Saturday, November 27, 2021 11:28 PM

जालग में वालीबाल प्रतियोगिता का आगाज

स्थानीय उद्यमी सोनू रुकबाल ने किया शहीद मोहन सिंह की स्मृति में लगने वाले मेले का शुभारंभ

टीम—लंबागांव, जयसिंहपुर जयसिंहपुर उपमंडल के जालग में बीएसएफ के शहीद जवान एएसआई मोहन सिंह की स्मृति में हर वर्ष लगाए जाने वाले खेल मेले में वालीबाल प्रतियोगिता का शुभारंभ स्थानीय उद्यमी जो कि दिल्ली में अपना कारोबार करते है सोनू रुकबाल द्वारा किया गया। उपस्थित जनसमूह द्वारा सर्वप्रथम शहीद की याद में दो मिनट का मौन रखा गया व मुख्यातिथि ने फोटो पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। यूथ स्पोट्र्स क्लब जालग के मुख्य संयोजक ओम प्रकाश धीमान व सिरमौर कटोच ने आए हुए अतिथियों व जनता का अभिवादन किया। मुख्यातिथि ने बच्चों से खेलों में बढ़-चढ़ कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया व नशे से दूर रहने की सलाह दी।

उन्होंने स्वेच्छा से क्लब को 21000 रुपए दिए व क्लब द्वारा इस पूनीत कार्य को जारी रखने के लिए क्लब की प्रसंशा की। क्लब के प्रवक्ता दिनेश पटियाल ने अपने शहीद मोहन सिंह की जीवनी पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मोहन सिंह का जन्म जालग के लंघा गांव में स्व. पहाड़ सिंह के घर में 1953 को हुआ था। 14 मई 2002 को मोहन सिंह जब घर से छुट्टी काट कर वापस 162 बी बटालियन श्रीनगर बस में जा रहे थे उसी दिन जम्मू के कालूचक में कुछ आतंकवादियों ने हिमाचल पथ परी वहन की बस को अपहृत करने की कोशिश की तो आतंकवादियों की मंशा को भांपते हुए मोहन सिंह ने अदम्य साहस और शौर्य का परिचय देते हुए दो आतंकवादी को पूरी ताकत से जकड़ लिया था, लेकिन उसी समय तीसरे आतंकवादी ने मोहन सिंह पर पीछे पीठ से बंदूक सटाकर गोली चला दी। गोली लगने के बावजूद मोहन सिंह ने आतंकवादी को मजबूती से पकड़े रखा और दोनों आतंकियों को ढेर कर दिया, तत्पश्चात उन्होंने ने अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया। उनके असाधारण साहस ओर सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए इलाके के सभी गणमान्य लोगों ने उनके फोटो पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर वीरनारी संसार देवी के सहास को भी नमन किया। जिन्होंने अपने जीवन साथी के बाद अपने एक जवान बेटे को खोया व बेटी के दिव्यांग होने के बावजूद अपने दूसरे बेटे को देश सेवा करने के लिए सेना में भेज दिया। उनका बेटा अरुण बीएसएफ में सेवा दे रहा है। पैरामिलिट्री प्रदेश मुख्य प्रवक्ता मनवीर चंद कटोच ने मातृभूमि की रक्षा में बलिदान देने वाले शहीदों को भावीनी श्रद्धांजलि दी। प्रतियोगिता का अगाज अंडर-14 टीमों से हुआ।