Tuesday, November 30, 2021 07:59 AM

ध्वनि प्रदूषण के खतरे...

एक अध्ययन में पाया गया है कि अगर कोई व्यक्ति एक दिन में एक घंटे से ज्यादा समय तक 80 डेसीबेल्स से ज्यादा तेज आवाज में संगीत सुनता है तो उसकी सुनने की क्षमता पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इससे बहरेपन की संभावना काफी बढ़ जाती है और ईयरफोन या हैडफोन से कोई संगीत सुनता है तो और भी ज्यादा नुकसान कानों और दिमाग को हो सकता है। कुछ लोगों की आदत होती है, बेवजह हर वक्त चीख-चीखकर बोलना और शांतिमय माहौल को खराब करना। इसी तरह कुछ की आदत होती है ऊंची आवाज में म्यूजिक लगाकर संगीत-गीत सुनना और कुछेक की आदत होती है बेवजह ही गाडियों के हॉर्न बजाना। ऐसे लोगों को याद रखना चाहिए कि वो ऐसा कर ध्वनि प्रदूषण बढ़ाने में अपना योगदान देते हैं। इस पर रोक लगनी चाहिए।

-राजेश कुमार चौहान, सुजानपुर टीहरा