Tuesday, June 15, 2021 01:03 PM

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में ट्रेनी इंजीनियर की वैकेंसी

बीबीएन में चारों निर्माता कंपनियों के बाहर 24 घंटे जवान तैनात, उद्योगों के बिजली फीडरों पर भी पैनी नजर

विपिन शर्मा-बीबीएन

कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच देशभर में ऑक्सीजन की बढ़ती मांग के बीच जहां हिमाचल के ऑक्सीजन निर्माता संयंत्र निरंतर उत्पादन बढ़ाने में जुट गए है। वहीं, इन संयंत्रों की सुरक्षा व ऑक्सीजन की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। इसी कड़ी में औद्योगिक क्षेत्र बद्दी व बरोटीवाला स्थित ऑक्सीजन निर्माता चारों सयंत्रों के बाहर पुलिस कर्मियों ने मोर्चा संभाल लिया है। पुलिस कर्मी दिन-रात इन संयंत्रों के बाहर तैनात रहेंगे। बता दें कि इन चारों संयंत्रों से प्रतिदिन लगभग 100 टैंकर, ट्रक व पिकअप हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों सहित पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर के लिए ऑक्सीजन लेकर निकलते हैं। पुलिस इन संयंत्रों से ऑक्सीजन भर कर निकल रहे वाहनों को सुरक्षा घेरे के बीच रवाना कर रही है। इसके अलावा इन संयंत्रों को जिन बिजली के फीडर से बिजली आपूर्ति की जा रही है। पुलिस जवान उन इलाकों में भी निरंतर गशत कर रहे है।

यहां उल्लेखनीय है कि वर्तमान में बीबीएन क्षेत्र में इनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स, हिमालय गैसिज, इंडो गैसिज एंड अलाइड इंडस्ट्रीज तथा शिवालिक गैसिज में ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा रहा है। उत्तर भारत के सबसे बड़े तरल ऑक्सीजन निर्माता सयंत्र इनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स में प्रतिदिन 120 टन तरल ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा रहा है, जबकि हिमालय गैसिज में प्रतिदिन 3000 क्यूबिक मीटर, इंडो गैसिज एंड अलाइड इंडस्ट्रीज में प्रतिदिन 4800 क्यूबिक मीटर तथा शिवालिक गैसिज में प्रतिदिन 3600 क्यूबिक मीटर गैस ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा रहा है। हाल ही में केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के एक अनुरोध के बाद हिमाचल के तरल ऑक्सीजन के कोटा को 15 मीट्रिक टन (मीट्रिक टन) से बढ़ाकर 30 मीट्रिक टन कर दिया है। राज्य में एक तरल ऑक्सीजन निर्माता के अतिरिक्त आठ निजी उत्पादक भी राज्य को मेडिकल ऑक्सीजन मुहैया करा रहे हैं। इसके अलावा हाल ही में ऑक्सीजन निर्माण के लिए कालाअंब, कांगड़ा, बरोटीवाला और कुल्लू में चार नए लाइसेंस दिए गए हैं।

100 टैंकर-ट्रक-पिकअप से सप्लाई

एसपी बददी रोहित मालपानी ने बताया कि बीबीएन में स्थित चार ऑक्सीजन संयंत्रों से ऑक्सीजन की सुचारू आपूर्ति व 24 घंटे सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। इन संयंत्रों से प्रतिदिन लगभग 100 टैंकर, ट्रक व पिकअप बीबीएन से प्रदेश के विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्यों के लिए सप्लाई लेकर जाते है। इन संयंत्रों को जिन फीडर से बिजली आपूर्ति की जाती है, उन पर भी जवान गश्त कर रहे हैं।

केंद्रीय विद्युत मंत्रालय भी अलर्ट

पुलिस जिला प्रशासन ने भी सुरक्षित परिवहन के निर्देशों की अनुपालना सनिश्चित करते हुए चारों संयंत्रों के बाहर पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी है। यही नहीं, पुलिस कर्मी आईनॉक्स कपंनी के 132 केवी फीडर की रखवाली के लिए निरंतर गश्त कर रहे है। इस जरूरत को देखते हुए केंद्रीय विद्युत मंत्रालय भी ऑक्सीजन संयंत्रों को निर्बाध बिजली आपूर्ति हो इस संदर्भ में निरंतर निगरानी व समीक्षा कर रहा है।

12वीं की परीक्षा रद्द करने के बारे में सीबीएसई ने दी जानकारी

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने 12वीं की परीक्षा को लेकर जारी असमंजस के बीच परीक्षा की स्थिति साफ कर दी है। बोर्ड ने परीक्षा रद्द करने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि 12वीं की परीक्षाओं के बारे में अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। बोर्ड ने उन सभी रिपोट्र्स का खंडन किया है, जिनमें 12वीं की परीक्षा रद्द करने की बात कही जा रही थी। सीबीएसई ने यह साफ किया कि बोर्ड की तरफ से 12वीं कक्षा की परीक्षाओं को लेकर कोई निर्णय लिया गया है। बोर्ड के मुताबिक, 12वीं कक्षा की परीक्षाओं को लेकर किसी भी तरह की जानकारी या निर्णय के बारे में बोर्ड की तरफ से ऑफिशियल जानकारी दी जाएगी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर एक याचिका दायर की गई है। याचिका दायर करने वाली वकील ममता शर्मा का कहना है कि बोर्ड 12वीं कक्षा की परीक्षाओं के आयोजन की जगह स्टूडेंट्स का रिजल्ट घोषित करने के लिए कोई ऑब्जेक्टिव पद्धति अपनाएं।

10वीं की परीक्षाएं रद्द, 12वीं की स्थगित इस साल बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं चार से लेकर 14 जून आयोजित की जानी थी।पर कोरोना की दूसरी लहर के कारण बने हालातों को देखते हुए इन परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है। वहीं, बोर्ड ने इस साल 10वीं की परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया है। इसके बाद अब 10वीं के स्टूडेंट्स को आंतरिक मूल्यांकन के जरिए पास किया जाएगा। 10वीं कक्षा का रिजल्ट 20 जून को जारी होगा।

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने ट्रेनी इंजीनियर पदों के लिए आवेदन मांगे हैं। यहां मिल्ट्री कम्युनिकेशन एसबीयू, बंगलूर कॉम्पलेक्स के लिए कॉन्ट्रेक्ट के आधार पर ट्रेनी इंजीनियर पदों पर भर्ती निकाली गई है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार बीईएल की आधिकारिक वेबसाइट bel-india.in के माध्यम से 21 मई तक आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती अभियान के माध्यम से कुल 30 ट्रेनी इंजीनियर रिक्तियों को भरा जाएगा। इस पद पर नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों को शुरुआत में एक साल के कॉन्ट्रेक्ट पर रखा जाएगा। इसके बाद परफॉर्मेंस और जरूरत के मुताबिक कॉन्ट्रेक्ट तीन साल (ज्वॉइंगिन डेट से) के लिए बढ़ाया भी जा सकता है। बेल ट्रेनी इंजीनियर पद पर आवेदन करने के लिए मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या संस्थान से इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन, टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीई या बीटेक का 4 साल को कोर्स किया होना चाहिए। पहली अप्रैल, 2021 तक उम्मीदवार की अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष तक होनी चाहिए। हालांकि आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए सरकारी मापदंड़ों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

उम्मीदवारों को उनकी शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के आधार पर इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। केवल ई-मेल के माध्यम से चयनित उम्मीदवारों को चयन, समय और वेन्यू की तारीखें बताई जाएंगी। साक्षात्कार के लिए चुने गए उम्मीदवारों की सूची भी बीईएल वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क के रूप में 200 रुपए का भुगतान करना होगा। जबकि पीडब्ल्यूडी, एससी, एसटी कैटेगरी के उम्मीदवारों को छूट दी गई है। बीईएल ट्रेनी इंजीनियर पद पर आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट ड्ढद्गद्य-द्बठ्ठस्रद्बड्ड.द्बठ्ठ पर जाएं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा करें और एप्लीकेशन फॉर्म भरें। इसके बाद, डॉक्यूमेंट्स अपलोड करके आवेदन शुल्क का भुगतान करें और सबमिट बटन पर क्लिक करें। आपका एप्लीकेशन फॉर्म जमा हो जाएगा, आगे के लिए फॉर्म की एक हार्ड कॉपी अपने पास रख लें।