Tuesday, December 07, 2021 05:52 AM

गुणकारी है हल्‍दी

हल्दी का इस्तेमाल कई भारतीय व्यंजनों में प्रमुख रूप से किया जाता है। इसके साथ ही हल्दी में कई ऐसे गुण मौजूद होते हैं, जो हमारे शरीर की कई बीमारियों को दूर करने में असरकारी साबित हो सकते हैं। खासतौर पर हल्दी के इस्तेमाल से सूजन की परेशानी को दूर किया जा सकता है। हल्दी में करक्यूमिन नामक यौगिक मौजूद होता है, जो एक सूजन का अवरोधक माना जाता है। हल्दी न सिर्फ  ज्वाइंट्स में होने वाली सूजन, बल्कि शरीर के अलग-अलग अंगों की सूजन को दूर करने में असरकारी मानी जाती है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमंेटरी गुण मौजूद होता है, जो शरीर में होने वाले सूजन को कम करता है। साथ ही इस यौगिक से कई तरह की परेशानी जैसे अर्थराइटिस, मैटाबॉलिज्म सिंड्रोम, कोलेस्ट्रॉल लेवल और स्ट्रेस को कम करने में मदद मिलती है। आइए जानते हैं हल्दी का इस्तेमाल किन तरीकों से किया जाता है।

काली मिर्च, आलिव ऑयल और हल्दी का लेप

गठिया की समस्या से ग्रसित लोगों के हाथ-पैरों और ज्वाइंट्स में लगातार सूजन की परेशानी बनी रहती है।  ऐसे में हल्दी का लेप अच्छा होता है। हल्दी का लेप तैयार करने के लिए 1 चम्मच हल्दी पाउडर लें। इसमें 1 चुटकी काली मिर्च और आलिव ऑयल डालें। ध्यान रखें कि इसमें आपको हल्दी इतनी मात्रा में डालती है, जितनी मात्रा में यह एक गाढ़ा लेप बनकर तैयार हो जाए। अब इस लेप को अपने प्रभावित हिस्से पर लगाएं। इससे शरीर की सूजन को कम किया जा सकता है।

हल्दी और दूध

आंतरिक रूप से शरीर में होने वाली सूजन को कम करने के लिए आप हल्दी वाला दूध पी सकते हैं। हल्दी वाला दूध पीने से न सिर्फ  शरीर की सूजन को कम किया जा सकता है, बल्कि इससे स्ट्रेस भी कम होता है। साथ ही यह आपके दिमाग को शांत करके गहरी नींद लाने में मददगार हो सकती है।

सूप के रूप में

शरीर में सूजन को कम करने के लिए आप हल्दी का सेवन सूप के रूप में भी कर सकते हैं। सूप तैयार करने के लिए कच्ची हल्दी का इस्तेमाल सबसे बेहतर हो सकता है। इसके लिए आप किसी भी वेजीटेबल या फ्रूट सूप में 1 टुकड़ा कच्ची हल्दी का डाल दें। इससे आपको काफी फायदा हो सकता है।

सोंठ के साथ हल्दी

सूजन से आराम पाने के लिए सोंठ के साथ हल्दी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए हल्दी, पाठा, सोंठ, पिप्पली, छोटी कटेरी, चित्रकमूल, जीरा पाउडर और मोथा को बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण तैयार कर लें। तैयार चूर्ण का नियमित रूप से 2-2 ग्राम गुनगुने पानी के साथ सेवन करें। इससे शरीर की सूजन कम हो सकती है।