Thursday, September 24, 2020 10:55 PM

स्थायी रेडियोलॉजिस्ट न होने से मरीज खफा

भोरंज अस्पताल में रोगियों को करना पड़ रहा दिक्कतों का सामना, जल्द मांगा समाधान

निजी संवाददाता। भोरंज-उपमंडल भोरंज के सिविल अस्पताल भोरंज में अल्ट्रासाउंड पहले व तीसरे बुधवार को ही मिलती है, जिससे मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि इससे पूर्व ये अल्ट्रासाउंड पहले व तीसरे बुधबार को होते थे, जिससे आए हुए लोगों में रोष पनप गए। हालांकि सभी सुविधाएं मिल गई हैं और अस्पताल में मेडिसिन विशेषज्ञ, ऑर्थो विशेषज्ञ, शिशु रोग चिकित्सक व महिला रोग चिकित्सक की तैनाती हो गई है, लेकिन लोगों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा सिर्फ  माह में दो बार ही मिल पा रही है। उसे भी बिना किसी पूर्व सूचना के बदलने से अल्ट्रासाउंड करवाने आए हुए लोगों को घर लौटना पड़ा और मजबूरन लोगों को निजी क्लीनिकों में महंगे दामों में अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ रहा है। उन्होंने विभाग से अल्ट्रासाउंड की सुविधा जल्द मुहैया करवाने की मांग उठाई है। सिविल अस्पताल भोरंज में रेडियोलॉजिस्ट का पद ही नहीं है ।

हालांकि अस्पताल में नई अल्ट्रासाउंड की मशीन, तो नई आ गई है, लेकिन अस्पताल में परमानेंट रेडियोलॉजिस्ट का पद नहीं होने से माह में सिर्फ  दो बार ही हमीरपुर से रेडियोलॉजिस्ट के आने पर माह के पहले और तीसरे बुधवार को ही अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं। अब वह भी बिना किसी पूर्व सूचना के सीएमओ हमीरपुर ने पहले व तीसरे बुधवार को कर दिया है। हालांकि तकनीकी रेडियोलॉजिस्ट विभाग के कर्मचारी ने मंगलवार को लगभग 50 लोगों के अल्ट्रासाउंड की डेट दे रखी थी, लेकिन लोगों को मायूस होकर घर लेटना पड़ा।  चिकित्सक न होने से अल्ट्रासाउंड मशीन शोपीस बनकर रह गई है। लोगों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए सरकाघाट या हमीरपुर अस्पताल या निजी क्लीनिकों में करवाना पड़ रहा है, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को मजबूरन निजी क्लीनिकों में अल्ट्रासाउंड करवाने पड़ रहे हैं, जिससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने विभाग से मांग की है कि जल्द अल्ट्रासाउंड की सुविधा के लिए भोरंज अस्पताल में परमानेंट रेडियोलॉजिस्ट डाक्टर का पद क्रिएट किया जाए, ताकि लोगों को असुविधा न हो। इस संबंध में बीएमओ भोरंज डा. ललित कालिया ने कहा कि अस्पताल में नई अल्ट्रासाउंड मशीन आ गई है, परंतु स्थायी रेडियोलॉजिस्ट डाक्टर का पद न होने से माह में दो बार ही अल्ट्रासाउंड होते है।

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