Tuesday, June 15, 2021 11:31 AM

अब नहीं लेंगे और कोरोना मरीज, प्रिंसीपल ने स्वास्थ्य सचिव को भेजा खत

राज्य ब्यूरो प्रमुख – शिमला

मेडिकल कालेज नेरचौक ने कोरोना मरीजों की एंट्री बंद कर दी है। कालेज प्रिंसीपल ने शुक्रवार शाम स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि मौजूदा व्यवस्था के तहत अब अतिरिक्त मरीज नहीं लेंगे। नेरचौक कालेज प्रशासन के इस पत्र ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। हालांकि इस पत्र के पीछे कालेज प्रशासन ने वाजिब तर्क की दलील दी है। पत्र में कहा गया है कि ऑक्सीजन मेनीफोल्ड प्लांट से ज्यादा मरीजों को ऑक्सीजन आपूर्ति खतरनाक हो सकती है। मेनीफोल्ड प्लांट की ऑक्सीजन की मात्रा और मरीजों के ऑक्सीजन प्रेशर का संतुलन बिगड़ने से दिक्कत आ सकती है। पत्र में आगे लिखा है कि नेरचौक के साथ लगते मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को इस बारे में सतर्क कर दिया जाए। साथ ही उन्हें निर्देश जारी किए जाएं कि जब तक नेरचौक की मेनीफोल्ड कैपेसिटी नहीं बढ़ती, तब तक मरीजों को यहां रैफर न  किया जाए।

पत्र में यह भी कहा गया है कि ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी ने स्थिति का जायजा लेने के बाद अपनी सिफारिश में कहा है कि नेरचौक में अब अतिरिक्त मरीजों को भर्ती न किया जाए। इस पत्र से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि मौजूदा क्षमता से ज्यादा अब नेरचौक में मरीज भर्ती नहीं होंगे। यानी अब उपचाराधीन मरीजों के बिस्तर खाली होने पर ही नए मरीज को नेरचौक में ऑक्सीजन बेड मिलेगा। अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि नेरचौक में इस समय कुल 204 कोरोना मरीज भर्ती हैं। इस मेडिकल कालेज में दो तरह के ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए हैं। मेनीफोल्ड प्लांट में पाइपलाईन सिस्टम से मरीजों को ऑक्सीजन सप्लाई की जाती है। नेरचौक में 150 मरीजों को इस व्यवस्था के तहत ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। मेडिकल कालेज में पीएसए प्लांट भी स्थापित किया गया है। इस प्लांट के माध्यम से 54 संक्रमितों को ऑक्सीजन दी जा रही है।

स्वास्थ्य सचिव बोले

स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी का कहना है कि नेरचौक में मेनीफोल्ड ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता बढ़ाने का कार्य चल रहा है। कुछ तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए कालेज प्रशासन ने अब अतिरिक्त मरीज भर्ती न करने के लिए कहा है। बावजूद इसके मरीजों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आने देंगे और उन्हें भर्ती भी किया जाएगा।