Friday, January 22, 2021 12:03 AM

आज चंद्रग्रहण में मान्य नहीं होगा सूतक काल

ज्योतिषी विपन शर्मा बोले, कार्तिक पूर्णिमा पर इस बार बन रहे विशेष संयोग

निजी संवाददाता – जवाली

वर्ष 2020 का अंतिम चंद्रग्रहण 30 नवंबर को लगने जा रहा है। जवाली के ज्योतिषी पंडित विपन शर्मा ने बताया कि यह चंद्रग्रहण कार्तिक पूर्णिमा के दिन होने से कावऊी विशेष है। इस बार का ग्रहण वृषभ राशि में लगेगा। पंचांग के अनुसार इस दिन रोहिणी नक्षत्र रहेगा। आने वाला चंद्रग्रहण उपच्छाया मात्र होगा। कहा जाता है कि जब भी उपच्छाया ग्रहण लगता है, तो सूतक काल मान्य नहीं होता है। पूर्ण ग्रहण में सूतक काल मान्य होता है। सामान्य चंद्रग्रहण में सूतक ग्रहण से नौ घंटे पूर्व लग जाता है, जो ग्रहण समाप्ति के साथ ही खत्म होता है। मान्यता है कि किसी भी प्रकार के शुभ कार्य सूतक काल में नहीं किए जाते हैं।

इस बार 30 नवंबर को लगने जा रहे चंद्रग्रहण में सूतक काल मान्य नहीं होगा। पंडित विपन शर्मा ने बताया कि भारतीय समयानुसार चंद्रग्रहण 30 नवंबर को दोपहर एक बजकर 04 मिनट पर लगेगा, जिसमें चंद्र एक छाया से पहला स्पर्श करेगा। यह दोपहर तीन बजकर 13 मिनट पर परमग्रास चंद्रग्रहण होगा। यह शाम 05 बजकर 22 मिनट पर उपच्छाया से अंतिम स्पर्श करेगा। इस बार का चंद्रग्रहण भारत, अमरीकाए, प्रशांत महासागर, ऑस्ट्रेलिया और एशिया में देखा जा सकता है। जब चंद्रमा धरती की वास्तविक छाया पर न जाकर उसकी उपछाया से ही लौट जाती है, तो उसे उपच्छाया चंद्रग्रहण कहते हैं। इससे चांद पर धुंधली परत बन जाती है।

चंद्रग्रहण का राशियों पर प्रभाव

मेष राशि

यह ग्रहण मेष राशि के जातकों के लिए मध्यम फलदायक होगा। पराक्त्रम में वृद्धि होगी। हालांकि परिवार में किसी सदस्य को कष्ट हो सकता है। इस दौरान किसी यात्रा पर जा सकते हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए धन का नुकसान हो सकता है। इस समय आप अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें अन्यथा आपका परिवार में या बाहर लड़ाइ-झगड़ा हो सकता है। ससुराल पक्ष से संबंधों को लेकर सावधान रहें।

मिथुन राशि

चंद्रग्रहण का सबसे अधिक प्रभाव मिथुन राशि पर ही पड़ने वाला है। यह प्रभाव बहुत अच्छा नहीं होगा। हो सकता है आपको मानसिक कष्टों से गुजरना पड़े। परिवार में किसी का स्वास्थ्य भी खराब हो सकता है। परिजनों से आपका झगड़ा भी हो सकता है।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए चंद्र ग्रहण प्रभावशाली रहेगा। इसका कारण यह है कि चंद्रमा कर्क राशि का स्वामी है। ग्रहण आपके 12वें भाव में लगने जा रहा है। इसके चलते खर्च बढ़ सकते हैं। बिना किसी कारण के भी आपको यात्रा पर जाना पड़ सकता है। इससे आपको कष्ट होगा।

सिंह राशि

यह ग्रहण सिंह राशि के 11वें भाव में लगने जा रहा है। इससे आपको अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। धन प्राप्ति के योग हैं। परिवार में भी किसी से उपहार मिल सकता है। प्रेम संबंधों के लिहाज से समय अच्छा नहीं है। इसलिए लोग सावधान रहें।

कन्या राशि

कन्या राशि के लिए ग्रहण का असर मिला-जुला रहेगा। कार्यालय में अधिकारियों से सामंजस्य बना रहेगा, लेकिन परिवार में तालमेल बिगड़ सकता है। स्वास्थ्य की तरफ विशेष ध्यान दें। जहां तक मान-सम्मान की बात है, यह पहले की तरह बना रहेगा, बशर्ते वाणी पर काबू रखें।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह ग्रहण 9वें भाव में लग रहा है। इस वजह से आपके काम बिगड़ सकते हैं। पराक्रम सामान्य रहेगा। परिवार में व्यर्थ के वाद-विवाद से बचें। आपका लोगों से मतभेद हो सकता है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए यह ग्रहण अष्टम भाव में लगने जा रहा है। इससे किसी दुर्घटना का बुरा योग बन रहा है। ऐसे में इस राशि के लोग सावधानी बरतें। चंद्र ग्रहण के चलते आपके लिए धन की हानि भी हो सकती है। ऐसे में सतर्क रहें।

धनु राशि

धनु राशि के लोगों को अपने पारिवारिक जीवन में ध्यान देने की जरूरत है। ग्रहण के चलते रिश्तों पर प्रभाव पड़ेगा। यदि आप कारोबारी हैं, तो आपका अपने कारोबारी साझेदार से भी विवाद हो सकता है।

मकर राशि

मकर राशि के लिए ग्रहण अच्छा परिणाम देगा। आपके शत्रुओं से आपको निजात मिलेगी। आपके विरोध परास्त हो जाएंगे। बाहरी कोई ताकत आपका अहित नहीं कर पाएगी, लेकिन सेहत की ओर ध्यान देना होगा। पानी से होने वाले रोगों को लेकर सतर्क रहें।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के लोगों के लिए चंद्रग्रहण शुभ फलदायक है। यदि आपकी संतान पढ़ाई कर रही है तो उसे पढ़ाई में सफलता मिलेगी। प्रेम संबंधों के लिए भी समय ठीक रहेगा। हालांकि परिवार में किसी का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। इसलिए इसकी ओर ध्यान दें।

मीन राशि

यह ग्रहण मीन राशि के लोगों के लिए चौथे भाव में लगने जा रहा है। यह मिले जुले परिणाम देगा। एक तरफ आपका स्वास्थ्य गड़बड़ रहेगा, तो दूसरी तरफ आपको लेनदेन या सौदे में सफलता मिलेगी। भूमि या भवन बेचते समय ध्यान रखना होगा।

चंद्रग्रहण में उपाय

पंडित विपन शर्मा ने कहा कि मोती, चांदी, चावल, मिश्री, सफेद कपड़ा, सफेद फूल, शंख, कपूर, श्वेत चंदन, पलाश की लकड़ी, दूध, दही, चावल, घी व चीनी आदि का दान करें। चंद्रमा को मन और मां का कारक माना गया है। जन्म कुंडली में चंद्रमा जिस भाव में बैठा हो, उसके अनुसार दान-पुण्य करना शुभ होगा।

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