसने एक विशेषता में अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है, वह संबंधित सुपर स्पेशियलिटी विभाग में वरिष्ठ रेजिडेंसी के लिए पात्र होंगे, बशर्ते कि ऐसे उम्मीदवारों को अर्जित अंकों के बावजूद योग्यता प्राप्त करते समय नए उम्मीदवारों से नीचे रखा जाएगा। न्यायालय ने पॉलिसी के क्लॉज 7.4 को मनमाना और अन्यायपूर्ण मानते हुए खारिज कर दिया।

सरकार से मांगा स्वास्थ्य सेवाओं का विवरण

शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने सरकार को आदेश दिए है कि वह प्रदेश में उपलब्ध तमाम स्वास्थ्य सेवाओं का विवरण कोर्ट के समक्ष रखे। इस विवरण में सभी स्वास्थ्य केंद्रों व बिस्तरों की संख्या, उपलब्ध एंबुलेंसों सहित मानसिक स्वास्थ्य अस्पतालों और समान प्रकृति के मामलों के संबंध में उपलब्ध सुविधाओं का रिकार्ड शामिल है। कोरोना के प्रसार को रोकने के आग्रह को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने ये आदेश दिया।