Sunday, October 25, 2020 01:29 AM

ताश के पत्ते फेंटते रहने से हुकुम का इक्का नहीं बन जाता जोकर…यह क्या बोल गए सुधीर शर्मा

धर्मशाला — पूर्व मंत्री एवं एआईसीसी सचिव सुधीर शर्मा ने सरकार द्वारा बार बार किए जा रहे प्रशासनिक फेरबदल पर बड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि ताश के पत्ते फेंटते रहने से जोकर, हुकुम का इक्का नहीं बन जाता। सुधीर शर्मा ने कहा है कि सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे को निशाना बना रही है। प्रजातंत्र में जनता द्वारा चुनी हुई सरकारों का यह दायित्व बनता है कि वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरें और चुनाव में किए गए वादे पूरे करें, लेकिन इससे उलट प्रदेश में भाजपा सरकार अपनी घोषणाओं को पूरा न होते देख सारा ठीकरा प्रशासनिक अधिकारियों के ऊपर थोप रही है। सुधीर शर्मा ने कहा कि सरकार यह भूल चुकी है लिए चुने हुए प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वो अधिकारियों से काम लें, लेकिन दिशाहीन सरकार यह करने में विफल रही है। जब किसी भी अधिकारी को एक पद पर थोड़ा समय भी रुकने नहीं दिया जाएगा, तो आप उसकी कार्यप्रणाली पर कैसे शक कर सकते हैं?

नगर पंचायत में शामिल करने के खिलाफ लोगों ने उठाया विरोध का झंडा
करसोग — करसोग नगर पंचायत में लगते कुछ क्षेत्र शामिल करने की बात सामने आते ही ग्रामीण लोगों ने विरोध का झंडा उठा दिया है। इसी मुद्दे पर मंगलवार को नवा गांव के कई लोगों ने तहसीलदार करसोग राजेंद्र ठाकुर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग रखी कि नवागांव को जो मुहाल नगर पंचायत में जोडऩे संबंधी अधिसूचना जारी की गई है और उसमें इतराज मांगे गए हैं, उसी को सामने रखकर संबंधित क्षेत्र के ग्रामीण अपना कड़ा रोष प्रकट करते हैं। स्पष्ट शब्दों में जिला प्रशासन से मांग रखते हैं कि उन्हें नगर पंचायत में कतई भी नहीं जोड़ा जाए। नगर पंचायत करसोग में अभी तक जो इलाका जोड़ा गया हुआ है, वहां भी असुविधा सामने देखी जा सकती है, जिसके चलते ग्रामीण लोग पहले की तरह पंचायत में ही रहना चाहते हैं। इसके चलते नवा गांव को नगर पंचायत में नहीं जोड़ा जाए और इसका विरोध जारी रहेगा।

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