Saturday, November 27, 2021 10:20 PM

नाहन में बढ़ा बंदरों का आतंक, अब 13 साल के मासूम पर किया हमला

बालक की टांग में दांत गढ़ाने से गहरे जख्म, शहर में हर रोज हो रहे हमलों से लोगों में दहशत, निजात दिलाने को गुहार सूरत पुंडीर-नाहन जिला मुख्यालय नाहन में बंदरों के आतंक ने शहर के लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आए दिन शहर में बंदरों के काटे जाने के मामले सामने आ रहे हैं तथा शहर के लोगों में दहशत है। बुधवार को फिर से जिला मुख्यालय नाहन में बंदरों ने 13 वर्षीय बालक पियूष को जबरदस्त तरीके से काट दिया। शहर में बीते 24 घंटे में बंदरों के काटे जाने की यह दूसरी घटना है। शहर का कोई ऐसा हिस्सा नहीं है जहां पर शहरवासी बंदरों के आतंक से परेशान नहीं हैं। जानकारी के मुताबिक 13 वर्षीय पियूष दोपहर के समय जब एवीएन स्कूल के समीप घर की ओर जा रहा था तो अचानक बंदरों ने उस पर हमला कर दिया तथा पियूष की एक टांग को काफी जख्मी कर दिया है। मौके पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई जिसके बाद घायल पियूष को नगर परिषद नाहन के वर्क सुपरवाइजर सुलेमान व अन्य कर्मी गौरव ने घायल बालक पियूष को मेडिकल कालेज पहुंचाया।

इससे पूर्व मंगलवार को भी नाहन शहर के जैन गली में एक महिला को बंदरों ने काट दिया था। गौर हो कि नाहन शहर में बंदरों का आतंक सबसे अधिक अप्पर स्ट्रीट, अमरपुर मोहल्ला, पूर्विया मोहल्ला, हरिपुर मोहल्ला, जैन गली, बड़ा चौक, छोटा चौक, हाथी की कब्र, कच्चा टैंक व मुख्य बाजार में बंदरों के आतंक से शहर के लोगों का जीना मुहाल हो गया है। हालत यह है कि बंदरों की भीड़ अकसर लोगों की छतों पर रहती है तथा जैसे ही बुजुर्ग महिलाओं व बच्चों के हाथ में कोई वस्तु दिखाई देती है तो बंदर अचानक उन पर हमला कर देते हैं। यहां तक कि लोगों के घरों की छत पर रखे गए पानी के टैंक के ढक्कन भी बंदरों द्वारा तोड़ दिए गए हैं। इसके अलावा लोगों के शीशे की खिड़कियां व दरवाजों को भी बंदरों द्वारा अकसर नुकसान पहुंचाया जा रहा है। गौर हो कि करीब तीन वर्ष पूर्व भी नाहन शहर के अमरपुर मोहल्ले में बंदर द्वारा छत से ईंट गिराए जाने से एक महिला की मौत हो गई थी।

यही नहीं नाहन शहर के जो खंडहरनुमा सरकारी व निजी भवन हैं बंदरों के आतंक का वह अड्डा बन चुके हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि बंदरों की समस्या को लेकर न तो नगर परिषद व जिला प्रशासन द्वारा कोई कदम उठाए जा रहे हैं न ही प्रदेश सरकार की ओर से इस दिशा में कोई कदम उठाए गए हैं। ऐसे में नाहन शहर के लोगों में खुरापाती बंदरों के आतंक से दहशत का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं क्योंकि स्कूल खुल चुके हैं ऐसे में अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अकसर चिंताएं रहती हैं। यही नहीं प्रतिदिन महिलाओं के हाथ से फल व सब्जियों के थैले बंदरों द्वारा छीनने के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। शहर के वरिष्ठ नागरिकों में शामिल नागरिक सभा नाहन के अध्यक्ष दिग्विजय गुप्ता, साईं समिति के अध्यक्ष प्रो. अमर सिंह, पर्यावरण समिति के अध्यक्ष प्रो. सुरेश जोशी आदि शहर के विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं के पदाधिकारियों का कहना है कि बंदरों की समस्या को लेकर प्रदेश सरकार को तुरंत पुख्ता कदम उठाने की आवश्यकता है। गौर हो कि इससे पूर्व भी दर्जनों बार नाहन शहर में बंदरों द्वारा लोगों को काटा जा चुका है। (एचडीएम)