Saturday, August 08, 2020 05:14 PM

स्कूलों में रखेंगे 7852 मल्टी टास्क वर्कर्ज

जयराम कैबिनेट का फैसला, स्थानीय स्तर पर बेरोजगारों को मिलेगा कमाने का मौका

शिमला  – कोरोना काल के बीच जयराम सरकार ने सरकारी स्कूलों में अंशकालीन मल्टी टास्क वर्कर्ज की नई भर्ती को मंजूरी देकर युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खोले हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में इस नई भर्ती के तहत प्रदेश भर में 7852 पदों को भरने की मंजूरी दी है। खास है कि इस भर्ती से स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा प्राथमिक और उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत अंशकालीन जलवाहकों के मानदेय में 300 रुपए प्रतिमाह की वृद्धि कर इसे 2400 रुपए ये बढ़ाकर 2700 रुपए प्रतिमाह करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने 25 जून, 1975 से 21 मार्च, 1977 तक आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की सुरक्षा और लोगों के मौलिक अधिकारों के लिए आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था अधिनियम (मीसा) और डीआईआर डिफेंस ऑॅफ इंडिया रूल के तहत एक से 15 दिनों तक कैद में रहे लोगों को 8000 रुपए प्रति माह और 15 दिनों से अधिक अवधि तक कैद में रहने वालों को 12000 रुपए प्रतिमाह लोकतंत्र प्रहरी सम्मान राशि के रूप में प्रदान करने का निर्णय लिया है। बैठक में सरकारी स्कूलों में अंशकलीन मल्टी टास्क वर्कर्स को सम्मिलित करने के लिए एक नीति तैयार करने को स्वीकृति दी। इसके तहत प्रारंभ में 7852 योग्य बेरोजगारों को स्थानीय स्तर पर मानदेय अर्जित करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। इन कार्यकर्ताओं को अकादमिक वर्ष के दौरान 10 महीनों के लिए छह घंटे के लिए प्रतिदिन 31.25 रुपए प्रति घंटे का मानदेय दिया जाएगा। मंत्रिमंडल ने देश की सेवा के लिए भारतीय सेना/नौसेना/वायु सेना व अर्द्ध सैनिक बल में शामिल होने के इच्छुक युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए जिला मंडी के सरकाघाट क्षेत्र के बर्चवाड में प्रशिक्षण अकादमी/केंद्र स्थापित करने को अपनी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने शिमला में लोक निर्माण विभाग के तहत नए बागबानी खंड खोलने का निर्णय लिया। बागबानी विभाग के वर्तमान सभी उपमंडलों को इस मंडल के प्रशासनिक नियंत्रण में लाया जाएगा। यह नया बागबानी मंडल जैव इंजीनियरिंग तकनीक के माध्यम से सड़क के किनारे पौधारोपण और ढलान स्थिरता जैसी गतिविधियों को सुनिश्चित करके हरित सड़कों के निर्माण में मदद करेगा।  वैश्वीकरण की चुनौतियों का सामना करने और व्यवसाय के तरीकों में नियोक्ता को लचीलापन प्रदान करने की दृष्टि से, श्रमिकों को लाभान्वित करने के अतिरिक्त राज्य मंत्रिमंडल ने औद्योगिक रोजगार (स्थायी आदेश) हिमाचल प्रदेश (संशोधन) नियम-2019 को मंजूरी प्रदान की। औद्योगिक रोजगार (स्थायी आदेश) अधिनियम, 1946 तथा इसके उपरांत बनाए गए नियमों के तहत अपने अधिकार क्षेत्र में औद्योगिक प्रतिष्ठान निश्चित अवधि के रोजगार श्रमिकों के लिए प्रावधान किए गए हैं। यह ‘फिक्स्ड टर्म एम्पलॉयमेंट वर्कमेन’ को समान वैधानिक लाभ देगा, जो नियमित कर्मचारियों को दिए जा रहे हैं। इससे अनुबंध अधिकारियों का शोषण कम होगा, क्योंकि नियोक्ता बिना किसी मध्यस्थ के निश्चित समय अवधि के लिए श्रमिकों को अनुबंध आधार पर काम पर रख सकेगा। मंत्रिमंडल ने ऊना जिला की हरोली तहसील में पल्कवाह खास में हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा निर्मित कौशल विकास संस्थान को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान को लोक निर्माण विभाग द्वारा मूल्यांकित दरों पर पट्टे पर देने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के मैनुअल 2019 और सीपीडब्ल्यूडी के विभिन्न प्रकाशनों को अपनाने की स्वीकृति प्रदान की। इससे पारंपरिक निर्माण विधाओं पर प्रभुत्व हासिल करने के लिए नई उभरती निर्माण तकनीकों को अपनाकर विभाग में बदलाव लाए जाएंगे। यह राज्य लोक निर्माण विभाग के लिए मार्गदर्शक पुस्तक का कार्य करेगा, क्योंकि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के पास महानिदेशक के नेतृत्व में अपना स्वयं का डिजाइन निदेशालय है। विभिन्न अधिनियमों के तहत बनाए जाने वाले रजिस्टरों/प्रपत्रों की संख्या को कम करने और राज्य में विभिन्न श्रम कानूनों की आवश्यकताओं के अनुपालन उपायों के लिए मंत्रिमंडल ने विभिन्न श्रम नियमों के तहत हिमाचल प्रदेश अनुपालन सुगमता रजिस्टर नियम, 2019 को अपनाने का निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने मैसर्ज अर्नेस्ट एंड यंग (ईवाई) को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (राज्य व्यापार सुधार कार्य योजना और जिला व्यापार सुधार कार्य योजना) और राज्य में निवेश प्रोत्साहन के लिए परामर्शी सेवाएं प्रदान करने हेतु रिसोर्स व्यक्तियों की नियुक्ति करने को अपनी मंजूरी दी।

The post स्कूलों में रखेंगे 7852 मल्टी टास्क वर्कर्ज appeared first on Himachal news - Hindi news - latest Himachal news.