Friday, September 24, 2021 05:43 AM

श्रीआनंदपुरसाहिब रोप-वे प्रोजेक्ट... 4 किलोमीटर रह जाएगा मां नयना का दरबार

हिमाचल-पंजाब सरकार में एमओयू के बाद रज्जु मार्ग पर काम शुरू, पीपीपी पर पूरा होगा प्रोजेक्ट

अश्वनी पंडित-बिलासपुर

धार्मिक पर्यटन निखार के मकसद से प्रस्तावित श्रीआनंदपुरसाहिब-नयनादेवी रोप-वे प्रोजेक्ट निर्माण को लेकर पंजाब व हिमाचल की सरकारों के बीच एमओयू साइन होने व सर्वेक्षण स्तरीय कार्रवाई के बाद अब अगली योजना पर काम शुरू हो गया है। यह प्रोजेक्ट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत संचालित किया जाएगा। श्रीनयनादेवी एंड श्रीआनंदपुरसाहिब रोप-वे लिमिटेड की ओर से टेक्निकल कसंलटेंट नियुक्त की गई इंडियन पोर्ट रेल एंड रोप-वे कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से टेंडर कॉल किया गया है। ताजा स्थिति में पर्यटन विभाग की एक टीम 26 जुलाई को नयनादेवी में स्पॉट विजिट कर वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट लेगी, जबकि 27 जुलाई को शिमला में प्री-बिड मीटिंग कॉल की गई है।

खास बात यह है कि रोप-वे बन जाने के बाद आनंदपुर से नयनादेवी की दूरी महज 4 किलोमीटर रह जाएगी, जबकि सड़क मार्ग से यह दूरी 18 किलोमीटर बनती है। पंजाब सरकार ने श्रीआनंदपुरसाहिब के पास रामपुर में 13 एकड़ जमीन चयनित की है, जबकि हिमाचल सरकार भी टोबा के पास 155 बीघा सरकारी जमीन को प्रयोग में लाएगी। इस महत्त्वाकांक्षी योजना को सोशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) के तहत तैयार किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010-11 में तत्कालीन भाजपा सरकार के कार्यकाल में पंजाब राज्य के रामपुर से आनंदपुर-नयनादेवी रोप-वे की योजना तैयार की गई थी। उस समय पंजाब व हिमाचल सरकारों के मध्य इस प्रोजेक्ट को लेकर समझौता भी हुआ था, जिसके तहत निर्माण कार्य में दोनों सरकारों की 50-50 फीसदी भागीदारी सुनिश्चित की गई थी। इस प्रोजेक्ट को लेकर प्रारंभिक सर्वे भी करवाया गया। जमीन चयन को लेकर प्रोसेस भी शुरू कर दिया गया था, लेकिन इस बीच प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ और तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इस एमओयू को रद्द कर दिया। प्रदेश में फिर भाजपा की सरकार बनने पर इस प्रोजेक्ट को प्रायोरिटी बेस पर लिया है। योजना के तहत नयनादेवी में टूरिज्म डिपार्टमेंट रेस्तरां और व्यू प्वाइंट्स डिवेलप करने के साथ ही पर्यटन की दृष्टि से अन्य योजनाएं भी क्रियाविंत करेगी। (एचडीएम)