Thursday, January 21, 2021 10:59 PM

वैक्सीन कोई जादू की गोली नहीं; चेतावनी; यह मानना गलत, टीके के आने से ही खत्म हो जाएगा संकट

डब्ल्यूएचओ की चेतावनी; यह मानना गलत, टीके के आने से ही खत्म हो जाएगा संकट

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस संकट के लिए वैक्सीन कोई जादू की गोली नहीं है। संक्रमण से निपटने के लिए राष्ट्र बड़े पैमाने पर रोलआउट करते नजर आ रहे हैं। डब्ल्यूएचओ के शीर्ष स्वास्थ्य निदेशक माइकल रयान ने कहा कि टीके के आने का मतलब कोविड का पूरी तरह खत्म हो जाना नहीं है। इसे अगले साल की शुरुआत में हर कोई प्राप्त नहीं कर पाएगा। उन्होंने आगे कहा कि बेशक वैक्सीन के आ जाने से हमारी मेडिकल किट में एक प्रमुख शक्तिशाली उपकरण जुड़ गया है, लेकिन वह अकेले ही सारा काम नहीं कर पाएगी।

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डाक्टर टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने वैक्सीन को एक गहरी सुरंग से निकलती रोशनी की तरह बताया है। उन्होंने कहा कि लोगों में यह धारणा बढ़ रही है कि कोरोना वायरस खत्म हो गया है, लेकिन ऐसा नहीं है, यह अभी भी बहुत तेजी से फैल रहा है। टेड्रोस ने बैठक में यह भी कहा कि हमें तैयारियों के लिए, वैश्विक प्रणाली पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

 सितंबर में स्थापित डब्ल्यूएचओ आयोग, अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों की समीक्षा कर रहा है। डब्ल्यूएचओ कई देशों के साथ मिलकर एक पायलेट प्रोग्राम शुरू करने पर काम कर रहा है, जिसमें सभी देश अपनी स्वास्थ्य तैयारियों की नियमित और पारदर्शी समीक्षा करने के लिए सहमत हुए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि वर्तमान में 51 उम्मीदवारों की वैक्सीन इनसानों पर टेस्ट की जा रही है, जिसमें से 13 अभी फाइनल स्टेज पर पहुंच रहे हैं। बुधवार को ब्रिटेन पहला ऐसा देश बना है जिसने अपनी वैक्सीन फाइजर-बायोटेक्निक को आम लोगों पर उपयोग करने की अनुमति दी है। अमरीका भी इस महीने इसे हरी झंडी दे देगा।

टीके की 1.6 अरब खुराक खरीदने वाला सबसे बड़ा खरीददार होगा भारत

नई दिल्ली। वैश्विक विशेषज्ञों के विश्लेषण के मुताबिक भारत 1.6 अरब खुराक के साथ दुनिया में कोविड-19 टीके का सबसे बड़ा खरीददार होगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि इतने टीके से 80 करोड़ लोगों या आबादी के 60 प्रतिशत हिस्से का टीकाकरण हो जाएगा और हर्ड इम्युनिटी विकसित करने के लिए भी इतनी संख्या पर्याप्त होगी। अमरीका की ड्यूक यूनिवर्सिटी के ग्लोबल हैल्थ इनोवेशन सेंटर के मुताबिक भारत ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के टीके की 50 करोड़ खुराक, अमरीकी कंपनी नोवावैक्स से एक अरब खुराक और रूस के गमालेया रिसर्च इंस्टीच्यूट से दस करोड़ खुराक खरीदने वाला है।

 हर दो सप्ताह पर अद्यतन किए जाने वाले लांच एंड स्केल स्पीडोमीटर विश्लेषण से पता चलता है कि भारत ने तीनों टीके की 1.6 अरब खुराक खरीदने की पुष्टि की है। विश्लेषण के मुताबिक अग्रिम खरीददार के तौर पर कोविड-19 टीका खरीददारों के मामले में भारत शीर्ष पर है। इसके बाद यूरोपीय संघ है जो 1.58 अरब खुराक खरीदेगा। संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित अमरीका एक अरब से ज्यादा खुराक की खरीददारी पर मुहर लगा चुका है।

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