Sunday, May 09, 2021 07:37 PM

हिमाचल प्रदेश में थमे निजी बसों के पहिए, जनता को झेलनी पड़ी परेशानी

अधिकतर बस ऑपरेटर हड़ताल पर, बसें न आने से जनता को झेलनी पड़ी परेशानी

टेकचंद वर्मा — शिमला

हिमाचल प्रदेश में सोमवार को निजी बसों के पहिए थम गए। अधिकतर निजी बस ऑपरेटर हड़ताल पर चले गए हैं और बसें बंद होने से प्रदेश में जनता को आवाजाही के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा। हड़ताल के चलते परिवहन सेवाओं का सारा भार एचआरटीसी पर आ गया है। हिमाचल निजी बस ऑपरेटर यूनियन द्वारा प्रदेश के अधिकतर जिलों में बसों के न चलने का दावा किया जा रहा है, मगर राजधानी शिमला में चिंतपूर्णी बस सर्विस की दो बसों सहित कांगड़ा में कुछ प्राइवेट बसें चली हैं।

बसों का संचालन बंद होने से अधिकांश क्षेत्रों में जनता को हड़ताल के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ा। हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ ने दावा किया है कि प्रदेश के अंदर 3300 निजी बसें रूट परमिट पर चलती हैं, लेकिन सोमवार को कोई भी बस रूट पर नहीं चली है। संघ के प्रदेश महासचिव रमेश कमल ने कहा है कि जिस तरह से सभी जिला की यूनियन की बैठक में तय किया गया था कि तीन मई से प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए चले जाएंगे, तो सोमवार को सभी ऑपरेटरों ने सहयोग दिया है। निजी बस ऑपरेटर संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर ने कहा है कि सरकार की नजरअंदाजी के चलते निजी बस ऑपरेटर को हड़ताल पर जाने को मजबूर होना पड़ा है। अगर सरकार ने निजी बस ऑपरेटरों की मांगों को समय रहते माना होता, तो ऑपरेटरों को हड़ताल पर जाने की नौबत नहीं आती। अगर सरकार ने जल्द निजी बस ऑपरेटरों की मांगों पर गौर नहीं किया, तो भूख हड़ताल या आमरण अनशन जैसे कदम उठाए जाएंगे। (एचडीएम)