Friday, February 26, 2021 03:07 AM

वर्कशॉप में मृत मिले तीन मैना-चार कौवे

टील में 112 वर्षीय दीनदासी ने किया मतदान, वोट देकर दिया महिला सशक्तिकरण का संदेश

कार्यालय संवाददाता — कुल्लू

पंचायती राज चुनाव में जिला कुल्लू की उम्रदराज महिलाओं ने जब मतदान केंद्रों में लाठियों और पीठ के सहारे पहुंच कर मजबूत लोकतंत्र बनाने के लिए अपना मताधिकार का प्रयोग किया तो सचमुच इन बुजुर्ग महिलाओं की इस हिम्मत ने महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया। उम्रदराज महिलाओं में पंचायजी राज चुनाव में मजबूत सरकार बनाने का खासा उत्साह दिखा। छड़ी का सहारा, धुंधली नजरें, उम्र 100 के पार और लोकतंत्र का विश्वास बुजुर्ग महिलाओं को बूथ तक ले आया। मंगलवार को मतदान करके जिला कुल्लू के लोगों ने लोकत्रंत में भागीदारी निभाकर अहम जिम्मदारी निभाई। वहीं, जहां यूथ में वोटिंग के लिए जोश था, दूसरी तरफ  शतायु यानी की 100 साल पूरा कर चुके या 100 साल से भी पार उम्र के बुजुर्गों को भी लोकतंत्र का विश्वास पोलिंग बूथ तक खींच लाया। अपने परिजनों के साथ पोलिंग बूथ पर पहुंचे बुजुर्गों ने मतदान करने में खासी उत्सुकता दिखाई।  शतक की दहलीज को सहज रूप से पार कर चुके कुल्लू जिला के बंजार उपमंडल के टील में 112 वर्षीय  दीन दासी ने अपना मतदान कर लोकतंत्र के महत्त्व का संदेश दिया। गाहर पंचायत के 103 वर्षीय तुले राम तथा बबेली वार्ड में 102 बसंत देख चुकी देहलु देवी जब मतदान केंद्र पहुंची तो हर कोई इनके हौसले को प्रणाम करता दिखाई दिया। दोनों मतदान केंद्रों में लोग कतार छोड़कर उम्रदराज तुले राम और दहेलू देवी का स्वागत करते हुए एक टक इन्हें निहारते हुए मानों कह रहे हैं काश हम भी अपनी पांच पीढि़यों को एक साथ देख सकें। तुले राम ने कहा कि उनकी तो तमन्ना थी कि बूथ पर सबसे पहले पहुंच जांऊ। उन्हें खुशी है कि वह अपने गांव के लिए पंचायत चुनने के लिए आज भी सक्षम हैं और गांव के विकास को लेकर संवेदनशील भी। देहलू देवी पंचायती राज संस्थानों में आज के दौर में महिलाओं की भूमिका को देखकर विस्मित अवश्य हो जाती है।

उनका कहना है कि पहले महिलाओं पर अनेकों पाबंदियां थीं, लेकिन आज पूरी आजादी है। मैंने पुराना वह दौर भी देखा है और अब यह दौर देख पा रही हूं। इससे बड़ी खुशी क्या हो सकती है। जिला कुल्लू की ब्राह्मण पंचायत के रोपड़ी वार्ड में 91 वर्षीय भागी देवी ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। लाठी के सहारे बुजुर्ग महिला गांव की सरकार को मजबूत बनाने के लिए वोट डालने पहुंचीं। 103 वर्षीय खेखी देवी ने मनाली में अपना मतदान किया। वहीं, इसी पंचायत में 94 साल की परसी देवी और 98 साल की हरू देवी ने भी  भी अपने मतदाधिकार का प्रयोग दूसरे चरण के चुनाव में किया। ग्राम पंचायत पारली वार्ड ठेलाबाग में 88 वर्षीय जय चंद ने वोट डाले। बटाला पंचायत के  वार्ड नंबर चार में 75 वर्षीय गुप्त राम ने वोट दिए। निरमंड के कुशवा गांव के 107 वर्षीय दूंगल राम ने भी अपना मतदाधिकार का प्रयोग किया। वहीं, वोट डालने के बाद काफी उत्साहित दिखा। वहीं, ग्राम पंचायत चनौन के वार्ड नंबर तीन में 96 वर्षीय लाल दास ने भी अपना मत डालकर लोकतंत्र का महत्त्व बताया। वहीं, 100 ऐलू राम मनाली ने भी मतदान किया। वहीं, बंजार के टील में भगत राम ठाकुर 95 वर्ष और किशन चंद ठाकुर 93 वर्ष ने भी अपना मतदान किया। बता दें कि पंचायती राज चुनाव के दूसरे चरण में काफी संख्या में 100 से अधिक उम्र के बुजुर्गों ने अपने मताधिकार का प्रयोगकर युवाओं को मजबूत लोकतंत्र के लिए मताधिकार करने का संदेश दिया।

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — कुल्लू जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त डा. ऋचा वर्मा मतदान के दिन प्रात: काल जब मतदान केंद्रों के निरीक्षण के लिए निकली तो सबसे पहले कुल्लू के शिलानाला वार्ड पहुंचीं। अभी ज्यादा लोग मतदान करने के लिए घरों से नहीं निकले थे। उपायुक्त ने बूथ का बारीकी के साथ निरीक्षण किया। पीठासीन अधिकारी व अन्य कर्मियों से बातचीत करते हुए उन्होंने लोगों के लिए सुगम मतदान की व्यवस्था सुनिश्चित बनाने को कहा। उन्होंने कर्मचारियों से इस बात पर विशेष ध्यान देने को कहा कि यदि कोई उम्रदराज मतदाता अथवा दिव्यांगजन मतदान के लिए आते हैं तो उन्हें हर संभव सुविधा प्रदान करने की कोशिश करें और सबसे पहले ऐसे मतदाताओं से मतदान करने के लिए आग्रह करें। उपायुक्त ने मतदाताओं से भी बातचीत की और उन्हें मॉस्क के उपयोग के बारे में तथा इसे पहनने के तौर-तरीकों के बारे में बताती नजर आई।

उन्होंने लोगों से कहा कि कोरोना वायरस अभी समाप्त नहीं हुआ है और बाहर घूम रहे किसी भी व्यक्ति में यह मौजूद हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि हर दूसरे व्यक्ति से कम से कम दो गज की दूरी को बनाकर रखें। उपायुक्त नेे मतदान केंद्रों में जाकर कानून व व्यवस्था का स्थिति की भी जायजा लिया। वह ड्यूटि पर तैनात प्रत्येक कर्मचारी से बातचीत करते दिखीं, ताकि उनका हौसला और मनोबल बढ़ सके। गौर रहे कि कुल्लू जिला में प्रथम चरण में प्रदेश में सर्वाधिक 84 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है। जिला में मतदाता जागरूकता अभियान कई दिनों तक चलाया गया और गांव में लोगों को मतदान करने के लिए प्रेरित किया गया। यही कारण है कि मतदान के महत्त्व को समझते हुए बड़ी संख्या में लोग मतदान के लिए घरों से निकले।

कार्यालय संवाददाता-कुल्लू

मंगलवार को कुल्लू मंडल से प्राप्त प्रस्ताव के अनुसार चंदन प्रेमी, जो भाजपा मंडल सचिव के पद पर पार्टी कार्य देख रहे थे। गत दिनों चंदन प्रेमी ने भाजपा अधिकृत प्रत्याशी ठाकुर दास के खिलाफ वार्ड-नौ से चुनाव लड़ा। चुनाव में चंदन प्रेमी विजयी घोषित हुए। इसके अपरांत चंदन प्रेमी ने नगर परिषध अध्यक्ष के चुनाव में कांग्रेस का खुलेआम समर्थन किया। इसलिए मंडल की शिकायत पर चंदन प्रेमी को प्राथमिकता सदस्यता व भारतीय जनता पार्टी से छह वर्ष के लिए निलंबित किया गया है। भाजपा की और से बाकायदा मीडिया को प्रेस नोट भी जारी किया गया। वहीं, सोशल मीडिया पर भी मंगलवार को यह प्रेस नोट खूब वायरल हुआ।

उधर, जिला भाजपा के अन्य पदाधिकारियों ने हाइकमान से उन बड़े नेताओं पर कार्रवाई की मांग की है, जिनके करीबी हर वार्ड में खड़े रहे और भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को हराने में भाजपा के लोगों का सहयोग रहा। बड़े नेताओं की गुटबाजी का शिकार यहां नगर परिषद चुनावों में भाजपा को झेलना पड़ा है। हालांकि शहर में इस बात को लेकर भी चर्चा है कि बड़े नेताओं को छोटे चुनावों  में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। शहर की जनता में भी इस बात को लेकर रोष बढ़ गया है और जनता का विश्वास भी अब इस तरह के नेताओं से उठने लगा है कि जो अपनी पार्टी के नहीं हुए वह आगे चलकर जनता की कैसे सेवा करने का वादा करेंगे। आने वाले 2022 के चुनावों में भाजपा पार्टी का क्या होगा। यह भाजपा के लिए चिंता का विषय बन गया है।

कार्यालय संवाददाता — कुल्लू

जिला कुल्लू में मंगलवार को पंचायती राज चुनाव के दूसरे चरण में 78 पंचायतों में मतदान हुआ।  बंजार ब्लॉक की 13, विकास खंड नगर की 17, कुल्लू की 26, बंजार की 13, आनी 12 और निरमंड विकास खंड में 10 पंचायतों में दूसरे चरण का चुनाव हुआ। बुजुर्गों से लेकर युवा मतदाताओं में चुनाव को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है। दस बजे तक आनी में 15.56, कुल्लू में 20.47, निरमंड में 19.5 प्रतिशत मतदान हुआ है। इसके बाद मतदान की प्रतिशतता बढ़ती गई। दोपहर के समय सबसे ज्यादा मतदाता वाली पंचायतों के पोलिंग बूथों पर मतदान करने के लिए मतदाताओं की भीड़  भी उमड़ी, लेकिन वहां तैनात पुलिस टीम के साथ-साथ अन्य कर्मचारियों ने सोशल डिस्टेंसिंग में मतदाताओं को वोट देने के लिए लाइन में खड़ा किया। बता दें कि मंगलवार को 78 पंचायतों में चुनाव हुए, जिनमें बंजार विकास खंड की दुशाहड़, चनौन, बलागाड़, शैंशर, बनोगी, कोटला, थाटीबीड़, जम्मद, पेखड़ी, शिल्ली, टील, बाहू व खाड़ागाड़ सहित 13 पंचायतों में मतदान हुआ। नगर विकास खंड की 17 पंचायतों में दूसरे चरण में चुनाव हुए।

इनमें शनाग, मनाली, कटराईं, वशिष्ठ, करजां, बड़ाग्रां, ब्राण, लरांकेलो, रूमसू, गाहर, राउगी, पूईद,  ग्राहण, तलोगी, रायसन, हुरंग व नथान। कुल्लू विकास खंड से  जिंदौड़, नलहाच, मझाट, खोखन, चौपाड़सा, माशना, ब्राह्मण, शिलानाल, खड़ीहार, बड़ाभूईन, हाट, जरड़भूट्ठी कालोनी, दियार, तलपीणी, छैंउर, दलाशनी, चौंग,मणिकर्ण, शमशी, पारली, रैला, गड़सा, बराधा,जिया, रैला-दो, व जल्लूग्रां सहित 26 पंचायतों में मतदान हुआ।  विकास खंड बंजार से बंजार खंड की दुशाहड़, चनौन, बलागाड़, शैंशर, बनोगी, कोटला, थाटीबीड़, जम्मद, पेखड़ी, शिल्ली, टील, बाहू व खाड़ागाड़ सहित 13 पंचायतों में मतदान हुआ। विकास खंड आनी से  आनी विकास खंड की फनौटी, विश्लाधार, लझेरी,पोखरी, विनन, कराणा-एक, बटाला, बुच्छैहर, शिल्ली, बैहना,नम्होंग व कुठेड सहित 12 पंचायतों में मतदान हुआ। जबकि विकास खंड निरमंड में विकास खंड निरमंड की कुशवा, ब्रौ, जगातखाना, त्वार,कोट, डीम, शिशवी, दुराह, सराहन व गमोग सहित दस पंचायतों में दूसरे चरण का मतदान हुआ।

कार्यालय संवाददाता — कुल्लू

कुल्लू नगर परिषद में जिस तरह से इस बार पार्टी समर्थित उम्मीदवारों को हराने के लिए अपनी की पार्टी के लोग लगे रहे। उसके बाद से जनता का भी विश्वास बड़े नेताओं से उठने लगा है। भाजपा हो या कांग्रेस यह बात आज जगजाहिर है कि ठीक नौ जनवरी की रात को जिस तरह से दोनों दल के उन नेताओं ने अपने लोगों को हराने के लिए हाथ मिलाया और एक-दूसरे के पक्ष में मतदान किए, जिस कारण से कहीं कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार को मुंह की खानी पड़ी तो कहीं भाजपा समर्थित उम्मीदवार जीती बाजी अपनों की गुटबाजी के चलते हार गए। हालांकि दोनों दल में किन नेताओं की किस तरह से बड़ी भूमिका रही। आज शहर का बच्चा-बच्चा भी इस बात से अवगत हो चुका है। नेताओं की आपसी रंजिश के चलते अब पंचायती राज चुनावों पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। नगर निकाय के चुनाव में खासतौर पर कुल्लू शहर में जो हुआ, उसके बाद से गांवों में भी मतदाता काफी जागरूक हो गए है, अब मतदान पार्टी को करना है या व्यक्तिविशेष के व्यवहार को देख या उसके काम हो देख।

वह समझ गए है कि मत का प्रयोग किसे करना है। अधिकतर जगह लोगों का विश्वास बड़े नेताओं के उपर से खत्म होता भी आज ग्रामीण कई क्षेत्रों में देखने को मिला।  मंगलवार को कुल्लू शहर में हुए दूसरे चरण के चुनाव में यहां कुछ ग्रामीणों ने साफ कहा कि वह व्यक्ति विशेष को देख कर मत का प्रयोग करेंगे। फिर चाहे वह प्रत्याशी किसी भी पार्टी से संबंध रखता हो। उन्हें फर्क नहीं पड़ता, क्षेत्र का विकास होना चाहिए। क्योंकि जिस तरह से इस बार के चुनाव में नेताओं ने काम करने वाले युवाओं को आगे नहीं आने दिया। इससे साफ है कि सभी नेता भी अपनी-अपनी राजनीति रोटी सेकते है। ऐसे में गांव के लोगों को राजनीति से क्या लेना देना। हम भी काम करने वाले उम्मीदवार को जीता कर आगे भेजेंगे। यही नहीं, जिन पंचायतों से युवा वर्ग चुनावी मैदान में उतरा है। वह जिस भी पार्टी समर्थित उम्मीदवार हो,  लेकिन यहां पर भी युवा के व्यवहार, उसकी काम करने की क्षमता को देख कर उसे आगे लाने की बातें कर रहे है। इससे साफ है कि बड़े नेताओं की आपसी गुटबाजी से अब जनता हताश हो चुकी है। मंगलवार को जिला कुल्लू में दूसरे चरण में भी भारी मतदान हुआ। पहले चरण में हुए मतदान में भी लोगों का उत्साह देखने वाला था। वहीं, मंगलवार को दूसरे चरण के चुनाव में दोपहर तक कीरब 65 प्रतिशत तक मतदान हो चुका था।

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — कुल्लू

प्रकृति के स्वच्छंद वातावरण में रंगमंच की विभिन्न क्रियाओं को प्रकृति की उन्मुक्ता के साथ आत्मसात करने के नवल प्रयोग की आंकाक्षाओं को मूर्त रूप पद्रान किया गया। दिल्ली निवासी रंगकर्मी एवं निर्देशक अमित तिवारी की संकल्पनाओं ने देश के विभिन्न जनपदों से आए कलाकारों के समूह को एकत्र कर प्रकृति और कलाकार के घनिष्ठ संबंध को प्रभाव प्रदान किया गया। रंगकर्म के विभिन्न आयामों को प्रायोगिक तरीकों के माध्यम से हवा, झरने, नदी,  पक्षियों, टीलों व चट्टानों को अनुभव कर अभिनय और मंचीय क्त्रियाओं के साथ जोड़कर इम्प्रोवाइजेशन कर कहानी और नाटक तैयार किए गए।

क्रिऐट रूम फॉर आर्टिस्ट की कलाकार गार्गी सूद ने यह जानकारी दी। चिडि़यों की आवाजों को संवाद संप्रेषण तथा अन्य चिन्हों के रूप में प्रयुक्त किया गया। चट्टानों और पहाड़ों को कथा वस्तु के दृश्य बंद के रूप में प्रयोग कर तत्कालीक प्रदर्शन रचा गया। कार्यक्रम के दौरान तैयार दृश्यबंद और कहानी पारंपरिक मंचों पर प्रदर्शित न कर प्रकृति की गोद में स्थित झरनों, घाटियों, पहाड़ों की तलहटी बहते हुए पानी, जंगलों और चांदनी रात के अंधेरे में प्रस्तुत करना कार्यक्रम का अद्वितीय अंग था। विभिन्न क्षेत्रों से आए रंगकर्मियों को परस्पर सांस्कृतिक आदान-प्रदान व लोकानुरंजन की पहचान को प्रबलता प्रदान करने के लिए खुली रसोई के तहत भिन्न-भिन्न प्रदेशों के पारंपरिक व्यजनों को बनाने तथा अपने क्षेत्र की कहानियों के माध्यम से अपने प्रदेश की समृद्ध संस्कृति का आदान-प्रदान किया गया।

इस कार्यशाला के तहत घाटी के सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक व ऐतिहासिक व अन्य पहलुओं पर भी जानकारी जुटाई गई। दिल्ली, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, तेलगांना, महाराष्ट्र,  राजस्थान,  उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के 14 रंगकर्मी अमित तिवारी के निर्देशन में आठ दिवसीय इस रंग कार्यशाला कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू के तीर्थन घाटी में प्रकृति और रंगमंच के रंगों को आत्मसात करते रहे। संपूर्ण कार्यशाला की रचना एवं संचालन अमित तिवारी द्वारा क्रिऐट रूम फॉर आर्टिस्ट के सहयोग से किया गया।  इस कार्यशाला कार्यक्रम के तहत रंगकर्मियों को कलाकार के रूप में नव खोजों तथा कला को और अधिक उभारने के लिए दृश्य और प्रदर्शन कलाओं का समायोजन किया गया। कार्यशाला के तहत रंगमंच नृत्य, माइम, मृदा प्रतिरूपन, योग, साधना, कविता वाचन, क्लाऊन, कठपुतली, कथावाचन तथा फिल्म निर्माण आदि विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

निजी संवाददाता — गुशैणी

उपमंडल बंजार की तीर्थन घाटी से नवगठित ग्राम पंचायत पेखड़ी के लोग आज भी सरकार की ओर से मिलने वाली कई मुलभुत सुविधाओं से वंचित हैं। नाहीं गांव के साथ बने प्राइमरी स्कूल में वर्षों बीत जाने के बाद भी आजतक पेयजल आपूर्ति नहीं हुई है। इस विद्यालय के नाहीं बूथ में आज से पहले भी कई चुनाव हो चुके हैं, लेकिन कोई भी विजेता प्रत्याशी यहां पर पड़ने वाले नौनिहालों को पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं करवा सका। इस बार भी नाहीं बार्ड के करीब 300 से अधिक मतदाता हर बार की तरह अपना वोट डाल रहे हैं, लेकिन आजतक इस स्कूल को शौचालय और स्वच्छ पेयजल की सुविधा नहीं मिल पाई है। इस स्कूल में पड़ने वाले छोटे-छोटे नौनिहाल अपने घरों से पानी की बोतलें भर कर अपने साथ ले जाते हैं। क्योंकि प्राइमरी स्कूल नाहीं में अभी तक पानी की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है।

स्थानीय लोगों प्रताप सिंह, किरत शलाठ, चुनी लाल, पेगी राम, गोपाल ठाकुर, हीरा देवी, रोशन लाल, सेस राम, सचिन, जगदीश, गीता देवी,, लोभु राम और नरेशा देवी आदि का कहना है कि ग्रामीण कई वर्षों से स्कूल और गांव में पानी की इस समस्या को झेल रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय हर पार्टी के नुमाइंदे बड़े-बड़े वादे करके चले जाते है और ये वादे सिर्फ   वादे  ही रह जाते हैं। यहां के लोग अपने स्तर पर ही कई वर्षों से करीब दो किलोमीटर दूर पैदल चलकर अपने लिए पीने के पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। इस बारे ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सेवा संकल्प के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन इस कार्य पर अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है। जल शक्ति विभाग द्वारा कुछ पाइपें गांव में पहुंचा दी गई है, जिन्हें करीब सात माह का समय हो चुका है, लेकिन स्कूल में पानी पहुंचना अभी दूर की बात है। लोगों का कहना है कि सरकार उनकी आधारभूत सुविधाओं पर शीघ्र ध्यान दे, ताकि गांव की जनता आसानी से अपना जीवनयापन कर सके।

ग्रामीणों ने विभाग को आगाह किया है कि यदि स्कूल खुलने से पहले पेयजल आपूर्ति नहीं होती तो धरना-प्रदर्शन करने से भी गुरेज नहीं किया जाएगा। जल शक्ति विभाग बंजार के सहायक अभियंता जसविंदर सिंह ठाकुर का कहना है कि नाहीं पोलिंग बूथ के लिय पानी की सप्लाई आरजी तौर पर जोड़ी गई थी। हो सकता है किसी शरारती तत्वों ने इसे बाधित किया हो फिर भी स्टाफ  के कर्मचारियों को मौका पर भेज दिया गया है, जो इसे सुचारू करेंगे। इनका कहना है कि जो पाइपें नाहीं स्कूल के लिए बिछाई जानी है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया चली हुई, जिस पर शीघ्र ही कार्य किया जाएगा।

जालंधर भेजे सैंपल; डा. नड्डा बोले, डरने की नहीं बात, कुल्लू में नहीं है बर्ड फ्लू का खतरा

कार्यालय संवाददाता — कुल्लू

पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन के उपनिदेशक डा. संजीव नड्डा ने कहा कि कुल्लू के वर्कशॉप क्षेत्र के समीप वन परिक्षेत्र अधिकारी कार्यालय एवं उसके आसपास गत सोमवार को चार कौवे तथा तीन मैना मृत पाए गए। पशुपालन विभाग एवं वन विभाग ने तुरंत कारवाई करते हुए समूचे क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सामान्य परीक्षण में बर्ड फ्लू के कोई बाहरी लक्षण नहीं पाए गए, फिर भी बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए एहतियात के तौर पर मृत पक्षियों को जांच के लिए वन्यप्राणी विभाग के माध्यम से क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशाला जालंधर भेज दिया गया है।

डा. नड्डा ने कहा कि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि उपरोक्त क्षेत्र में चार मोबाइल टावर भी स्थापित हैं और पक्षियों की मृत्यु का कारण इन टावरों से उत्सर्जित होने वाली विद्युत चुंबकीय विकिरण अथवा अन्य कारण भी हो सकता है। घरेलू कुक्कुट पक्षियों में अभी तक बर्ड फ्लू के कोई भी बाहरी लक्षण नहीं पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी निरंतर गांव-गांव जाकर इन पक्षियों का निरीक्षण कर रहे है। अतः स्थानीय लोगो से अपील की जाती है कि उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है। उपनिदेशक ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं पर कोई पक्षी मृत दिखाई दे तो तुरंत से इसकी सूचना पशु स्वास्थ्य विभाग अथवा 1077 पर करें, ताकि आवश्यक पग उठाए जा सके।