Tuesday, June 15, 2021 12:41 PM

कुल्लू के बाजारों में पसरा सन्नाटा

कोविड प्लान में गैर-सरकारी संस्थाओं को न जोडऩे पर नीति आयोग नाराज, उपायुक्तों को जारी किए निर्देश

स्टाफ रिपोर्टर- भुंतर कोरोना संक्रमण के संकट को कम करने के मिशन की प्लानिंग से गैर-सरकारी संस्थाओं को आउट करने पर नीति आयोग नाराज है। नीति आयोग ने सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी कर गैर-सरकारी संस्थाओं को कोविड-19 से निपटने के अभियान में जोडऩे और इसके लिए विशेष एनजीओ को-आर्डिनेशन केंद्र सभी प्रकार की सुविधाओं सहित स्थापित करने व एक नोडल अधिकारी तैनात करने के फरमान देते हुए रिपोर्ट देने को कहा है। लिहाजा, जो गैर-सरकारी संस्थाएं कोविड-19 आपदा से लडऩे में सरकार का साथ देने की क्षमता रखती हैं, उन्हें भी अहम जिम्मा अब मिलने वाला है। बता दें कि प्रदेश में भी अब तक जो दिशा-निर्देश कोविड-19 के संकट से उबरने के लिए दिए गए हैं, उसमें भी गैर-सरकारी संस्थाओं को खास जिम्मेदारी नहीं दी गई है। प्रदेश में राज्य व हर जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन इंटर एजेंसी समूहों को भी बनाया गया है, लेकिन इनके साथ भी कोई को-आर्डिनेशन नहीं दिख रहा है। जानकारी के अनुसार पांच मई को नीति आयोग के तहत पंजीकृत गैर-सरकारी संस्थाओं के साथ ऑनलाइन बैठक आयोग ने की है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में संस्थाओं ने कोविड-19 से निपटने की योजना में संस्थाओं की उपेक्षा का मामला उठाया था। जानकारी के अनुसार इसी पर आयोग ने सख्त नाराजगी जाहिर की है और गुरुवार को नए दिशा-निर्देश सभी उपायुक्तों को जारी किए हैं।

इन निर्देशों के अनुसार को-आर्डिनेशन मैकेनिजम स्थापित करने को कहा गया है जो ग्रास रूट से जिला स्तर पर कार्य करेगा। संस्थाओं को अस्पताल सुविधा, बैड के लिए मदद, ऑक्सीजन सुविधा प्रदान करने, ऑक्सीजन सप्लाई व ऑक्सीजन बैंक तैयार करने, एंबुलेंस सुविधा, अस्पताल के वेटिंग क्षेत्र में सुविधा जुटाने, होम आइसोलेशन और गरीब व विशेष जरूरत वाले लोगों को भोजन, अनाथ बच्चों की देखभाल, मनोसामाजिक व मेडिकल काउंसिलिंग, वैक्सीनेशन अभियान व मदद, शवों को दफनाने या जलाने तथा अन्य सेवाओं का सहयोग लेने को कहा गया है। इसके अलावा सरकार के निर्देशों को समझाने व प्रसार, सूचनाओं, कोविड उपयुक्त व्यवहार, टेस्टिंग, आइसोलेशन, इलाज तथा कोविड उपरांत देखभाल सहित जिला स्तर पर कोविड प्रबंधन हेतु मजबूत डाटा बेस तैयार करने तथा अन्य मसलों से संबंधित जिम्मा देने को कहा गया है। एनजीओ को-आर्डिनेशन केंद्र में सभी प्रकार की सुविधाओं के अलावा संस्थाओं की ओर से नामित पूर्ण कालिक कॉडिनेटर भी सेवा देगा। एनडीएमए के जॉइंट एडवायजर नवल प्रकाश द्वारा जारी पत्र के अनुसार यह केंद्र कोविड के अलावा भविष्य में अन्य आपदाओं के दौरान भी सेवा देता रहेगा।

बर्फबारी के बीच दिन भर दर्रे में डटे रहे जवान, शनिवार को मनाली लेह मार्ग पर हो सकती है वाहनों की आवाजाही

निजी संवाददाता — मनाली अभी भी मौसम खराब होने पर व बर्फ के फाहों के बीच बीआरओ की टीम बारालाचा दर्रे में ट्रकों को निकालने में जुटी हुई है। बीआरओ ने बारालाचा दर्रे में फंसे पांच ट्रकों सहित नौ वाहन गुरुवार को मनाली की ओर भेज दिए थे, लेकिन लेह जा रहे 20 से अधिक ट्रक बारालाचा दर्रे में फंसे हुए हैं। सुबह से हो रही बर्फबारी बीआरओ के लिए दिक्कत बनी हुई है। ट्रक चालकों के दर्रे में पहुंचते ही 21 अप्रैल से दर्रे में फंसे ट्रक भी निकलने लगे हैं। शनिवार दोपहर तक सभी ट्रकों के निकलने की उम्मीद है। इस बार बीआरओ ने रिकार्ड समय में सड़क बहाली की है, लेकिन वहान चालकों को तब से भारी दिक्कत का सामान करना पड़ा है।

21 अप्रैल से फंसे ट्रक चालकों को अब जाकर राहत मिलने लगी है। दूसरी ओर लेह में फंसे ट्रक चालकों ने भी मनाली का रुख करना शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को लेह के उपसी से ट्रकों का काफिला सरचू पहुंचने लगा है। सेना का काफिला भी मनाली पहुंचना शुरू हो गया है। बीआरओ की मानें तो शुक्रवार शाम तक सभी ट्रकों को दर्रे से निकाल लिया जाएगा और शनिवार को आवाजाही सुचारू हो जाएगी। बीआरओ कमांडर उमा शंकर ने बताया कि बीआरओ के जवान सुबह से ट्रकों को निकालने में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि बारालाचा दर्रे में बर्फ बारी हो रही है, जिससे काम प्रभावित हुआ है लेकिन देर शाम तक ट्रकों को निकाल लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिनजिंगबार व सरचू में बीआरओ ने अपने अस्थायी कैंप स्थापित किए हैं। यहां से मनाली लेह मार्ग की ट्रैफिक को सुचारू रखने के प्रयास किए जाएंगे।

जिला में कोरोना कफ्र्यू का दिखा असर, जरूरत के सामान को ही घरों से निकले लोग

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — कुल्लू कोरोना संक्रमण के फिर से बढ़ते संकट के बीच करीब दस दिनों का कोरोना कफर््यू शुक्रवार से आरंभ हुआ। सरकार की बंदिशों के चलते जिला कुल्लू के बाजार पूरी तरह से बंद रहे और यहां सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि सरकार के निर्देशों के बाद यहां पर दैनिक जरूरतों व मेडिकल के अलावा अन्य सेवाएं देने वाले दुकानदारों की दुकानें खुली रहीं। सुबह के समय हालांकि लोग कम संख्या में निकले, लेकिन 11 बजे के बाद कुछ लोगों की संख्या देखने को मिली, लेकिन दोपहर बाद सन्नाटा पसरा गया। वहीं, जिला के अन्य बाजारों में भी सन्नाटा देखने को मिला। उधर, पुलिस की नजर भी हर जगह देखने को मिली। चप्पे-चप्पे पुलिस जहां तैनात थी, वहीं पुलिस की टीम में शामिल डीएसपी मंयक गुप्ता ने यहां बस अड्डे में जाकर सभी बसों को स्वयं चेक किया। लोगों को कोविड नियमों को पालन किस तरह से करना है इसे लेकर जागरूक किया। एसपी गौरव सिंह भी दिनभर शहर में निरीक्षण पर निकलें। हालांकि उपायुक्त कार्यालय यहां खुला था। लोक निर्माण विभाग के कार्यालय में खुले थे, जहां पर केवल काम करने वालों की आवाजाही देखने को मिली। अब आने वाले नौ दिनों में भी इसी प्रकार के हालात देखने को मिलेंगे।

यहीं नहीं, यहां कुछ ढाबे व रेस्तरां तो खुले थे, लेकिन लोगों की संख्या कम होने के चलते कोरोबार भी फीका ही रहा, जिस तरह से लोग पहले ही दिन घरों में रहे। ऐसे में अगर अगले नौ दिनों तक भी लोग घरों से बाहर कम रुख करेंगे तो संक्रमण की इस चेन को तोडऩे में कहीं न कहीं जिला कुल्लू पूरी तरह से सफल होगा। साथ ही बढ़ते मामलों में भी कमी देखने को मिलेगी। हालांकि कोरोना के बढ़ते संक्रमण ने सरकार को चिंता में डाल दिया है तो लोगों को भी अब इसके कारण ंिचंता हो रही है। लिहाजा, सरकार ने अपनी बंदिशों को बढ़ाते हुए दस दिनों के लिए कफर््यू लगाया है। इस दौरान बाजार बंद रहेंगे तो सरकारी कार्यालय कुछ बंद तो कुछ खुले रहेंगे। हालांकि जरूरी सेवाएं इस दौरान जारी रहेंगी। अधिकतर सेवाओं के बंद रहने के कारण घाटी के लोग घरों में ही डेरा डाल रहे हैं और केवल जरूरी काम के लिए ही बाजार में पहुुंच रहे हैं। शादी की खरीददारी के लिए बाजार में पहुंचने वालों की भीड़ भी इसके कारण खत्म हुई है। यही नहीं, यहां कारोबारियों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है।

उधर, आनी एसडीएम ने भी स्वयं मोर्चा संभाला और उन्होंने आनी बाजार का निरीक्षण किया। साथ ही बसों में जो यात्री थे, उन्हें सीटों पर दूरी में बैठने को लेकर जागरूक किया। साथ ही बाहल जाते समय घर जाने तक मास्क पहने रखने का आह्वान किया। शुक्रवार को अधिकतर ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी, कर्मी सहित उपमंडल के अधिकारियों ने बाजारों का निरीक्षण किया और लोगों को जागरूक किया। शुक्रवार को जिलाभर में मौसम खराब होने के चलते दोपहर बाद चंद घंटों के लिए मौसम का मिजाज बिगड़ते ही जमकर बारिश भी हुई। यहां दूसरी और शुक्रवार को ग्राम पंचायत हलान-दोने भी अब सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक दुकानें खुली रखने का फैसला लिया है। उधर, जिला लाहुल-स्पीति में व्यापार मंडल ने केवल एक घंटे तक ही बाजार खोलने का फैसला लिया है, जिसकी सराहना आज प्रदेशभर में हो रही है।