Friday, October 23, 2020 05:06 AM

Modi के निशाने पर UN, प्रधानमंत्री ने पूछा, भारत कब तक करेगा बदलाव का इंतजार

 नई दिल्ली-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएन) के 75वें सत्र को संबोधित किया। इसमें प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र के स्वरूप में बदलाव और भारत की स्थायी सदस्यता की मांग को जोरदार तरीके से उठाया, जबकि बिना नाम लिए आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान और विकास के नाम पर देशों को कर्ज में फंसाने के लिए चीन पर भी निशाना साधा। इसके अलावा उन्होंने कोरोना महामारी और न्यू इंडिया पर की भी बात की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब 22 मिनट लंबे अपने भाषण कर शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र संघ की अहमियत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले आठ-नौ महीनों से पूरा विश्व कोरोना वैश्विक महामारी से संघर्ष कर रहा है। इस वैश्विक महामारी से निपटने के प्रयासों में संयुक्त राष्ट्र कहां है? एक प्रभावशाली रिस्पांस कहां है? संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रियाओं में बदलाव, व्यवस्थाओं में बदलाव व स्वरूप में बदलाव समय की मांग है। पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र की उपलब्धियों और नाकामियों का जिक्र करते हुए कहा कि कहने को तो ठीक है कि तीसरा विश्वयुद्ध  नहीं हुआ, लेकिन इस बात को नहीं नकार सकते कि अनेक युद्ध हुए, गृहयुद्ध हुए। कितने ही आतंकी हमलों ने विश्व को थर्रा दिया। खून की नदियां बहती रहीं। इन हमलों में जो मारे गए वे भी हमारी और आपकी तरह इनसान ही थे। वे लाखों बच्चे जिन्हें दुनिया में छा जाना था, वे दुनिया छोड़कर चले गए। कितने ही लोगों को अपने जीवनभर की पूंजी गंवानी पड़ी।

उस समय और आज भी संयुक्त राष्ट्र के प्रयास क्या प्रर्याप्त थे? वहीं, पीएम मोदी ने चीन पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत जब किसी से दोस्ती का हाथ बढ़ाता है, तो किसी तीसरे के खिलाफ नहीं होती। भारत जब विकास की साझेदारी मजबूत करता है, तो उसके पीछे किसी साथी देश को मजबूर करने की सोच नहीं होती है। हम अपनी विकास यात्रा से मिले अनुभव को साझा करने में कभी पीछे नहीं रहे। माना जा रहा है कि पीएम का इशारा चीन की कर्जजाल नीति की ओर था, जिसके तहत उसने कई छोटे देशों पर पहले कर्ज लाद दिया और फिर उन्हें अपनी शर्तें मानने के लिए मजबूर कर रहा है।

उधर, पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख को दोहराते हुए कहा कि अगले साल जनवरी से भारत सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के तौर पर अपना दायित्व निभाएगा। दुनिया के अनेक देशों ने भारत पर जो अपना विश्वास जताया है, उसके लिए आभार जताता हूं। विश्व के सब से बड़े लोकतंत्र होने की प्रतिष्ठा और इसके अनुभव को हम विश्व हित के लिए उपयोग करेंगे। हमारा मार्ग जनकल्याण से जगकल्याण का है। भारत की आवाज़ हमेशा शांति, सुरक्षा, और समृद्धि के लिए उठेगी। भारत की आवाज़ मानवता, मानव जाति और मानवीय मूल्यों के दुश्मन- आतंकवाद, अवैध हथियारों की तस्करी, ड्रग्स, मनी लांड्रिंग के खिलाफ उठेगी। आतंकवाद समेत मानवता के दुश्मनों के खिलाफ अपनी आवाज उठाने में भारत कभी नहीं हिचकिचाएगा।

वैक्सीन उत्पादन से दूर करेंगे संकट

पीएम मोदी ने कहा कि महामारी के इस मुश्किल समय में भारत ने 150 देशों को जरूरी दवाएं भेजी हैं। विश्व के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक देश के तौर पर मैं वैश्विक समुदाय को आश्वासन देना चाहता हूं कि भारत की वैक्सीन उत्पादन क्षमता मानवता को इस संकट से बाहर निकालने में काम आएगी। वैक्सीन डिलिवरी के लिए कोल्ड चेन बनाने में भारत सभी की मदद करेगा।

पाक को चेतावनी, पीओके खाली करो

न्यूयार्क। भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को एकमात्र शेष विवाद करार देते हुए तल्ख भरे स्वर में पड़ोसी देश से कहा कि वह पीओके को पूरी तरह से खाली करें तथा एक सामान्य देश बनने के लिए आतंकवाद को नैतिक, वित्तीय और अन्य तरह से समर्थन देना बंद करे। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के फर्स्ट सेक्रेटरी मिजितो विनितो ने पाकिस्तान को यह हिदायत दी।

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