Sunday, May 09, 2021 07:32 PM

सवर्ण आयोग के गठन को होगी आर-पार की लड़ाई

पुलिस प्रशासन ने दी चेतावनी; कहा, नियमों की अवहेलना हुई तो होगी कार्रवाई

कार्यालय संवाददाता—बिलासपुर प्रसिद्ध शक्तिपीठ नयनदेवी जी में होटल, गेस्ट हाउस संचालक रुकने वाले हर श्रद्धालु का रिकार्ड मेटेंन करें। अन्यथा नियमों की अवहेलना पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिसके चलते सभी संचालक नियमों का पालन करें। प्रसिद्ध शक्तिपीठ नयनादेवीजी में 13 से 22 अप्रैल तक चैत्र नवरात्र मेला होंगे।

इसमें प्रदेश के अलावा अन्य बाहरी राज्यों के श्रद्धालु मां के दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। इस दौरान श्रद्धालु गेस्ट हाउस या फिर होटल में भी रुकते हैं। जिसके चलते इन श्रद्धालुओं का रिकार्ड मेंटेन करना जरूरी है। पुलिस प्रशासन की मानें तो यदि निरीक्षण के दौरान किसी तरह की कोताही पाई जाती है, तो नियमों की अवहेलना होने पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बताया जा रहा है कि कई बार लोग इस तरह की कोताही होने पर कमियों का लाभ भी उठाते हैं। आपराधिक गतिविधियों को भी बड़ी आसानी से अंजाम देते हैं। जो कि पुलिस प्रशासन के साथ ही अन्य स्थानीय लोगों के लिए समस्या पैदा करते हैं। लेकिन इस बार हर श्रद्धालु का रिकार्ड मेंटेन करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके चलते पुलिस प्रशासन ने होटल, गेस्ट हाउस, होम स्टे मालिकों को निर्देश दिए हैं कि जो भी व्यक्ति आपके होटल, गेस्ट हाउस, होम स्टे पर रुकता है उसका पहचान पत्र, आधार कार्ड की प्रति अपने पास रखना सुनिश्चित करें और होटल, गेस्ट हाउस, होम स्टे के रजिस्टर में प्रॉपर एंट्री करें। ताकि किसी भी अनहोनी के समय डाटा का प्रयोग किया जा सके। उधर, इस बारे में डीएसपी नयनादेवी अभिमन्यु ने कहा कि सभी होटल, गेस्ट हाउस, होम स्टे मालिकों को रिकार्ड मेटेंन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नियमों की अवहेलना सहन नहीं होगी।

उपायुक्त ने पशुपालन विभाग को रिपोर्ट तैयार करने के दिए निर्देश

कार्यालय संवाददाता-बिलासपुर लंबे समय से बारिश न होने के चलते इस बार किसानों को पशु चारे को लेकर समस्या झेलनी पड़ सकती है, लेकिन किसानों की इस समस्या को लेकर जिला प्रशासन भी चिंतित है। जिसके चलते जिला प्रशासन ने किसानों की समस्या के समाधान के लिए अपने स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं। सोमवार को बिलासपुर में उपायुक्त रोहित जम्वाल की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जिला में पशुओं के लिए चारे की कमी न हो इस मसले का लेकर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पर्याप्त रूप से वर्षा न होने के कारण फसलों और घास को काफी नुकसान हुआ है। जिसके कारण पशुओं के लिए चारे की कमी हो सकती है।

उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि पशु चारातुड़ी की कमी से निपटने के लिए सूखे के कारण फसलों को जो नुकसान हुआ उसका प्राक्कलन तैयार करें और उसकी रिपोर्ट भेजें। उन्होंने पशुपालन विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि जिला में पशुओं के चारे के लिए जो वास्तविक मांग है। उसकी रिपोर्ट फील्ड अधिकारियों से एकत्रित करके शीघ्र प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। बता दें कि पिछले करीब तीन माह से प्रर्याप्त बारिश नहीं हुई है जिसके चलते जिला में तमाम फसलों को नुकसान पहुंचा है। जिला में करीब साढ़े 37 करोड़ के नुकसान का अनुमान है, इसमें अकेले गेहूं की फसल को करीब 32 करोड़ का नुकसान हुआ है। करीब 80 प्रतिशत गेहूं की फसल पर्याप्त बारिश न होने के चलते प्रभावित हुई है, जिससे अब किसानों को पशुचारे की चिंता सताने लगी है। इस अवसर पर उप निदेशक पशु पालन डा. लाल गोपाल, डा. विनोद कुंदी, उपनिदेशक कृषि डा. केएस पटियाल, डीआरओ देवी राम, सहायक नियंत्रक वित्त एवं लेखा रविंद्र कुमार उपस्थित रहे।

महासभा ने बिलासपुर में बैठक कर तैयार की 20 अप्रैल के राज्य स्तरीय प्रदर्शन की रणनीति

दिव्य हिमाचल ब्यूरो—बिलासपुर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने सवर्ण आयोग के गठन की मांग को लेकर सरकार से आर-पार की लड़ाई लडऩे का मन बना लिया है। एससी एसटी व ओबीसी की तर्ज पर सवर्ण आयोग का गठन करने की मांग को लेकर 20 अप्रैल को शिमला में एक बड़ा प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है जिसमें महासभा को राष्ट्रीय जनता पार्टी सत्य का भी समर्थन प्राप्त हुआ है। महासभा का कहना है कि वह सरकार के विरोध में नहीं हैं बल्कि इस वर्ग की अनदेखी से आहत हैं और इसलिए सवर्ण आयोग का गठन करने या फिर सभी आयोगों को निरस्त कर सभी जाति वर्ग के लिए एक ही आयोग गठित करने के पक्षधर हैं। आरक्षण का आधार कोई जाति विशेष नहीं बल्कि आर्थिक होना चाहिए। महासभा के राज्य अध्यक्ष भूपेंद्र ठाकुर ने जिला परिषद हाल में आयोजित बैठक में कहा कि पिछले लंबे समय से सवर्ण आयोग के गठन की मांग को लेकर संघर्षरत हैं।

उन्होंने बताया कि शिमला में 20 अप्रैल को एक बड़ा प्रदर्शन होने जा रहा है जिसमें महासभा राज्य की जयराम सरकार के समक्ष अपनी प्रमुख मांग को प्रभावी तरीके से उठाएगी और सवर्ण आयोग के गठन को लेकर जल्द से जल्द प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया जाएगा। इस प्रदर्शन में राष्ट्रीय जनता पार्टी भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करवाएगी। उन्होंने बताया कि महासभा सरकार के खिलाफ नहीं है बल्कि गलत नीतियों का विरोध जरूर किया जाएगा। मुख्यमंत्री के प्रति किसी भी प्रकार का कोई भी द्वेष भाव नहीं है लेकिन वह सभी वर्गों के लिए एक समान अधिकार चाहते हैं। यदि सरकार सभी आयोग निरस्त कर एक ही आयोग बनाए तब तो बहुत बेहतर कदम होगा अन्यथा एससीएसटी व ओबीसी की तर्ज पर स्वर्ण आयोग का गठन करने में क्या दिक्कत है। भूपेंद्र ठाकुर ने कहा कि महासभा दलितों या इस वर्ग के उत्थान के लिए गठित आयोग के खिलाफ भी नहीं है बल्कि वह चाहते हैं कि दलितों सहित बाकी जाति वर्ग भी एक ही बैनर तले आएं और सभी के लिए एक समान अधिकार को लेकर एक ही आयोग के गठन के लिए सरकार से आग्रह किया जाए ताकि समाज में फैले भेदभाव को जड़ से खत्म किया जा सके। इस मौके पर कार्यकारी अध्यक्ष रत्न ठाकुर, प्रदेश महामंत्री विशाल और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पूर्व सदस्य बलवान ठाकुर इत्यादि मौजूद रहे।