Sunday, May 09, 2021 06:55 PM

लाहुल पर्यटन विजन डाक्यूमेंट को मांगे सुझाव

गर्मियों की पसंदीदा सैरगाह है पर्यटन नगरी, इस बार कोविड मापदंडों को पूरा करने पर ही होगी एंट्री

स्टाफ रिपोर्टर — भुंतर

कोरोना की बंदिशों के बीच अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी कुल्लू-मनाली की ओर सैलानी उमड़ने लगे हैं। सरकार के नए निर्देशों के तहत होटल कारोबारी भी मेहमानों की आवभगत करने में जुट गए हैं। लिहाजा, आने वाले दो से तीन माह तक अगर कोरोना का खतरा ज्यादा नहीं बढ़ा तो सैलानियों की रौनक देखने को मिलगी। बता दें कि अप्रैल से जुलाई की गरमी से परेशान सैलानी राहत को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी कुल्लू-मनाली को भागे-भागे आते हैं। इन चार महीनों में जिला में आने वाले पर्यटकों की संख्या सर्दियों की तुलना में दोगुनी हो जाती है। सैलानी मनाली-रोहतांग-सोलंगनाला, मणिकर्ण-बरशैणी तथा बंजार-जलोड़ी के पर्यटन ठिकानों में इस दौरान रहते हैं और अगस्त-सितंबर में गर्मी कम होने के बाद वापस लौटना आरंभ करते हैं। जानकारों के अनुसार कुल्लू-मनाली देश-दुनिया के सैलानियों के लिए सबसे पसंदीदा सैरगाह बन गया है। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल माह में सैलानियों की संख्या में इजाफा होना आरंभ होता है और मई-जून साल का पीक सीजन रहता है।

साल के किसी भी माह में एक से दो लाख तक जिला में आने वाले सैनियों का आंकड़ा इन महीनों में चार लाख के पार हो जाता है।  पिछले दो सालों में केवल मई व जून केवल मात्र महीने रहे हैं, जब यहां आने वाले सैलानियों का आंकड़ा चार लाख के पार हुआ है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक साल 2015 से 2019 तक अप्रैल माह में जिला में 1752742 सैलानी, मई में 2131096, जून में 2299923 तथा जुलाई में 1791598 सैलानी आए हैं, जो अन्य माह में आए सैलानियों से 50 फीसदी तक ज्यादा हैं। हालांकि पिछले साल कोई भी सैलानी इस दौरान लॉकडाउन के कारण नहीं आ पाया था। गर्मियों में यहां पहुंच रहे पर्यटकों के कारण पर्यटन कारोबारी खूब चांदी कूटते हैं। जानकारी के अनुसार 2015 के बाद से शिमला भी कुल्लू के मुकाबले सैलानियों को आकर्षिक करने के मामले में पिछड़ता जा रहा है। 2018 में कुल्लू में शिमला के मुकाबले करीब तीन लाख ज्यादा सैलानी आए थे। पर्यटकों की लंबी लाइन के बाद जिला के कारोबारी इस बार भी ज्यादा सैलानियों के यहां पहुंचने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उपायुक्त डा. ऋचा वर्मा का कहना है कि सैलानियों के अनुसार सरकार ने कोविड मापदंड तय किए हैं और इनका पालन करते हुए सैलानी जिला में आ सकते हैं।

ब्यास-पार्वती-सैंज बेसिन की पहाडि़यों से छंटने लगी सफेदी, नदियों के जलस्तर में हो रहा इजाफा

स्टाफ रिपोर्टर — भुंतर

इस साल अच्छी बर्फ को तरसे जिला कुल्लू के पार्वती-ब्यास और सैंज बेसिन के बर्फ क्षेत्र गर्मी की आहट से हौले-हौले पिघलने आरंभ हो गए हैं। मौसम में आई गर्माहट अपना रंग दिखाने लगी है, जिसका असर जिला के हिम क्षेत्रों पर दिख रहा है। लिहाजा सदानीरा ब्यास और पार्वती सहित सैंज नदियों के जलस्तर में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने वाली है। बता दें कि सर्दियों में पहाड़ों पर हुए हिमपात ने यहां की नदियों के जलस्तर को भी निम्र स्तर पर पहुंचा दिया था। सबसे ज्यादा 36 ग्लेशियरों से घिरे पार्वती बेसिन के करीब 450 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र, छह ग्लेशियरों से घिरे ब्यास के 15 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र और नौ ग्लेशियरों से घिरे सैंज बेसिन के 37 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में इस बार बर्फ अपेक्षाकृत कुछ कम पड़ी है और यह बर्फ अब पिघलने लगी है। बर्फ पिघलने के बाद इन चोटियों में लोगों का आवागमन भी होने लगा है। जानकारी के अनुससार पार्वती घाटी की मलाणा व खीरंगगा में बर्फ की चादर हट रही है और यहां पर सैलानी व अन्य लोग भी पहुंच रहे हैं। ग्लेशियोलॉजी विशेषज्ञों के अनुसार जिला में करीब 330 से अधिक हिम क्षेत्र हैं, जिनमें पार्वती बेसिन में सबसे ज्यादा 147 हिमक्षेत्र हैं, जिनका दायरा करीब 118 वर्ग किलोमीटर है तो ब्यास बेसिन में 47 और सैंज बेसिन में 59 हिमक्षेत्र हैं, जिनका दायरा 72 व 51 वर्ग किलोमीटर है।

जल जीवन मिशन में मनमानी पर लगेगी रोक; मिलेगा केवल आधा इंच पानी का कनेक्शन, अधिक पानी के लिए करनी होगी ज्यादा जेब ढीली

हीरा लाल ठाकुर — भुंतर आम लोगों को परेशानी में डालकर चहेतों को मनमाना वितरण करने वालों पर केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन की ब्रेक लग गई है। इस मिशन के तहत किसी भी व्यक्ति को मांगने के बाबजूद अलग-अलग साइज के कनेक्शन नहीं मिलेंगे। योजना के तहत केवल आधा इंच आकार का ही कनेक्शन मिलेगा और अगर किसी को ज्यादा पानी चाहिए तो उसे दो कनेक्शन लगाकर ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। लिहाजा, पानी का मनमाना वितरण अब जल्द ही बंद होने वाला है। केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन के अंतर्गत अब पंचायत स्तर पर एक्शन प्लान बनने के कारण इसका कार्यान्वयन व रखरखाव सुनिश्चित होगा। इसके लिए पंचायत स्तर पर जल समितियों का गठन किया जा रहा है और इसकी प्रक्रिया इन दिनों पूरी की जा रही है।

जानकारी के अनुसार हर घर के अलावा गांव के सभी संस्थानों, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी, पंचायत घर को भी कनेक्शन मिलेगा तो पशुओं के पानी पीने के स्थानों में भी पानी की व्यवस्था करनी होगी। अधिकारियों की मानें तो नई पाइपलाइन बिछने के बाद सभी को एयरेटर नल का ही प्रयोग करना होगा, जिससे कम पानी की खपत हो, जो व्यक्ति इस प्रकार का नल नहीं लगाता है तो उस पर जुर्माना भी लग सकता है। इसके अतिरिक्त पांच लीटर प्रति मिनट पानी देने वाला टेंपर प्रूफ फ्लो कंट्रोल वाल्व का प्रयोग भी होगा, ताकि पानी का अधिक बहाव न हो सके। इसे डिस्ट्रीब्यूशन पाइप लाइन के साथ-साथ हर घर मे लगाना होगा, जिससे हर घर को समान रूप से पानी मिले। बता दें कि केंद्र सरकार की इस योजना के लिए कुल्लू सहित प्रदेश के सभी जिलों में कार्य

उपायुक्त पंकज राज बोले, लाहुल-स्पीति भवन मनाली में किया जाएगा कामगारों का कोरोना टेस्ट

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — कुल्लू उपायुक्त पंकज राय की अध्यक्षता में कोविड -१९ को लेकर रविवार को एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक मेें निर्णय लिया गया कि लाहुल में स्थानीय लोगों अथवा ठेकेदारों द्वारा लाए जा रहे कामगारों के कोरोना टेस्ट लाहुल-स्पीति भवन व मनाली में किया जाएगा तथा बीआरओ के कामगारों के टेस्ट बाहंग में किए जाएंगे। लाहुल में स्थानीय लोगों के पास आ रहे कामगारों के कोरोना टेस्ट लाहुल-स्पीति भवन व मनाली में किया जाएगा, जिनकी टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आएगी, उनको एफकॉन भवन नार्थ पोर्टल में स्थानांतरित किया जाएगा, जो नेगिटिव होंगे उन्हें लाहुल आने की अनुमति प्रदान की जाएगी।

उपायुक्त पंकज राय ने जानकारी दी कि जो भी स्थानीय लोग अथवा ठेकेदार बाहर से श्रमिकों को कार्य करने के लिए लाहुल लाना चाहते हैं, उन्हें संपर्क सूत्र १०७७ पर फोन करके इसकी सूचना देनी होगी, जहां से इनकी सूचना की पुष्टि संबंधित पंचायत प्रधान द्वारा की जाएगी। जहां ये श्रमिक कार्य के लिए लाए जाने हैं। इसके पश्चात इनके आरटीपीसीआर टेस्ट किए जाएंगे,साथ ही बीआरओ के कामगारों के टेस्ट बाहंग में किए जाएंगे। जो लोग भी पोसिटिव होंगे उनकी व्यवस्था बीआरओ के द्वारा ही अपने स्तर पर की जाएगी।

स्टाफ रिपोर्टर-आनी पिछले 5 सालों में 7 नेशनल कैंप के खिलाड़ी देने वाले हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन से संबद्ध कुल्लू जिला क्रिकेट अकादमी के सबसेंटर आनी में नए सेशन के लिए क्रिकेट ट्रायल शनिवार को आनी के हिमालयन मांडल स्कूल के खेल मैदान में हुआ। जिसकी अध्यक्षता डीएसपी आनी रविंद्र नेगी ने की। अकादमी के कोच प्रेमपाल ने बताया कि नए सेशन 2021-22 के लिए आनी में 10 से 18 साल के बच्चों के लिए क्रिकेट के ट्रायल सुबह 11 बजे से शुरू हुए।

ट्रायल में सफल होने वाले इच्छुक खिलाड़ी का क्रिकेट सब सेंटर आनी में पंजीकरण भी करवाया गया। कोच प्रेम ने बताया कि आनी क्रिकेट अकादमी पिछले दस सालों से जिला कुल्लू सहित प्रदेश के विभन्न युवाओं को क्रिकेट खेल की बेहतरीन ट्रेनिंग दे रही है। कोच प्रेम पाल ने कहा कि आनी के होनहार स्कूली बच्चों को क्रिकेट में आगे बढऩे का मौका दिया जा रहा है। गांव के क्रिकेट खिलाडिय़ो ने जिला स्तर, राज्य स्तरीय सहित अनेक क्रिकेट प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। शनिवार को किन्नौर, कुमार सैन, रामपुर, शिमला, आनी, निरमंड के 60 स्कूली छात्र व छात्रों ने क्रिकेट का ट्रायल दिया। जिसमें 20 बच्चों नें ट्रायल पास किया। क्रिकेट ट्रायल कैंप में विभिन्न क्षेत्रों से खिलाड़ी शामिल हुए। प्रेमपाल ने बताया कि ट्रायल की कोई फीस नहीं ली गई है, बल्कि ट्रायल में सफल होने के बाद पंजीकरण फीस ली गई। कैंप में डीएसपी रविंद्र नेगी के साथ कोच प्रेम पाल, सह कोच ललित मोहन, सुदेश कौशिक, दीपक, सन्तोष मेहता आदि उपस्थिति रहे। क्रिकेट कोच प्रेम पाल ने वित्त एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर, कुल्लू क्रिकेट अकादमी कुल्लू के अध्यक्ष दानवेंद्र सिंह, प्रदेश एसोसिशन के अरुण धूमल, शिव कपूर व अजय शर्मा का आभार जताया है।

निजी संवाददाता — गुशैणी तीर्थन घाटी की ग्राम पंचायत शिल्ली द्वारा आयोजित शहीद लगन चंद मेमोरियल कप क्रिकेट प्रतियोगिता के दूसरे दिन स्थानीय परवाड़ी गांव के दिव्यांग गुमत राम बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे। गुमत राम 70 प्रतिशत दिव्यांग हैं, फिर भी यह बैसाखियों के सहारे खिलाडिय़ों की हौसला अफजाई करने पैदल डेढ़ घंटे की ट्रैकिंग करके 8900 फुट की ऊंचाई पर स्थित भिंडी थाच स्टेडियम में पहुंचे। खेलकुद एवं पर्यटन विकास समिति ने गुमत राम का स्वागत किया और इन्हें स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया।

गुमत राम ने अपनी एक महीने की सामाजिक सुरक्षा पेंशन 1500 रुपए खेलकूद एवं पर्यटन विकास समिति शिल्ली को प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए भेंट की है। इस प्रतियोगिता के दूसरे दिन सनराइज इलेवन शिल्ली और कोबरा स्टार इलेवन चिपनी के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। सनराइज टीम ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया और निर्धारित दस ओवर में 82 रन का स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य पूरा करने उतरी कोबरा स्टार इलेवन की पूरी टीम 81 रन पर ही ढेर हो गई और इस रोमांचक मुकाबले में सनराइज इलेवन शिल्ली की टीम ने एक रन से मैच जीत लिया। सनराइज टीम की ओर से मोहर सिंह ने सबसे ज्यादा 20 गेंदों में 22 रन बनाए, वहीं दूसरी ओर कोबरा स्टार की ओर से जय सिंह ने सबसे ज्यादा 27 गेंदों में 31 रन बनाए। कोबरा स्टार इलेवन के खिलाड़ी पद्म चौहान को मैन ऑफ दि मैच दिया गया, जिन्होंने दो ओवर में दस रन देकर तीन विकेट झटके।

झूंणा से ठीक होते हैं कई रोग; भजन-कीर्तन का दौर, महादेव के सामने नतमस्तक श्रद्धालुं

स्टाफ रिपोर्टर — बंजार उपमंडल बंजार का आराध्य शिव स्वरूप देवता ईश्वर महादेव की पारंपारिक व पुरातन झूंणा का आयोजन इन दिनों बड़ी धूमधाम से किया जा रहा है। कारकूनों के अनुसार इन झूंणा का एक स्पष्ट रूप से एक तथ्य आता है कि पूरातन समय में संत जनों के ऊपर राक्षसों ने अत्याचार किए तथा पाप की वृद्धि होने पर भगवान शिव स्वरूप ईश्वर महादेव ने उनकी रक्षा करने के लिए अपनी एक शक्ति को प्रकट किया उस शक्ति ने उक्त राक्षसों को भस्म करके संतों की रक्षा की।

उस समय संत जनों ने महादेव की मंत्रों , कथाओं, वाद्ययंत्रों तथा मंगल गीतों को गाकर महादेव की स्तुति की। आज उसी परंपरा का निर्वहन उपमंडल के पलाहच पंचायत पावन धमेउली गांव में कलिउनी, जगाला, जमद, सोझा थाच कोटला व उपमंडल के पांच कोठी के श्रद्धालुओं की तादाद में देवता ईश्वर महादेव के समक्ष नतमस्तक होते हैं। देवता ईष्वर महादेव के कारकून कुर्म दत्त, गुमत राम, नीरत सिंह पुजारी खेम शर्मा रोशन लाल शर्मा ईश्वर लाल शर्मा व अन्य प्रमुख लोगों को कहना है कि ईश्वर महादेव एक समय तपस्या में लीन थे तो उस समय राक्षसों ने ऋषि-मुनियों को सताना शुरू किया तो भगवान ने उनको समाप्त करने के लिए अपना डमरू बजाया तो आज भी बजंतरी लोग अपने-अपने वाद्ययंत्रों से 16 कलाओं को कई लहरों में बजाया जाता है। उनका कहना है कि आज भी उस पुरातन परंपरा को बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।

नगर संवाददाता — सैंज परियोजना नगरी के नाम से जाने वाली कुल्लू जिला की सैंज घाटी के मुख्य बाजार सैंज में बस अड्डा न होने के कारण वाहन चालकों के साथ स्थानीय लोगों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। चूंकि बस अड्डा न होने के कारण बस व अन्य वाहन चालक बसें व अपने वाहन सड़क किनारे पार्क कर चले जाते हैं, जिसके कारण यहां पर अकसर जाम की स्थिति बन जाती है। जानकारी के मुताबिक यहां पर बस अड्डा बनना प्रस्तावित है, लेकिन सरकार की अनदेखी के कारण इसका काम ही शुरू नहीं हो पा रहा है। लोगों का साफ कहना है अड्डे का निर्माण केवल फाइलों में दफन होकर रह गया है। वर्षों से सैंज में प्रस्तावित बस अड्डे का निर्माण कार्य शुरू न होना सरकार व प्रशासन की नाकामी को भी दर्शाता है।

नतीजा यह है कि सड़क किनारे बसें खड़ी होने के कारण यहां पर अकसर जाम लग जाता है।। स्थानीय लोगों ने बताया कि सैंज में बस अड्डा न होने के कारण स्थानीय व बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि सैंज में लंबे समय से बस अड्डे की मांग की जा रही है तथा बस अड्डा बनाना प्रस्तावित भी है, लेकिन अभी तक इस पर कार्य शुरू नहीं हो पाया है। सबसे अधिक परेशानी तो एंबुलेंस आदि में जा रहे मरीजों को उठानी पड़ती है। क्योंकि सड़क किनारे वाहन खड़े होने से लगने वाले जाम में कई बार एंबुलेंस को निकलने में समय लग जाता है। लोगों का कहना है कि सरकार लंबे समय से इस मामले को लटकाए हुए हैै। लोगों ने स्थानीय विधायक से मांग की है कि बस अड्डे का निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाए, ताकि लोगों को रोजाना की परेशानी से मुक्ति मिल सके।

उपायुक्त पंकज राय ने होटल संचालकों के साथ बैठक कर बनाई योजना

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — कुल्लू उपायुक्त पंकज राय की अध्यक्षता में शनिवार को एक बैठक का आयोजन होटल एसोसिएशन व होमस्टे संचालकों के साथ किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही लाहुल पर्यटन विजन डाक्यूमेंट 2025 की लांचिंग की जाएगी। इसके लिए सभी लोगों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। ये सुझाव लिखित रूप में कार्यालय उपायुक्त लाहुल-स्पीति को प्रेषित किए जा सकते हैं अथवा ई. मेल से भी भेजे जा सकते हैं। उपायुक्त पंकज राय ने जानकारी दी कि इस विषय पर एक बैठक तकनीकी शिक्षा मंत्री डा. रामलाल मार्कंडेय की अध्यक्षता में कुछ समय पूर्व आयोजित की गई थी। बैठक में जिला में सतत पर्यटन के विकास को लेकर विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई तथा विजन डाक्यूमेंट बनाकर जारी करने का निर्णय लिया गया।

इस डाक्यूमेंट में अगले पांच वर्षों के लिए जिला में पर्यटन के विकास के लिए किए जाने वाले कार्यों का एक खाका तैयार किया जाएगा, जिसमें सभी हितधारकों के बहुमूल्य सुझाव शामिल किए जाएंगे। इसके लिए सभी से 15 अप्रैल तक सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। राय ने ठोस कचरा निष्पादन, स्वच्छता, पार्किंग व्यवस्था, ई-हेली सेवाएं ई. लाहुल-स्पीति सेवा सहित अन्य कई महत्त्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लाहुल-स्पीति में किसी भी पर्यटन एवं व्यावसायिक गतिविधियों को आरंभ करने से पूर्व ई- लाहुल-स्पीति सेवा के माध्यम से अनुमति लेनी होगी। उसी प्रकार आगंतुकों को भी यहां ट्रैकिंग आदि के लिए ई-आगमन द्वारा अनुमति अनिवार्य होगी। बैठक में पीओआईटीडीपी रमन शर्मा, सीएमओ डा. पालजोर, डीएसपी हेमंत ठाकुर भी उपस्थित रहे।