Saturday, August 15, 2020 04:35 PM

विरोधियों ने नहीं स्वीकारा वीरभद्र सिंह का न्योता

कुलदीप सिंह के आने से नाराज़ हुए नेता लंच के लिए नहीं पहुंचे, सुधीर शर्मा के न आने से भी उठे कई सवाल

शिमला –  वीरभद्र सिंह के विरोधी धड़े ने उनका लंच पर आने का न्योता नहीं स्वीकारा। बुजुर्ग नेता के घर पर विरोधी धड़े का एक भी नेता मौजूद नहीं था। सबसे अहम बात है कि कांगड़ा की सियासत में बड़ा नाम रखने वाले सुधीर शर्मा भी यहां नहीं आए, जबकि  पूर्व कांग्रेस सरकार में वह वीरभद्र सिंह के राइट हैंड माने जाते थे, जो अब विरोधियों के साथ मिल गए हैं। सभी की नजरें रविवार को होलीलॉज पर लगी हुई थीं, जहां देखा जा रहा था कि वीरभद्र सिंह के न्योते पर कौन-कौन नेता आएंगे। ऐसा नहीं कि नेता नहीं आए, कांग्रेस के कई नामी चेहरे यहां मौजूद थे, जो कि वीरभद्र सिंह के कट्टर समर्थक माने जाते हैं, लेकिन वे नेता नहीं आए, जो पहले से उनके विरोध में खड़े हैं और अब उन्होंने एक और नया एजेंडा पकड़ लिया है। वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह ने सभी वर्तमान कांग्रेस विधायकों व पूर्व विधायकों को यहां बुलाया था। इस लंच डिप्लोमेसी में शामिल होने के लिए विरोधी धड़े की ओर से कोई नहीं पहुंचा। यहां कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव व तेजतर्रार महिला नेत्री आशा कुमारी भी नहीं पहुंचीं, जिससे भी कई सवाल यहां खड़े हो गए। जो लोग आए थे, वे वीरभद्र सिंह के पुराने वफादारों में हैं, जिन्होंने यह मौका भी नहीं छोड़ा। वीरभद्र सिंह समेत कांग्रेस के 12 विधायक होलीलॉज में मौजूद थे, जिसमें विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री भी एक थे। मुकेश भी वीरभद्र सिंह के पुराने वफादारों में शामिल हैं, जिनके साथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर भी यहां पहुंचे हुए थे। बताया जाता है कि विरोधी धड़े ने पहले ही यह कह दिया था कि यदि कुलदीप सिंह राठौर यहां आएंगे, तो वे लोग नहीं आएंगे और बिल्कुल वैसा ही हुआ। हालांकि वीरभद्र सिंह की ओर से सामंजस्य बिठाने और आपसी सहमति बनाकर संगठन को चलाने को लेकर भी यह पहल की गई थी, लेकिन बहाना उनकी बर्थ-डे पार्टी का था। ये नेता सोशल डिस्टेंसिंग में थे, लेकिन फिर भी कुछ भीड़ लग ही गई।

मुकेश-राठौर समेत कई पहुंचे

जो लोग होलीलॉज में लंच पर मौजूद थे, उनमें विक्रमादित्य सिंह, मुकेश अग्निहोत्री, कुलदीप राठौर, विनय कुमार, सुंदर सिंह ठाकुर, नंद लाल, राजेंद्र राणा, अनिरुद्ध सिंह, पवन काजल, मोहन लाल ब्राक्टा, इंद्रदत्त लखनपाल, जगत सिंह नेगी, चंद्र कुमार, ठाकुर सिंह भरमौरी, जगजीवन पाल, राजेश धर्माणी, कुलदीप पठानिया, संजय रतन, हरीश जनारथा और हर्ष महाजन थे। कई और नेता भी यहां पहुंचे हुए थे।

यह बर्थ-डे पार्टी थी

विक्रमादित्य सिंह ने यह कहा कि राजनीतिक चर्चाओं के लिए यह आयोजन नहीं किया गया था, यह केवल बर्थ-डे पार्टी थी, क्योंकि बर्थ-डे के मौके पर कोई नहीं आ सका था। लेकिन जहां इतने नेता हों, वहां राजनीतिक चर्चा न हो, ऐसा हो नहीं सकता, यह भी उन्होंने कहा। इससे साफ है कि यहां सियासी बातें भी हुईं और वीरभद्र समर्थकों ने रणनीति बनाई।

नहीं पहुंचे ये नेता

जो नेता यहां लंच डिप्लोमेसी में शामिल होने नहीं आए, उनमें कौल सिंह ठाकुर, आशा कुमारी, जीएस बाली, सुखविंदर सिंह सुक्खू, सुधीर शर्मा, धनीराम शांडिल, रामलाल ठाकुर, हर्षवर्धन सिंह चौहान, सतपाल सिंह रायजादा, लखविंदर सिंह राणा व सुजान सिंह पठानिया शामिल हैं। इसके अलावा  इस लंच डिप्लोमेसी में वीरभद्र सिंह कांग्रेस संगठन की जड़ माने जाने वाले अग्रणी संगठनों व विभागों के नेताओं को बुलावा देना भूल गए या फिर उन्हें जानबूझकर यहां नहीं बुलाया गया, यह पता नहीं चल सका।

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