Tuesday, April 13, 2021 09:23 AM

बरनोह में खुलेगा जोनल अस्पताल

नगर संवाददाता-ऊना सरकार ने बजट में 2555 एसएमसी अध्यापकों के साथ ५०० रुपए मानदेय में वृद्धि करके भद्दा मजाक किया हैं, जोकि बहुत ही निराशाजनक हैं। यह बात एसएमसी अध्यापक स्टेट यूनियन के मीडिया प्रभारी और ऊना यूनियन के प्रधान अनवर खान, उपप्रधान नवदीप कुमार, महासचिव चंद्रमोहन, सचिव पंकज, को-ऑर्डिनेटर एडवाइजर सतीश, मीडिया प्रभारी दिनेश, सह-सचिव मुकेश, कैशियर प्रवेश कुमारी, एडवाइजर पूनम, अंजना, मोनिका द्विवेदी ने कही।

उन्होंने कहा कि एसएमसी अध्यापकों को सरकार से उम्मीद थी कि सरकार बजट में 2555 एसएमसी अध्यापकों के लिए पीटीए, पैट, पैरा और पंजाबी व उर्दू अध्यापकों की तर्ज पर स्थाई नीति बनाएगी। लेकिन सरकार ने 500 रुपये बढ़ा कर एसएमसी अध्यापकों के साथ मजाक किया हैं। अब इसको लेकर एसएमसी अध्यापक जल्दी राज्यस्तरीय बैठक करेंगें। तथा सड़कों पर उतरने से भी परहेज नही करेंगें। एसएमसी अध्यापक पिछले 09 बर्षों से हिमाचल प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में कम वेतन और बिना किसी अवकाश के लगातार अपनी सेवाएं दे रहें हैं।

निजी संवाददाता-बरमाणा जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रकाश दरोच ने जानकारी देते हुए बताया कि लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं देने के उदे्श्य से आयुष्मान भारत के तहत 89 हैल्थ एंड वैलनेस सेंटर जिला बिलासपुर में कार्य कर रहे हैं, जिनमें 38 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व 51 उप स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर बनाया गया है। हैल्थ एंड वैलनेस सेंटर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डाक्टरों व स्वास्थ्य उप केंद्रों में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की तैनाती की गई है। इन सभी हैल्थ एंड वैलनेस सेंटरों में टेली-कंसलटेशन के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही है।

कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर टेली-कलसलटेशन के माध्यम से स्वास्थ्य उप केंद्रों से नजदीकी हेल्थ एंड वैलनेस केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डाक्टर या फिर श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कालेज नेरचैक जिला मंडी में जिस रोग से मरीज ग्रसित है उसके स्पेशलिस्ट डाक्टर को टेली-कलसलटेशन के माध्यम से उस मरीज को बैठे-बैठे ही उपचार उपलब्ध करवाया जाता है। हैल्थ एंड वैलनेस सेंटर, प्राथामिक स्वास्थ्य केंद्रों में मातृत्व स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों आदि की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

नगर संवाददाता- ऊना जिला ऊना में वरिष्ठ नागरिकों के लिए तथा किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित 45-59 आयु वर्ग के व्यक्तियों के लिए कोविड-19 टीकाकरण शुरू हो गया है। इस बारे जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रमण कुमार शर्मा ने बताया कि यह टीकाकरण अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। सीएमओ डा. रमण कुमार शर्मा ने बताया कि टीकाकरण के लिए सभी लाभार्थी मोबाइल पर आरोग्य सेतु ऐप, कोविन ऐप पर पंजीकरण करना सुनिश्चित करें। टीकाकरण के लिए 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति अपना आधार कार्ड व वोटर कार्ड साथ लेकर आएं तथा गंभीर बीमारियों से ग्रसित 45-59 वर्ष के व्यक्तियों के लिए आधार कार्ड, वोटर कार्ड के साथ-साथ चिकित्सा प्रमाण पत्र भी लाना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि 45-59 वर्ष के मधुमेह तथा उच्च रक्तचाप से ग्रसित व्यक्ति का 10 वर्ष या इससे अधिक समय से पीडि़त होने का प्रमाण पत्र मान्य होगा जो एमबीबीएस या बीएएमएस चिकित्सक द्वारा जारी किया गया हो।

उन्होंने बताया कि यह टीकाकरण क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में प्रत्येक मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार तथा पहले और तीसरे रविवार को किया जाएगा तथा जिला के सभी सिविल अस्पताल अंब, हरोली, बंगाणा, चिंतपूर्णी व गगरेट में प्रत्येक मंगलवार, शुक्रवार तथा पहले व तीसरे रविवार को किया जाएगा। जिला के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों धुसाड़ा, बसदेहड़ा, संतोषगड़, दौलतपुर चैक, दुलैहड़, कुंगड़त, भदसाली, बीटन तथा थानाकलां में प्रत्येक मंगलवार व शुक्रवार को टीकाकरण किया जाएगा। जिला के सभी 24 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा सभी 138 स्वास्थ्य उपकेंद्रों में 15 मार्च से 15 अप्रैल तक टीकाकरण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि 24 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों जिनमें चुरुडू, अकरोट, धर्मशाला महंता, चक सराए, लोहरा, शिवपुर, देहलां, बसोली, चलोला, बसाल, बढेडा राजपूता, मरवाड़ी, अमलेहड़, बाथड़ी, पालकवाह, कुठार बीत, बढेडा, पंजावर, खड्ड, सलोह, सोहारी टकोली, लठियाणी, रायपुर मैदान तथा चमियाडी में प्रत्येक मंगलवार को टीकाकरण किया जाएगा साथ में सभी 138 स्वास्थ्य उपकेंद्रों में प्रत्येक गुरुवार को टीकाकरण किया जाएगा।

कार्यालय संवाददाता- बंगाणा बंगाणा उपमंडल के तहत बल्ह खालसा गांव में ग्रामीणों ने पिकअप में खैर के मोच्छे लेकर जा रहे तीन लोगों को पकड़ा है। जबकि चार लोग चकमा देकर भागने में कामयाब हो गए। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर उक्त तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि फरार हुए वन काटुओं की तलाश आरंभ कर दी है। पुलिस ने पिकअप ट्राला व खैर की लकड़ी के 66 मोच्छे भी कब्जे में ले लिए हैं। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर तफ्तीश आरंभ कर दी है। उक्त लोग पिकअप ट्राला में 66 खैर के मोच्छे लेकर जा रहे थे। जब ग्रामीणों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर तीन लोगों को दबोच लिया, लेकिन चार लोग मौके से फरार हो गए। इसके बाद ग्रामीणों ने सूचना पुलिस व वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही पुलिस व वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई ओर कार्रवाई आरंभ की।

जब उक्त लोगों से खैर से संबंधित दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। इस पर पुलिस ने खैर की लकड़ी सहित पिकअप वाहन को कब्जे में ले लिया। वहीं आरोपियों को गिरफ्तार कर आगामी कार्रवाई आरंभ की। एसपी अर्जित सेन ठाकुर ने बताया कि पुलिस ने खैर की लकड़ी सहित तीन लोगों को पकड़ा है। फरार हुए लोगों की तलाश जारी है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।

कार्यालय संवाददाता- बंगाणा उपमंडल बंगाणा में किसानों द्वारा मलकीयत भूमि में झाडिय़ों को जलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे सरकारी जंगलों को जलने का खतरा बढ़ गया है। उपमंडल बंगाणा के रेंज आफिसर संदीप सेठी ने इस संदर्भ मे किसानों को जागरूक करने के लिए हर पंचायत में आग को बुझाना है, सरकारी संपत्ति को बचाना है कार्यक्रम की जसाना पंचायत से शुरुआत करते हुए कहा कि कोई भी किसान अपनी मलकीयत भूमि में बिना परमीशन से आग नहीं लगा सकता है। अगर किसी किसान ने बिना परमीशन से मलकीयत भूमि में आग लगाई तो उसे जुर्माना ओर सजा दोनों हो सकते है। सरकार ने दो वर्ष पूर्व ही तय किया है कि बिना परमीशन कोई भी किसान अपनी मलकीयत भूमि में आग नहीं लगा सकता है। किसानों को मलकीयत भूमि में आग लगाने के लिए बंगाणा फोरेस्ट विभाग से पहले परमीशन लेना अनिवार्य है। किसान परमीशन लेने के बाद यह भी बयान कलमबद्ध करवाएगा कि मलकीयत भूमि में आग लगाने के बाद उसे पूरी तरह से बुझायेगा ओर साथ लगती सरकारी भूमि तक आग नहीं जाए। उन्होंने कहा कि उपमंडल बंगाणा में अगर कोई बिना परमीशन आग लगाते पकड़े गए, तो उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाई भी की जाएगी। बताते चले कि उपमंडल बंगाणा में सोल्ह सिंगीधार ओर रामगढ़धार है। दोनों की लंबाई 30 से 40 किमी है और उक्त दोनों धारों में सरकार की करोड़ों की संपति भी है। लेकिन कुछ शरारती तत्व अपने फायदे के लिए पहले मलकीयत भूमि में आग लगाते है और रात के अंधेरे का फायदा उठाकर सरकारी जंगलों को आग की भेंट चढ़ा देते है।

सरकार की संपति जलखर राख बन जाती है। उसी कड़ी में फोरेस्ट विभाग बंगाणा अब सक्रिय हो गया है और किसानों को जागरूक करने के लिए हर पंचायत में जागरूक शिविरों के आयोजन भी करने जा रहा है, ताकि सरकारी भूमि के साथ साथ सरकार की संपति जलखर राख न बन जाये। बताते चले कि बीते वर्ष में भी फारेस्ट विभाग बंगाणा ने रेंज आफिसर संदीप सेठी की अध्यक्षता में उपमंडल बंगाणा की हर पंचायत में जाकर प्रतिनिधियो के साथ बैठकें करके किसानों को जागरूक किया।आग के नुक्सान के बारे में बताकर सरकार की संपति को बचाने का प्रयास किया था। वहीं, उपमंडल बंगाणा के रेंज आफिसर संदीप सेठी ने कहा कि आग नहीं लगाना है, जंगलों को बचाना है योजना के तहत जसाना ग्राम पंचायत से शुरुआत कर दी है। इस मौके पर बंगाणा उपमंडल के रेंज आफिसर संदीप सेठी, ग्राम पंचायत जसाना की प्रधान अनीता राणा, हिमफेड निदेशक चरणजीत शर्मा, सुशील रिंकू, सुशील कुमार, डिप्टी रेंज आफिसर बाल किशन शर्मा, गार्ड अंकुश ठाकुर के अलावा पंचायत के दर्जनों लोग मौजूद थे।

ऊना में कोरोन के चलेता बंद थी सेवा, लोगों को मिलेगा फायदा

दिव्य हिमाचल ब्यूरो- ऊना कोरोना काल के दौरान रद्द कर दी गई हिमाचल एक्सप्रेस रेल सेवा को सात मार्च से शुरू करने के उत्तर रेलवे के निर्णय पर हिमाचल कल्याण सभा दिल्ली ने हर्ष जताया है। सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष केएम लाल ने कहा कि कोरोना के चलते देश भर में रेल सेवाओं को रद्द कर दिया गया था। वहीं, अनलॉक के अलग-अलग चरणों में देश भर में विभिन्न रेल सेवाओं को जहां शुरू किया गया, वहीं दौलतपुर चौक से दिल्ली के मध्य चलने वाली हिमाचल एक्सप्रेस रेल सेवा को भी शुरु करने के लिए हिमाचल कल्याण सभा के प्रतिनिधिमंडल ने सभा के प्रधान दुर्गा दास डोगरा के नेतृत्व में उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक के समक्ष मांग उठाई थी।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में भारी संख्या में हिमाचली रहते है, जोकि इस रेल सेवा से आवागमन करते थे। रेल सेवा के रदद होने से उन लोगों को यातायात में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। जिसको लेकर हिमाचल कल्याण सभा ने रेलवे विभाग के समक्ष मामले को गंभीरता से उठाया था। उन्होंने कहा कि अब रेलवे इस इस रेल सेवा को सात मार्च से नियमित रुप से दौलतपुर व दिल्ली के मध्यम संचालन के निर्देश जारी कर दिए है। जिससे हिमाचल व दिल्ली में रहने वाले हिमाचलियों के अलावा अन्य प्रदेशों के यात्री भी लाभान्वित होंगे। उन्होंने इसके लिए रेलवे का आभार व्यक्त किया।

मैहतपुर में वित्त आयोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कार्यकर्ताओं को किया जागरूक

कार्यालय संवाददाता- मैहतपुर भारतीय जनता पार्टी ऊना मंडल के कार्यकर्ताओं के लिए चल रहे प्रशिक्षण शिविर के पहले शनिवार को दिन वित्त आयोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती और भाजपा के प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने कार्यकर्ताओं को एकता का पाठ पढ़ाया। भाजपा के ऊना सदर मंडल अध्यक्ष हरपाल सिंह गिल ने प्रशिक्षण शिविर की अध्यक्षता की। वर्ष 2022 में आ रहे विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने तैयारियां अभी से शुरू कर दी है। जिसके तहत पार्टी के वरिष्ठ नेता जगह-जगह कार्यकर्ताओं से मिलकर रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। इसी के चलते नगर पंचायत मैहतपुर बसदेहड़ा में कार्यकर्ताओं के लिए शनिवार को प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया।

इस मौके पर वित्त आयोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले समय में भाजपा और भी मजबूत होकर सामने आएगी। भाजपा की ताकत को उसके कार्यकर्ता हैं। भाजपा के कार्यकर्ता संगठनात्मक मूल्यों और अनुशासन के साथ आगे बढ़ते रहते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस है इस वक्त दिशा, नेता और मुद्दा विहीन हो चुकी है। कांग्रेस खुद को जनता में जिंदा रखने के लिए झूठ का सहारा ले रही है। भाजपा के कार्यकर्ताओं को कांग्रेस के इसी झूठ को जनता के बीच जाकर नकारना होगा। पार्टी के प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जमवाल ने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहते हुए कार्य करने की अपील की। आज पूर्व सीएम करेंगे कार्यकर्ताओं से संवाद भाजपा के जिला महामंत्री राजकुमार पठानिया ने कहा कि शिविर के दूसरे एवं अंतिम दिन रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करने पहुंचेंगे।

पुशपालकों को मिलेगी सुविधा, पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने जयराम सरकार के बजट को सराहा कार्यालय संवाददाता- बंगाणा ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, मत्स्य तथा पशु पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने वर्ष 2021-22 के बजट का स्वागत करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने इसमें गांव व किसान का विशेष ध्यान रखा है। वीरेंद्र कंवर ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती से 50 हजार नए किसानों को जोडऩे का लक्ष्य रखा गया है। प्राकृतिक खेती किसानों को खुशहाली की ओर ले जाने का सकारात्मक कदम है, जिसमें सभी किसानों को आगे बढ़कर लाभ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1055 करोड़ रुपए से शुरू होने जा रही जायका-2 परियोजना को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा, जिससे किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कृषि तथा बागवानी में अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए दोनों विश्वविद्यालयों को पांच करोड़ रुपए देने पर भी बधाई दी।

कंवर ने कहा कि बजट में मंडियों के विस्तारीकरण के लिए 200 करोड़ रुपए देने की घोषणा की गई है। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि बजट में प्रदेश के पशु पालकों की सुविधा के लिए तीन जोनल अस्पतालों तथा दस वैटरिनरी पोली क्लीनिकों को आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाने की घोषणा की गई है, जिसमें से एक जोनल अस्पताल कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के बरनोह में खुल रहा है। उन्होंने दूध की खरीद का मूल्य दो रुपए बढ़ाने का भी स्वागत किया। साथ ही कहा कि कांगड़ा में बायोफ्लॉक्स यूनिट के साथ-साथ 100 नई ट्राउट इकाइयों के निर्माण का प्रस्ताव किया गया है। ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि प्रदेश में निर्विरोध चुनी गई 102 ग्राम पंचायतों को 10-10 लाख रुपए देने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने सभी नवगठित पंचायतों में पंचायत घर बनाने का ऐलान किया है। यह चरणबद्ध तरीके से बनाए जाएंगे। पंचायतों में 2982 कॉमन सर्विस सेंटर बनेंगे। वीरेंद्र कंवर ने पंचायत चौकीदारों व सिलाई अध्यापिकाओं का मानदेय 300 रुपये बढ़ाने की घोषणाा का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बजट में प्रत्येक वर्ग का ध्यान रखा गया है।

बजट... किसानों-बागबानों-बेरोजगार को मिली निराशा

गगरेट। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा पेश किए गए बजट को पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार ने दिशाहीन करार दिया है। उन्होंने कहा कि बजट में किसानों, बागबानों, बेरोजगार युवाओं के लिए कुछ भी नहीं है। इस बजट के ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रदेश सरकार को प्रदेश की जनता की फिक्र नहीं है। कुलदीप कुमार ने कहा कि धीरे-धीरे प्रदेश सरकार अगले चुनाव की ओर बढ़ रही है इसलिए जनता को आशा थी कि मुख्यमंत्री अपने इस बजट में प्रदेश की जनता का ख्याल जरूर रखेंगे। चाहिए तो यह था कि प्रदेश सरकार अपने इस बजट में किसानों-बागबानों के लिए ज्यादा से ज्यादा योजनाएं लेकर आती। यही नहीं बल्कि प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है लेकिन इस बजट में बेरोजगार युवाओं के लिए भी कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले ही प्रदेश सरकार की गलत नीतियों व कोरोना वायरस के वजह से प्रदेश की अर्थव्यवस्था पटरी से हट चुकी है और इस दिशाहीन बजट से प्रदेश की अर्थव्यवस्था की और भी बुरी दशा होगी।